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भैंसार बांध पर फिर बढ़ा गंगा का जलस्तर, रामगंगा ने शुरू किया कटान
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शाहजहांपुर के परौर क्षेत्र में नारायणनगर पश्चिमी गांव के पास सोमवार को रामगंगा से हो रहा भूमि कट?
- फोटो : SHAHJAHANPUR
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शाहजहांपुर। बांधों और बैराजों से पानी की निकासी कम होने के बावजूद बारिश के कारण भैंसार बांध पर सोमवार को गंगा का जलस्तर फिर 15 सेमी बढ़कर 142.35 मीटर हो गया। रामगंगा लगातार दूसरे दिन 24 सेमी घटकर बरेली के चौबारी घाट पर 160.14 मीटर पर आ गई, लेकिन इसी के साथ नदी ने परौर क्षेत्र में नारायणनगर गांव के पास भूमि कटान करना शुरू कर दिया। इस बीच, डीएम इंद्र विक्रम सिंह ने एसपी एस आनंद के साथ ढाई घाट जाकर वहां बाढ़ से प्रभावित होने वाले क्षेत्रों का जायजा लिया।
बाढ़ नियंत्रण कक्ष के हवाले से सिंचाई विभाग के तार बाबू गिरिजा किशोर मिश्र ने बताया कि बीते दिन की तुलना में नरौरा बैराज से गंगा में 20 हजार क्यूसेक कम पानी निकल रहा है। आज सुबह वहां से 41855 क्यूसेक पानी की निकासी होने की सूचना मिली, लेकिन दो दिन पहले नरौरा से छूटे 77819 क्यूसेक पानी हजरतपुर (बदायूं) होकर यहां पहुंचने से गंगा में पानी बढ़ा है। उन्होंने बताया कि खो, हरेली, किच्छा, रामनगर आदि बैराजों से पानी की निकासी तीन हजार क्यूसेक कम होकर 14015 क्यूसेक रह गई है और इसे देखते बारिश नहीं होने पर रामगंगा के जलस्तर में आगे भी कमी जारी रहने के आसार हैं। तार बाबू के अनुसार ड्यूनी डॉम से पानी की निकासी लगातार कम होने से शहर के समीप गर्रा 40 सेमी घटकर 146.30 मीटर और खन्नौत 20 सेमी कम होकर 143.60 मीटर पर बह रही है।
गंगा का जलस्तर फिर बढ़ने से मिर्जापुर क्षेत्र में तटवर्ती गांव आजाद नगर, इस्लामनगर, कमथरी, चितार, चौंरा आदि गांवों के बाशिंदे बाढ़ को लेकर आशंकित हैं। इसीलिए गंगा के खादर में बसे अधिकतर गांवों के किसानों ने निचली कृषि भूमि में अब तक गन्ना को छोड़कर उर्द, तिल, मक्का, शकरकंद आदि खरीफ फसलों की बुआई नहीं की है। इस बीच, डीएम ने रविवार को दोपहर एसपी समेत अन्य अधिकारियों के साथ ढाईघाट जाकर वहां गंगा की बाढ़ का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्देश दिए कि बाढ़ पीड़ितों को कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए। इसलिए संबंधित अधिकारी बाढ़ क्षेत्र का नियमित भ्रमण कर उन्हें आठवें दिन रिपोर्ट दें।
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इस मौके पर कलान के एसडीएम रमेश बाबू, तहसीलदार अजय कुमार यादव आदि अधिकारी मौजूद रहे।
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दो जिओ ट्यूब के बीच रामगंगा कर रही कटान
परौर। मजरा मोहनपुर से लेकर नारायण नगर पश्चिमी में रामगंगा ने पानी कम होने के साथ भूमि कटान शुरू कर दिया है। इससे दोनों गांवों के मजदूरपेशा परिवारों के लोग काफी चिंतित हैं। इन मजरों को बाढ़ से बचाने के लिए मोहनपुर के पास एक जिओ ट्यूब की ठोकर लगाई गई थी। इसी तरह मजरा नारायणनगर पश्चिमी के पास दो जिओ ट्यूब का निर्माण कराया गया, लेकिन अब रामगंगा की धारा ने दोनों मजरों में जिओ ट्यूब के बीच से जगह बनाकर कटान शुरू कर दिया है। यही नहीं, परौर, नारायण नगर और मोहनपुर के घरों से निकलने वाला पानी भी कटान करके रामगंगा में जाने से दोनों गांवों आबादी क्षेत्र कटान के कगार पर पहुंच गए हैं। ग्रामीणों ने सिंचाई विभाग से कटान जल्द रोकने की मांग की है।
