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गंगा का जलस्तर 15 सेमी और बढ़ा, रामगंगा से कटान रोकना बना चुनौती

Sun, 01 Aug 2021 12:56 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 01 Aug 2021 12:56 AM IST
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मिर्जापुर के गांव आजाद नगर में बढ रहा बाढ़ का पानी । संवाद - फोटो : SHAHJAHANPUR
शाहजहांपुर। नरौरा बैराज से शुक्रवार को 1.15 लाख क्यूसेक से ज्यादा पानी का निकास किए जाने से कलान क्षेत्र के भैंसार बांध पर गंगा का जलस्तर शनिवार को 15 सेमी और बढ़ गया। उधर, बरेली के चौबारी घाट से लेकर जनपद के जैतीपुर और परौर क्षेत्र तक रामगंगा उतार पर होने से उससे हो रहा भूमि का कटान रोकना सिंचाई विभाग के लिए चुनौती बन गया है।
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हालांकि दोनों नदियों के तटवर्ती गांव अभी बाढ़ से सुरक्षित हैं, लेकिन मिर्जापुर ब्लॉक के गांव आजादनगर के तटवर्ती इलाके जलमग्न होने लगे हैं और अगले 24 घंटों तक गंगा में पानी बढ़ना जारी रहा तो कई गांवों के टापू बन जाने की आशंका है। बाढ़ नियंत्रण कक्ष से मिली जानकारी के अनुसार शनिवार सुबह नरौरा से गंगा में 1.37 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया। पानी के रविवार शाम तक यहां पहुंचने पर इन सभी गांवों पर बाढ़ का खतरा बढ़ जाएगा। इन गांवों से करीब 100 मीटर के फासले पर स्थित फर्रुखाबाद जिले के सीमावर्ती गांव कमतरी और चितार के ग्रामीण भी बाढ़ की आशंका से काफी भयभीत हैं।
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कलान के एसडीएम रमेश बाबू के निर्देश पर राजस्व अधिकारियों के नेतृत्व में क्षेत्रीय लेखपालों की टीमें तटवर्ती गांवों का दौरा कर ग्रामीणों को अपने पशु नदी की ओर नहीं ले जाने से सचेत कर रहीं हैैं, लेकिन अब तक गांवों में बाढ़ के संभावित खतरे के बीच रह रहे ग्रामीणों को खाद्य रसद, माचिस, मोमबत्ती, केरोसिन आदि प्राथमिक जरूरत की चीजें मुहैया नहीं कराई गई हैं।
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इधर, सिंचाई विभाग के तार बाबू गिरिजा किशोर मिश्र ने बताया कि बदायूं के कछला घाट पर शनिवार सुबह गंगा 13 सेमी बढ़कर 162.59 मीटर पर पहुंच गई। उनका कहना है कि जनपद की सीमा में ढाई घाट होकर पानी बदायूं से आ रहा है। इसलिए जब तक कछला घाट पर गंगा में पानी बढ़ता रहेगा, जनपद में गंगा के तटवर्ती गांवों पर बाढ़ का खतरा बना रहेगा।
उन्होंने बताया कि रविवार को खो, हरेली, किच्छा, रामनगर और कालागढ़ बैराज से रामगंगा में 17212 क्यूसेक पानी छोड़ गया, जो बीते दिन की तुलना में दो हजार क्यूसेक अधिक है, लेकिन इससे नदी का जलस्तर ज्यादा नहीं बढ़ेगा।
फिलहाल, बरेली के चौबारी घाट पर रामगंगा 159.15 मीटर पर बह रही है। पानी लगातार कम होने से रामगंगा जैतीपुर के केसीनगला गांव से लेकर जलालाबाद तहसील के गांव कोला और परौर क्षेत्र के नारायणनगर तक तेजी से कृषि भूमि का कटान कर रही है, लेकिन उसे रोक पाने में सिंचाई विभाग के अभियंताओं की टीमें नाकाम साबित हो रहीं हैं। कटान से तिरछे होकर नदी के किनारे तलहटी में धंसे जिओ ट्यूब उठाकर उनके नीचे बालू की बोरियां लगाने में दिक्कत हो रही है क्योंकि जिओ ट्यूब में मिट्टी भरे होने से वह काफी वजनी हो गए हैं।
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गर्रा से तटवर्ती गांवों में हो रहा भूमि कटान
बीते 24 घंटे से बारिश कम होने और ड्यूनी डाम से अतिरिक्त पानी की निकासी दूसरे दिन भी बंद रहने से शहर के समीप बहने वाली गर्रा और खन्नौत नदियां उतार पर हैं। शनिवार को गर्रा पांच सेमी कम होकर 144.75 मीटर पर और खन्नौत 15 सेमी घटकर 142.85 मीटर पर बह रही थी। खन्नौत अपने पेटे में तेजी से सिमट रही है, लेकिन तिलहर तहसील, विशेषकर खुदागंज ब्लॉक में नदी के तटवर्ती गांवों के किनारे की जमीन कट रही है।
क्षेत्र के गांव चितीबोझी घनश्यामपुर में दो दिन पहले गर्रा जिन तीन ग्रामीणों के घर कटकर नदी में समा गए थे, उनके परिवार अभी गांव के प्राथमिक स्कूल में शरण लिए हुए हैं। तिलहर के एसडीएम सुरेंद्र सिंह ने बताया कि गर्रा में पानी कम होने से कटान थम गया है और तटवर्ती गांवों की आबादी बाढ़ से पूरी तरह सुरक्षित है। उन्होंने बताया कि सिंचाई विभाग के अभियंताओं को चितीबोझी घनश्यामपुर के पास मिट्टी डालकर तटबंध बनाने के निर्देश दिए गए हैं ताकि भविष्य में बाढ़ की स्थिति पैदा होने पर गांव सुरक्षित रहे। एसडीएम के अनुसार तटबंध बनाने का काम रविवार से शुरू हो जाएगा।

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केसीनगला में कटान का हुआ सर्वे
जैतीपुर। विकास खंड में रामगंगा की बाढ़ से प्रभावित गांव केसीनगला और उसके आसपास नदी की उतार पर चल रही धारा किनारे की जमीनें काट रही है। अब तक गांव के राम प्रकाश यादव, श्याम पाल सिंह, सुखपाल, वेदपाल, श्रीपाल, करतार सिंह, भंवर पाल और चेतराम की लगभग चार-चार एकड़ उपजाऊ जमीनें कटान की भेंट चढ़ चुकी हैं। शुक्रवार शाम एसडीएम सुरेंद्र सिंह के निर्देश पर राजस्व विभाग के अधिकारियों के साथ पहुंचे लेखपालों ने कटान का सर्वे कर उसका ब्योरा दर्ज किया। साथ ही संबंधित ग्रामीणों को दैवी आपदा राहत कोष से नियमानुसार आर्थिक सहायता बतौर क्षतिपूर्ति जल्द दिलाने का भरोसा दिया। संवाद
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