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Shahjahanpur News: भीषण टक्कर के बाद 45 मिनट तक ठप रहा रेल संचालन, कई ट्रेनें रुकीं
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शाहजहांपुर। रोजा जंक्शन के पॉवर केबिन के पास रेलवे क्रॉसिंग पर गरीब रथ एक्सप्रेस से बाइक टकराने के बाद करीब 45 मिनट तक डाउनलाइन पर रेल संचालन ठप रहा। इस दौरान कई ट्रेनों को रोका गया। शवों को रेलवे लाइन से हटाने के बाद रेल संचालन बहाल हो सका।
शाम करीब 6:10 बजे तेज रफ्तार गरीब रथ एक्सप्रेस की चपेट में आकर बाइक के परखचे उड़ गए। इसके पार्ट इंजन में करीब दो सौ मीटर तक घिसटते चले गए। इससे गरीब रथ एक्सप्रेस का प्रेशर पाइप फट गया। हादसे के बाद लोको पायलट ने पॉवर केबिन व कंट्रोल को पूरी जानकारी दी, साथ ही प्रेशर पाइप को ठीक किया।
बताते हैं कि टक्कर इतनी जबर्दस्त थी कि प्लेटफॉर्म पर ट्रेनों का इंतजार कर रहे लोग दौड़कर मौके पर पहुंच गए। इसके चलते बरेली बनारस एक्सप्रेस को आउटर पर करीब 35 मिनट तक खड़ा रखा गया। उसके पीछे मुगलसराय एक्सप्रेस खड़ी रही। करीब 45 मिनट के बाद ट्रेन को रवाना किया गया।
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ट्रेन को देखकर आवाज लगाई, पर शोर में सुन नहीं पाए बाइक सवार
लखनऊ के रहने वाले राहुल कुमार बनके गांव में पीएचसी पर कार्यरत हैं। वह घर जाने के लिए बरेली-बनारस एक्सप्रेस का रोजा रेलवे स्टेशन पर इंतजार कर रहे थे। राहुल ने बताया कि ट्रेन आने पर बाइक सवार को पटरी पर देखकर आवाज लगाई थी, लेकिन उनकी आवाज ट्रेन के शोर में नहीं सुनाई दी और हादसा हो गया।
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पांच मौतों के बाद बंद कराई गई क्राॅसिंग, मंडल स्तर पर होगी जांच
तीन महीने पहले शंटिंग पोर्टर की बेटी की ट्रेन से कटकर हुई थी मौत
शाहजहांपुर। रेलवे क्रॉसिंग पर हुए हादसे के बाद रेलवे अफसरों ने संज्ञान लेते हुए क्रॉसिंग को तुरंत ही दोनों तरफ से एंगल लगाकर बंद करा दिया गया। पूरे मामले की जांच मंडल स्तर से गठित कमेटी करेगी। उसके बाद जिम्मेदारी भी तय की जाएगी।
लखनऊ-दिल्ली रेल खंड व सीतापुर ब्रांच लाइन पर अधिकतर मानव रहित क्राॅसिंग को रेलवे ने बंद करा दिया है। हादसे का प्रमुख केंद्र बने गोविंदगंज रेलवे फाटक पर दीवार खड़ी कर दी गई, जिससे लोग रेलवे लाइन पार नहीं कर सके, लेकिन, पॉवर केबिन के सामने बने मानव रहित रेलवे क्रॉसिंग की ओर ध्यान नहीं दिया गया।
रेलवे के कर्मचारियों की आवाजाही के लिए बनी क्रॉसिंग पर आमजन भी निकलते है। पक्की रोड से रेलवे लाइन के बीच होकर गुजरना होता है। इसी क्रॉसिंग पर तीन महीने पहले शंटिंग पोर्टर राजेश्वर की बेटी पूजा की ट्रेन से कटकर मौत हुई थी। तब भी अफसरों ने संज्ञान नहीं लिया। बुधवार की शाम को दो बच्चों समेत पांच लोगों की ट्रेन की चपेट में आकर मौत होने के बाद रेलवे के उच्चाधिकारियों ने संज्ञान लिया।
हादसे के तीन घंटे के अंतराल में रेलवे क्रॉसिंग पर दोनों ओर लोहे के एंगल लगाकर बंद कर दिया गया। रेलवे ने भी हादसे की जांच के लिए मंडल स्तर से कमेटी का गठन कर दिया है। टीम यहां आकर पूरी पड़ताल कर अपनी रिपोर्ट डीआरएम को देगी। उसके बाद जिम्मेदारी तय की जाएगी।
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डीआरएम के आने की सूचना के बाद अफसरों ने दिखाई तेजी
हादसे के बाद रेलवे का संबंधित विभाग अपनी जिम्मेदारी लेने से बचता रहा। उसके बाद डीआरएम के आने की सूचना मिली तो अफसरों ने तेजी दिखाई और क्रॉसिंग को बंद करा दिया। इससे पहले कई बार रेल यूनियन समेत अन्य विभाग भी इसे लेकर मांग उठाते रहे, लेकिन अफसरों ने संज्ञान नहीं लिया।
