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Shahjahanpur News: प्रधानाचार्य सहित तीन लोगों पर धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज
Thu, 07 Dec 2023 12:46 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
Updated Thu, 07 Dec 2023 12:46 AM IST
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पुवायां। असिस्टेंट स्काउट मास्टर पद के लिए नौकरी दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी के आरोप में पुवायां के मोहल्ला आनंद वाटिका निवासी वेदप्रकाश पांडे ने कॉलेज के प्रधानाचार्य सहित तीन लोगों पर रिपोर्ट दर्ज कराई है।
वेदप्रकाश पांडे की ओर से दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि भारत स्काउट गाइड फेडरेशन इंडिया के नाम से प्रकाशित एक विज्ञापन के आधार पर उन्होंने अपने पुत्र उपेंद्र पांडे का असिस्टेंट स्काउट मास्टर पद के लिए आवेदन कराया था। आवेदन के बाद तिलहर के गांव जन्यूरी निवासी रतीराम वर्मा उनके घर आए और फेडरेशन का स्टेट को-ऑर्डिनेटर बताते हुए उपेंद्र के प्रशिक्षण के लिए 46,500 रुपये का भुगतान करने के लिए कहा। रतीराम के बताए फेडरेशन के नागपुर के नाम-पते पर उन्होंने डिमांड ड्राफ्ट बनवाकर दे दिया। कोविड के कारण उपेंद्र को ऑनलाइन ट्रेनिंग दी गई और प्रमाणपत्र भी दिया गया। इसके बाद 21 फरवरी 2022 को उपेंद्र को पुवायां के रानी लक्ष्मीबाई कन्या इंटर कॉलेज में असिस्टेंट स्काउट मास्टर पर प्रधानाचार्य जगपाल वर्मा ने ज्वाइनिंग भी करा दी। 26 फरवरी 2022 को रतीराम वर्मा एक अन्य व्यक्ति के साथ उनके घर आए और उपेंद्र को परिषदीय स्कूल में सेटल कराने की बात कहते हुए 70 हजार और 60 हजार रुपये ले गए। रानी लक्ष्मीबाई कन्या इंटर कॉलेज से उपेंद्र को बैंक खाते में दो बार में 15-15 हजार रुपये वेतन के रूप में भी दिया गया। बाद में नौ महीने तक फेडरेशन और कॉलेज ने वेतन नहीं दिया। प्रधानाचार्य वेतन देने से साफ मना कर रहे हैं। बाद में उनको जानकारी हुई कि वह और उनका पुत्र धोखाधड़ी और कूटरचित दस्तावेजों का शिकार हो गए हैं। इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार राय ने बताया कि तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर जांच की जा रही है। रतीराम वर्मा का पक्ष जानने के लिए मोबाइल पर कॉल की गई लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं की। जगपाल वर्मा भी कॉलेज से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ले चुके हैं।
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उपेंद्र मेरे पास फेडरेशन का पत्र लेकर आए थे। बताया कि वह असिस्टेंट स्काउट मास्टर के पद पर चुुने गए हैं। उपेंद्र ने बताया था कि उनको वेतन फेडरेशन से मिलेगा। मैंने उनको अवैतनिक रूप से कार्य करने के लिए रखा है। इस मामले में मेरा कोई रोल नहीं है। मुझे गलत नामजद किया गया है।
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जगपाल वर्मा, पूर्व प्रधानाचार्य रानी लक्ष्मीबाई कन्या इंटर कॉलेज, पुवायां
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वेदप्रकाश पांडे की ओर से दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि भारत स्काउट गाइड फेडरेशन इंडिया के नाम से प्रकाशित एक विज्ञापन के आधार पर उन्होंने अपने पुत्र उपेंद्र पांडे का असिस्टेंट स्काउट मास्टर पद के लिए आवेदन कराया था। आवेदन के बाद तिलहर के गांव जन्यूरी निवासी रतीराम वर्मा उनके घर आए और फेडरेशन का स्टेट को-ऑर्डिनेटर बताते हुए उपेंद्र के प्रशिक्षण के लिए 46,500 रुपये का भुगतान करने के लिए कहा। रतीराम के बताए फेडरेशन के नागपुर के नाम-पते पर उन्होंने डिमांड ड्राफ्ट बनवाकर दे दिया। कोविड के कारण उपेंद्र को ऑनलाइन ट्रेनिंग दी गई और प्रमाणपत्र भी दिया गया। इसके बाद 21 फरवरी 2022 को उपेंद्र को पुवायां के रानी लक्ष्मीबाई कन्या इंटर कॉलेज में असिस्टेंट स्काउट मास्टर पर प्रधानाचार्य जगपाल वर्मा ने ज्वाइनिंग भी करा दी। 26 फरवरी 2022 को रतीराम वर्मा एक अन्य व्यक्ति के साथ उनके घर आए और उपेंद्र को परिषदीय स्कूल में सेटल कराने की बात कहते हुए 70 हजार और 60 हजार रुपये ले गए। रानी लक्ष्मीबाई कन्या इंटर कॉलेज से उपेंद्र को बैंक खाते में दो बार में 15-15 हजार रुपये वेतन के रूप में भी दिया गया। बाद में नौ महीने तक फेडरेशन और कॉलेज ने वेतन नहीं दिया। प्रधानाचार्य वेतन देने से साफ मना कर रहे हैं। बाद में उनको जानकारी हुई कि वह और उनका पुत्र धोखाधड़ी और कूटरचित दस्तावेजों का शिकार हो गए हैं। इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार राय ने बताया कि तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर जांच की जा रही है। रतीराम वर्मा का पक्ष जानने के लिए मोबाइल पर कॉल की गई लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं की। जगपाल वर्मा भी कॉलेज से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ले चुके हैं।
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उपेंद्र मेरे पास फेडरेशन का पत्र लेकर आए थे। बताया कि वह असिस्टेंट स्काउट मास्टर के पद पर चुुने गए हैं। उपेंद्र ने बताया था कि उनको वेतन फेडरेशन से मिलेगा। मैंने उनको अवैतनिक रूप से कार्य करने के लिए रखा है। इस मामले में मेरा कोई रोल नहीं है। मुझे गलत नामजद किया गया है।
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जगपाल वर्मा, पूर्व प्रधानाचार्य रानी लक्ष्मीबाई कन्या इंटर कॉलेज, पुवायां