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फर्जीवाड़ा : पुवायां में 52 स्थानों पर बैठकर बना डाले 5744 बिजली बिल
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पुवायां। बिजली बिलों में मीटर रीडरों ने मनमानी कर एक ही स्थान पर बैठकर कैलकुलेटर से रीडिंग के फोटो लेकर मनमाने बिजली बिल बना डाले। फर्जीवाड़ा पकड़ में आने के बाद घोटाले की परत दर परत खुल गई। एक मशीन से एक ही स्थान पर अधिकतम 674 तक बिल बनाए गए हैं। कुल 52 स्थानों पर 5744 बिल बनाने का मामला अब तक की जांच में सामने आया है।
काफी समय से उपभोक्ता बिजली बिलों में गड़बड़ी की शिकायत कर रहे थे। बिलिंग का कार्य मैसर्स वैभू इंफ्राटैक प्राइवेट लिमिटेड की ओर से कराया गया था। अधिशासी अभियंता पुनीत कुमार निगम ने पुवायां के उपखंड अधिकारी राजू कुमार, सिंधौली के जेई दिनेश कुमार, मीटर रीडर सोमदेव मिश्रा के साथ पांच नवंबर को शिकायतों की स्थलीय जांच की थी। दस नवंबर को उपखंड अधिकारी ने जांच रिपोर्ट दी।
सिंधौली के गांव लधौली के नौ बिजली उपभोक्ता अरुण सिंह, अवनीश, शिवकुमार, शकुंतला, राजकुमार, जशोदा, रामप्रताप, लज्जवती, नन्हें खां के मीटर में दर्ज बिलिंग और मीटर रीडर की ओर से दर्शाई गई बिलिंग में काफी अंतर पाया गया। बिलों की जांच में पता चला कि मीटर रीडर सोमदेव मिश्रा ने मीटर के डिस्प्ले की जगह कैलकुलेटर के डिस्प्ले काे रखकर रीडिंग की है। कैलकुलेटर स्पष्ट दिखने के बाद भी कंपनी के पुवायां के बिलिंग सुपरवाइजर, शाहजहांपुर के सर्किल सुपरवाइजर और बरेली के जोनल सुपरवाइजर ने कार्रवाई नहीं की जिससे स्पष्ट है कि फर्जी बिलिंग का काम मिलीभगत से हो रहा था।
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जांच में पाया गया है कि मशीन आईडी वीआईआईपीएल 01187 से एक ही स्थान पर 674, मशीन आईडी वीआईआईपीएल 01167 से एक ही स्थान पर 551, मशीन आईडी वीआईआईपीएल 01162 से एक ही स्थान पर 326 बिल बनाए गए। पुवायां के अधिशासी अभियंता पुनीत कुमार निगम के अनुसार फर्जी बिलिंग से दो नुकसान हुए। एक तो ज्यादा बिल मिलने पर उपभोक्ता बिल जमा करने से कतराता है और दूसरी बिल जमा न होने से विभाग को राजस्व की हानि होती है।
उन्होंने अधीक्षण अभियंता को जांच रिपोर्ट भेजकर कंपनी को मीटर रीडर सोमदेव मिश्रा की सेवा समाप्त करने और रिपोर्ट दर्ज कराने, बढ़ी संख्या में टेबल बिलिंग के लिए पुवायां के बिलिंग सुपरवाइजर, शाहजहांपुर के सर्किल सुपरवाइजर और बरेली के जोनल सुपरवाइजर के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की है।
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जांच आगे बढ़ी तो और भी पाए जाएंगे फर्जी बिल
बंद कमरों में बैठकर फर्जी बिलिंग के मामले में व्यापक जांच हुई तो बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आ सकता है। लगभग सभी बिजली उपकेंद्रों पर बिल सही कराने के लिए उपभोक्ताओं की भीड़ रहती है और उपभोक्ता मीटर का जो वीडियो बनाकर लाते हैं, उसमें और बिल की रीडिंग में अंतर भी मिलता है। अधिकारी वीडियो के आधार पर बिल सही करा देते हैं, लेकिन फर्जीवाड़ा करने वाले मीटर रीडरों पर कार्रवाई नहीं की जाती है।
