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होटलों, ढाबों और जलपान गृहों की हाइजीन रेटिंग कराएगा एफएसडीए
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शाहजहांपुर। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग (एफएसडीए) जनपद में खान-पान की सुविधाएं देने वाले होटलों, ढाबों और जलपान गृहों की वहां उपलब्ध सुविधाओं के साथ स्वच्छता और शुद्धता के मानकों के आधार पर हाइजीन रेटिंग कराएगा। इसके लिए भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिकरण (एफएसएसएआई) ने 48 मानक बिंदु तय करने के साथ उनके लिए 100 अंक तय किए हैं।
प्राप्तांक के आधार पर इन प्रतिष्ठानों की स्टार ग्रेडिंग की जाएगी और शत-प्रतिशत अंक पाने वाले प्रतिष्ठान को एफएसएसएआई की ओर से राइट प्लेस टू ईट (खान-पान का उचित स्थान) का प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा। जनपद में बड़े होटलों की संख्या दहाई तक सीमित है, लेकिन राजमार्गों के किनारे लगभग 60 ढाबे हैं। इसके अतिरिक्त लगभग 150 रेस्टोरेंट हैं, जबकि स्ट्रीट फूड परोसने वाले 200 अन्य प्रतिष्ठान होने का अनुमान है जो कि शहर के अंदर बाजारों से लेकर कई चौराहों और तिराहों पर कायम हैं।
चाट-पकौड़ी और चायनीज फूड के ठेलों को छोड़कर खान-पान के अधिकांश प्रतिष्ठान पहले ही एफएसडीए से बिक्री लाइसेंस ले चुके हैं, लेकिन अधिकांश प्रतिष्ठानों पर परोसी जाने वाली वस्तुएं गुणवत्तायुक्त नहीं होतीं। इसीलिए एफएसएसएआई ने स्वच्छता और शुद्धता के आधार पर उनका वर्गीकरण करने की योजना बनाई है।
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हाइजीन रेटिंग के लिए यह मानक तय हुए
एफएसएसएआई से जारी सर्कुलर के अनुसार हाइजीन रेटिंग के जो मानक तय किए हैं, उनमें 16 बिंदु प्रतिष्ठान की बनावट और वहां उपलब्ध सुविधाओं से जुड़े हैं। जैसे, वहां धूल, गंदगी और कीड़े पहुंचने की कोई संभावना नहीं हो, खिड़कियां इस तरह लगाई गई हों कि कीड़े अंदर नहीं पहुंचें और आंतरिक बनावट में किसी ऐसी चीज का इस्तेमाल नहीं किया हो जो स्वास्थ्य को हानि पहुंचाए। इन बिंदुओं के लिए 34 अंक तय किए हैं।
सुरक्षित हाथों से भोज्य पदार्थ परोसने, कच्चे माल की स्वच्छता आदि 17 बिंदुओं के लिए 36 अंक, रखरखाव और सफाई के सात बिंदुआ के लिए 16 अंक, कर्मचारियों की व्यक्तिगत स्वच्छता के चार बिंदुओं के लिए 12 अंक और कर्मचारियों के प्रशिक्षण व अभिलेखों के रखरखाव के दो मानक बिंदुओं के लिए चार अंक नियत किए हैं।
इस तरह होगी प्रतिष्ठानों की स्टार ग्रेडिंग
हाइजीन रेटिंग के फार्म प्रतिष्ठान संचालकों को स्वयं भरने होंगे। जिस प्रतिष्ठान को 20 से कम अंक मिलेंगे, उसे एक स्टार देकर यह माना जाएगा कि वहां की व्यवस्थाओं मेें तत्काल सुधार की जरूरत है। 21 से 40 अंक पाने वाले प्रतिष्ठानों को दो स्टार देकर जरूरी सुविधाओं का विस्तार करने के निर्देश दिए जाएंगे।