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वर्ष 2019 में ट्रेन की चपेट में आने से हुई थी छह लोगों की मौत
रोजा और शाहजहांपुर रेलवे स्टेशन के बीच मोक्षधाम के पास रेलवे पुल के ऊपर वर्ष 2019 में बड़ा ट्रेन हादसा हुआ था। घने कोहरे में पुल को पार करते समय तेज गति से आई ट्रेन से बच्चों समेत छह लोगों की ट्रेन से कटकर मौत हुई थी।
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मामले की मंडल स्तर से जांच की जाएगी। पूरी सुरक्षा के लिए जांच के बाद उचित निर्देश दिए जाएंगे।
- आदित्य गुप्ता, सीनियर डीसीएम, मुरादाबाद
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बजती रही मोबाइल की घंटी, उठाने वालों की जिंदगी हो चुकी थी शांत
शाहजहांपुर। रोजा में बुधवार शाम रेलवे क्राॅसिंग पर हुए हादसे के बाद से लगातार सेठपाल, हरिओम व पूजा के मोबाइल की घंटी हादसास्थल से पोस्टमॉर्टम हाउस तक बचती रहीं, लेकिन कॉल करने वालों को क्या पता था कि उन्हें उठाने वाले मौत की नींद सो चुके थे। रात करीब साढ़े नौ बजे के बाद पोस्टमॉर्टम हाउस पर मृतकों के मोबाइल की घंटी शांत हुई।
लखीमपुर खीरी जिले के उचौलिया में रहने वाले लोकेश कुमार को बुधवार शाम रिश्तेदार हरिओम की मौत की सूचना मिली। वह उस समय शाहजहांपुर में ही थे। वह अपनी बाइक से तुरंत अपने साथी के साथ पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंचे। इस दौरान पहुंची एंबुलेंस से उतरे हरिओम के शव को देखते ही लोकेश के कदम लड़खड़ा गए। उनकी आंख से आंसू बहने लगे। उन्हें उनके साथी ने संभाला और खुद बाइक चलाकर उन्हें ले गया। इसके बाद रात करीब पौने दस बजे आरसी मिशन के रेती मोहल्ले के रहने वाले सेठपाल के मौसेरे चाचा अशर्फीलाल अपने बेटे के साथ पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंचे। वह भी खत्म पांच जिंदगी को देख सदमे में आ गए। पुलिस की पूछताछ के दौरान उनकी जुबान लड़खड़ा गई। अशर्फीलाल ने सेठपाल के भाई ब्रह्मपाल को सूचना देकर सीधा जीआरपी थाने पहुंचने के लिए कहा।
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शाम करीब 6:10 बजे तेज रफ्तार गरीब रथ एक्सप्रेस की चपेट में आकर बाइक के परखचे उड़ गए। इसके पार्ट इंजन में करीब दो सौ मीटर तक घिसटते चले गए। इससे गरीब रथ एक्सप्रेस का प्रेशर पाइप फट गया। हादसे के बाद लोको पायलट ने पॉवर केबिन व कंट्रोल को पूरी जानकारी दी, साथ ही प्रेशर पाइप को ठीक किया।
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बताते हैं कि टक्कर इतनी जबर्दस्त थी कि प्लेटफॉर्म पर ट्रेनों का इंतजार कर रहे लोग दौड़कर मौके पर पहुंच गए। इसके चलते बरेली बनारस एक्सप्रेस को आउटर पर करीब 35 मिनट तक खड़ा रखा गया। उसके पीछे मुगलसराय एक्सप्रेस खड़ी रही। करीब 45 मिनट के बाद ट्रेन को रवाना किया गया।
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ट्रेन को देखकर आवाज लगाई, पर शोर में सुन नहीं पाए बाइक सवार
लखनऊ के रहने वाले राहुल कुमार बनके गांव में पीएचसी पर कार्यरत हैं। वह घर जाने के लिए बरेली-बनारस एक्सप्रेस का रोजा रेलवे स्टेशन पर इंतजार कर रहे थे। राहुल ने बताया कि ट्रेन आने पर बाइक सवार को पटरी पर देखकर आवाज लगाई थी, लेकिन उनकी आवाज ट्रेन के शोर में नहीं सुनाई दी और हादसा हो गया।
पांच मौतों के बाद बंद कराई गई क्राॅसिंग, मंडल स्तर पर होगी जांच
तीन महीने पहले शंटिंग पोर्टर की बेटी की ट्रेन से कटकर हुई थी मौत