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अधिकारियों से पत्राचार किया गया है। बिलिंग कंपनी के लापरवाही कर्मियों पर कार्रवाई और रिपोर्ट दर्ज कराने की संस्तुति की गई है। कंपनी कार्रवाई नहीं करती है तो आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- पुनीत कुमार निगम, अधिशासी अभियंता, विद्युत वितरण खंड पुवायां
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काफी समय से उपभोक्ता बिजली बिलों में गड़बड़ी की शिकायत कर रहे थे। बिलिंग का कार्य मैसर्स वैभू इंफ्राटैक प्राइवेट लिमिटेड की ओर से कराया गया था। अधिशासी अभियंता पुनीत कुमार निगम ने पुवायां के उपखंड अधिकारी राजू कुमार, सिंधौली के जेई दिनेश कुमार, मीटर रीडर सोमदेव मिश्रा के साथ पांच नवंबर को शिकायतों की स्थलीय जांच की थी। दस नवंबर को उपखंड अधिकारी ने जांच रिपोर्ट दी।
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सिंधौली के गांव लधौली के नौ बिजली उपभोक्ता अरुण सिंह, अवनीश, शिवकुमार, शकुंतला, राजकुमार, जशोदा, रामप्रताप, लज्जवती, नन्हें खां के मीटर में दर्ज बिलिंग और मीटर रीडर की ओर से दर्शाई गई बिलिंग में काफी अंतर पाया गया। बिलों की जांच में पता चला कि मीटर रीडर सोमदेव मिश्रा ने मीटर के डिस्प्ले की जगह कैलकुलेटर के डिस्प्ले काे रखकर रीडिंग की है। कैलकुलेटर स्पष्ट दिखने के बाद भी कंपनी के पुवायां के बिलिंग सुपरवाइजर, शाहजहांपुर के सर्किल सुपरवाइजर और बरेली के जोनल सुपरवाइजर ने कार्रवाई नहीं की जिससे स्पष्ट है कि फर्जी बिलिंग का काम मिलीभगत से हो रहा था।
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जांच में पाया गया है कि मशीन आईडी वीआईआईपीएल 01187 से एक ही स्थान पर 674, मशीन आईडी वीआईआईपीएल 01167 से एक ही स्थान पर 551, मशीन आईडी वीआईआईपीएल 01162 से एक ही स्थान पर 326 बिल बनाए गए। पुवायां के अधिशासी अभियंता पुनीत कुमार निगम के अनुसार फर्जी बिलिंग से दो नुकसान हुए। एक तो ज्यादा बिल मिलने पर उपभोक्ता बिल जमा करने से कतराता है और दूसरी बिल जमा न होने से विभाग को राजस्व की हानि होती है।
उन्होंने अधीक्षण अभियंता को जांच रिपोर्ट भेजकर कंपनी को मीटर रीडर सोमदेव मिश्रा की सेवा समाप्त करने और रिपोर्ट दर्ज कराने, बढ़ी संख्या में टेबल बिलिंग के लिए पुवायां के बिलिंग सुपरवाइजर, शाहजहांपुर के सर्किल सुपरवाइजर और बरेली के जोनल सुपरवाइजर के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की है।
जांच आगे बढ़ी तो और भी पाए जाएंगे फर्जी बिल
बंद कमरों में बैठकर फर्जी बिलिंग के मामले में व्यापक जांच हुई तो बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आ सकता है। लगभग सभी बिजली उपकेंद्रों पर बिल सही कराने के लिए उपभोक्ताओं की भीड़ रहती है और उपभोक्ता मीटर का जो वीडियो बनाकर लाते हैं, उसमें और बिल की रीडिंग में अंतर भी मिलता है। अधिकारी वीडियो के आधार पर बिल सही करा देते हैं, लेकिन फर्जीवाड़ा करने वाले मीटर रीडरों पर कार्रवाई नहीं की जाती है।
अधिकारियों से पत्राचार किया गया है। बिलिंग कंपनी के लापरवाही कर्मियों पर कार्रवाई और रिपोर्ट दर्ज कराने की संस्तुति की गई है। कंपनी कार्रवाई नहीं करती है तो आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- पुनीत कुमार निगम, अधिशासी अभियंता, विद्युत वितरण खंड पुवायां