41 से 60 अंक पाने पर तीन स्टार वाले प्रतिष्ठानों को बेहतर और 61 से 80 अंक मिलने पर चार स्टार देकर बहुत बेहतर माना जाएगा। जिन प्रतिष्ठानों की हाइजीन रेटिंग 81 से 100 अंक तक होगी, उन्हें अत्यंत बेहतर (एक्सीलेंट) श्रेणी मेें रखकर पांच स्टार दिए जाएंगे। साथ ही ऐसे प्रतिष्ठानों को एफएसएसएआई की ओर से राइट प्लेस टू ईट का प्रमाण पत्र जारी होगा और वह इस आशय का बोर्ड भी लगाने को अधिकृत होंगे।
गुरुद्वारा कुटिया साहिब भोग योजना में पंजीकृत
एफएसडीए ने भोग योजना के अंतर्गत शहर के गुरुद्वारा कुटिया साहिब का पंजीकरण किया है। अधिकारियों के अनुसार अमृतसर का स्वर्ण मंदिर, तिरुपति तिरुमाला देवस्थानम, उड़ीसा का जगन्नाथ मंदिर आदि धार्मिक स्थल इस योजना में पंजीकृत होते हैं, जहां बड़े पैमाने पर श्रद्धालुओं को रोजाना और भोग और भोजन प्रसाद का वितरण होता है।
कुटिया साहिब गुरुद्वारा भी इसीलिए भोग योजना में शामिल किया, क्योंकि वहां प्रतिदिन सैकड़ों श्रद्धालुओं को लंगर और कड़ा प्रसाद बांटा जाता है। गुरुद्वारा प्रबंध समिति के सदस्यों और रसोइयों को स्वच्छता के बारे में विभागीय स्तर से जागरूक किया जा रहा है।
खान-पान के प्रतिष्ठानों की हाइजीन रेटिंग होने के बाद लोग घर से बाहर भोजन अथवा जलपान करने के लिए उचित स्थान का आसानी से चयन कर सकेंगे। स्टार ग्रेडिंग से पहले एक स्वतंत्र एजेंसी के माध्यम से ऐसे सभी प्रतिष्ठानों का ऑडिट कराया जाएगा, जिनके संचालक हाइजीन रेटिंग के फार्म भरकर जमा करेंगे।
-विजय कुमार वर्मा, अभिहीत अधिकारी, एफएसडीए।
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प्राप्तांक के आधार पर इन प्रतिष्ठानों की स्टार ग्रेडिंग की जाएगी और शत-प्रतिशत अंक पाने वाले प्रतिष्ठान को एफएसएसएआई की ओर से राइट प्लेस टू ईट (खान-पान का उचित स्थान) का प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा। जनपद में बड़े होटलों की संख्या दहाई तक सीमित है, लेकिन राजमार्गों के किनारे लगभग 60 ढाबे हैं। इसके अतिरिक्त लगभग 150 रेस्टोरेंट हैं, जबकि स्ट्रीट फूड परोसने वाले 200 अन्य प्रतिष्ठान होने का अनुमान है जो कि शहर के अंदर बाजारों से लेकर कई चौराहों और तिराहों पर कायम हैं।
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चाट-पकौड़ी और चायनीज फूड के ठेलों को छोड़कर खान-पान के अधिकांश प्रतिष्ठान पहले ही एफएसडीए से बिक्री लाइसेंस ले चुके हैं, लेकिन अधिकांश प्रतिष्ठानों पर परोसी जाने वाली वस्तुएं गुणवत्तायुक्त नहीं होतीं। इसीलिए एफएसएसएआई ने स्वच्छता और शुद्धता के आधार पर उनका वर्गीकरण करने की योजना बनाई है।
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हाइजीन रेटिंग के लिए यह मानक तय हुए