शाहजहांपुर। रेलवे क्रॉसिंग पर हुए हादसे के बाद रेलवे अफसरों ने संज्ञान लेते हुए क्रॉसिंग को तुरंत ही दोनों तरफ से एंगल लगाकर बंद करा दिया गया। पूरे मामले की जांच मंडल स्तर से गठित कमेटी करेगी। उसके बाद जिम्मेदारी भी तय की जाएगी।
लखनऊ-दिल्ली रेल खंड व सीतापुर ब्रांच लाइन पर अधिकतर मानव रहित क्राॅसिंग को रेलवे ने बंद करा दिया है। हादसे का प्रमुख केंद्र बने गोविंदगंज रेलवे फाटक पर दीवार खड़ी कर दी गई, जिससे लोग रेलवे लाइन पार नहीं कर सके, लेकिन, पॉवर केबिन के सामने बने मानव रहित रेलवे क्रॉसिंग की ओर ध्यान नहीं दिया गया।
रेलवे के कर्मचारियों की आवाजाही के लिए बनी क्रॉसिंग पर आमजन भी निकलते है। पक्की रोड से रेलवे लाइन के बीच होकर गुजरना होता है। इसी क्रॉसिंग पर तीन महीने पहले शंटिंग पोर्टर राजेश्वर की बेटी पूजा की ट्रेन से कटकर मौत हुई थी। तब भी अफसरों ने संज्ञान नहीं लिया। बुधवार की शाम को दो बच्चों समेत पांच लोगों की ट्रेन की चपेट में आकर मौत होने के बाद रेलवे के उच्चाधिकारियों ने संज्ञान लिया।
हादसे के तीन घंटे के अंतराल में रेलवे क्रॉसिंग पर दोनों ओर लोहे के एंगल लगाकर बंद कर दिया गया। रेलवे ने भी हादसे की जांच के लिए मंडल स्तर से कमेटी का गठन कर दिया है। टीम यहां आकर पूरी पड़ताल कर अपनी रिपोर्ट डीआरएम को देगी। उसके बाद जिम्मेदारी तय की जाएगी।
डीआरएम के आने की सूचना के बाद अफसरों ने दिखाई तेजी
हादसे के बाद रेलवे का संबंधित विभाग अपनी जिम्मेदारी लेने से बचता रहा। उसके बाद डीआरएम के आने की सूचना मिली तो अफसरों ने तेजी दिखाई और क्रॉसिंग को बंद करा दिया। इससे पहले कई बार रेल यूनियन समेत अन्य विभाग भी इसे लेकर मांग उठाते रहे, लेकिन अफसरों ने संज्ञान नहीं लिया।
वर्ष 2019 में ट्रेन की चपेट में आने से हुई थी छह लोगों की मौत
रोजा और शाहजहांपुर रेलवे स्टेशन के बीच मोक्षधाम के पास रेलवे पुल के ऊपर वर्ष 2019 में बड़ा ट्रेन हादसा हुआ था। घने कोहरे में पुल को पार करते समय तेज गति से आई ट्रेन से बच्चों समेत छह लोगों की ट्रेन से कटकर मौत हुई थी।
मामले की मंडल स्तर से जांच की जाएगी। पूरी सुरक्षा के लिए जांच के बाद उचित निर्देश दिए जाएंगे।
- आदित्य गुप्ता, सीनियर डीसीएम, मुरादाबाद
बजती रही मोबाइल की घंटी, उठाने वालों की जिंदगी हो चुकी थी शांत
शाहजहांपुर। रोजा में बुधवार शाम रेलवे क्राॅसिंग पर हुए हादसे के बाद से लगातार सेठपाल, हरिओम व पूजा के मोबाइल की घंटी हादसास्थल से पोस्टमॉर्टम हाउस तक बचती रहीं, लेकिन कॉल करने वालों को क्या पता था कि उन्हें उठाने वाले मौत की नींद सो चुके थे। रात करीब साढ़े नौ बजे के बाद पोस्टमॉर्टम हाउस पर मृतकों के मोबाइल की घंटी शांत हुई।
लखीमपुर खीरी जिले के उचौलिया में रहने वाले लोकेश कुमार को बुधवार शाम रिश्तेदार हरिओम की मौत की सूचना मिली। वह उस समय शाहजहांपुर में ही थे। वह अपनी बाइक से तुरंत अपने साथी के साथ पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंचे। इस दौरान पहुंची एंबुलेंस से उतरे हरिओम के शव को देखते ही लोकेश के कदम लड़खड़ा गए। उनकी आंख से आंसू बहने लगे। उन्हें उनके साथी ने संभाला और खुद बाइक चलाकर उन्हें ले गया। इसके बाद रात करीब पौने दस बजे आरसी मिशन के रेती मोहल्ले के रहने वाले सेठपाल के मौसेरे चाचा अशर्फीलाल अपने बेटे के साथ पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंचे। वह भी खत्म पांच जिंदगी को देख सदमे में आ गए। पुलिस की पूछताछ के दौरान उनकी जुबान लड़खड़ा गई। अशर्फीलाल ने सेठपाल के भाई ब्रह्मपाल को सूचना देकर सीधा जीआरपी थाने पहुंचने के लिए कहा।