एफएसएसएआई से जारी सर्कुलर के अनुसार हाइजीन रेटिंग के जो मानक तय किए हैं, उनमें 16 बिंदु प्रतिष्ठान की बनावट और वहां उपलब्ध सुविधाओं से जुड़े हैं। जैसे, वहां धूल, गंदगी और कीड़े पहुंचने की कोई संभावना नहीं हो, खिड़कियां इस तरह लगाई गई हों कि कीड़े अंदर नहीं पहुंचें और आंतरिक बनावट में किसी ऐसी चीज का इस्तेमाल नहीं किया हो जो स्वास्थ्य को हानि पहुंचाए। इन बिंदुओं के लिए 34 अंक तय किए हैं।
सुरक्षित हाथों से भोज्य पदार्थ परोसने, कच्चे माल की स्वच्छता आदि 17 बिंदुओं के लिए 36 अंक, रखरखाव और सफाई के सात बिंदुआ के लिए 16 अंक, कर्मचारियों की व्यक्तिगत स्वच्छता के चार बिंदुओं के लिए 12 अंक और कर्मचारियों के प्रशिक्षण व अभिलेखों के रखरखाव के दो मानक बिंदुओं के लिए चार अंक नियत किए हैं।
इस तरह होगी प्रतिष्ठानों की स्टार ग्रेडिंग
हाइजीन रेटिंग के फार्म प्रतिष्ठान संचालकों को स्वयं भरने होंगे। जिस प्रतिष्ठान को 20 से कम अंक मिलेंगे, उसे एक स्टार देकर यह माना जाएगा कि वहां की व्यवस्थाओं मेें तत्काल सुधार की जरूरत है। 21 से 40 अंक पाने वाले प्रतिष्ठानों को दो स्टार देकर जरूरी सुविधाओं का विस्तार करने के निर्देश दिए जाएंगे।
41 से 60 अंक पाने पर तीन स्टार वाले प्रतिष्ठानों को बेहतर और 61 से 80 अंक मिलने पर चार स्टार देकर बहुत बेहतर माना जाएगा। जिन प्रतिष्ठानों की हाइजीन रेटिंग 81 से 100 अंक तक होगी, उन्हें अत्यंत बेहतर (एक्सीलेंट) श्रेणी मेें रखकर पांच स्टार दिए जाएंगे। साथ ही ऐसे प्रतिष्ठानों को एफएसएसएआई की ओर से राइट प्लेस टू ईट का प्रमाण पत्र जारी होगा और वह इस आशय का बोर्ड भी लगाने को अधिकृत होंगे।
गुरुद्वारा कुटिया साहिब भोग योजना में पंजीकृत
एफएसडीए ने भोग योजना के अंतर्गत शहर के गुरुद्वारा कुटिया साहिब का पंजीकरण किया है। अधिकारियों के अनुसार अमृतसर का स्वर्ण मंदिर, तिरुपति तिरुमाला देवस्थानम, उड़ीसा का जगन्नाथ मंदिर आदि धार्मिक स्थल इस योजना में पंजीकृत होते हैं, जहां बड़े पैमाने पर श्रद्धालुओं को रोजाना और भोग और भोजन प्रसाद का वितरण होता है।
कुटिया साहिब गुरुद्वारा भी इसीलिए भोग योजना में शामिल किया, क्योंकि वहां प्रतिदिन सैकड़ों श्रद्धालुओं को लंगर और कड़ा प्रसाद बांटा जाता है। गुरुद्वारा प्रबंध समिति के सदस्यों और रसोइयों को स्वच्छता के बारे में विभागीय स्तर से जागरूक किया जा रहा है।
खान-पान के प्रतिष्ठानों की हाइजीन रेटिंग होने के बाद लोग घर से बाहर भोजन अथवा जलपान करने के लिए उचित स्थान का आसानी से चयन कर सकेंगे। स्टार ग्रेडिंग से पहले एक स्वतंत्र एजेंसी के माध्यम से ऐसे सभी प्रतिष्ठानों का ऑडिट कराया जाएगा, जिनके संचालक हाइजीन रेटिंग के फार्म भरकर जमा करेंगे।
-विजय कुमार वर्मा, अभिहीत अधिकारी, एफएसडीए।