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रामगंगा से भूमि कटान रोकने के लिए नारायणनगर पश्चिमी और मोहनपुर के पास जिओ ट्यूब व्यवस्थित कराई जा रही हैं, ताकि वह अपनी जगह पर बनी रहें। इस कार्य की देखरेख के लिए सहायक अभियंता अनूप कुमार के नेतृत्व में कई अवर अभियंताओं की टीम लगाई गई है।
-सुनील कुमार भास्कर, अधिशासी अभियंता, सिंचाई विभाग
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बाढ़ नियंत्रण कक्ष के हवाले से सिंचाई विभाग के तार बाबू गिरिजा किशोर मिश्र ने बताया कि बीते दिन की तुलना में नरौरा बैराज से गंगा में 20 हजार क्यूसेक कम पानी निकल रहा है। आज सुबह वहां से 41855 क्यूसेक पानी की निकासी होने की सूचना मिली, लेकिन दो दिन पहले नरौरा से छूटे 77819 क्यूसेक पानी हजरतपुर (बदायूं) होकर यहां पहुंचने से गंगा में पानी बढ़ा है। उन्होंने बताया कि खो, हरेली, किच्छा, रामनगर आदि बैराजों से पानी की निकासी तीन हजार क्यूसेक कम होकर 14015 क्यूसेक रह गई है और इसे देखते बारिश नहीं होने पर रामगंगा के जलस्तर में आगे भी कमी जारी रहने के आसार हैं। तार बाबू के अनुसार ड्यूनी डॉम से पानी की निकासी लगातार कम होने से शहर के समीप गर्रा 40 सेमी घटकर 146.30 मीटर और खन्नौत 20 सेमी कम होकर 143.60 मीटर पर बह रही है।
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गंगा का जलस्तर फिर बढ़ने से मिर्जापुर क्षेत्र में तटवर्ती गांव आजाद नगर, इस्लामनगर, कमथरी, चितार, चौंरा आदि गांवों के बाशिंदे बाढ़ को लेकर आशंकित हैं। इसीलिए गंगा के खादर में बसे अधिकतर गांवों के किसानों ने निचली कृषि भूमि में अब तक गन्ना को छोड़कर उर्द, तिल, मक्का, शकरकंद आदि खरीफ फसलों की बुआई नहीं की है। इस बीच, डीएम ने रविवार को दोपहर एसपी समेत अन्य अधिकारियों के साथ ढाईघाट जाकर वहां गंगा की बाढ़ का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्देश दिए कि बाढ़ पीड़ितों को कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए। इसलिए संबंधित अधिकारी बाढ़ क्षेत्र का नियमित भ्रमण कर उन्हें आठवें दिन रिपोर्ट दें।
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इस मौके पर कलान के एसडीएम रमेश बाबू, तहसीलदार अजय कुमार यादव आदि अधिकारी मौजूद रहे।
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दो जिओ ट्यूब के बीच रामगंगा कर रही कटान
परौर। मजरा मोहनपुर से लेकर नारायण नगर पश्चिमी में रामगंगा ने पानी कम होने के साथ भूमि कटान शुरू कर दिया है। इससे दोनों गांवों के मजदूरपेशा परिवारों के लोग काफी चिंतित हैं। इन मजरों को बाढ़ से बचाने के लिए मोहनपुर के पास एक जिओ ट्यूब की ठोकर लगाई गई थी। इसी तरह मजरा नारायणनगर पश्चिमी के पास दो जिओ ट्यूब का निर्माण कराया गया, लेकिन अब रामगंगा की धारा ने दोनों मजरों में जिओ ट्यूब के बीच से जगह बनाकर कटान शुरू कर दिया है। यही नहीं, परौर, नारायण नगर और मोहनपुर के घरों से निकलने वाला पानी भी कटान करके रामगंगा में जाने से दोनों गांवों आबादी क्षेत्र कटान के कगार पर पहुंच गए हैं। ग्रामीणों ने सिंचाई विभाग से कटान जल्द रोकने की मांग की है।
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रामगंगा से भूमि कटान रोकने के लिए नारायणनगर पश्चिमी और मोहनपुर के पास जिओ ट्यूब व्यवस्थित कराई जा रही हैं, ताकि वह अपनी जगह पर बनी रहें। इस कार्य की देखरेख के लिए सहायक अभियंता अनूप कुमार के नेतृत्व में कई अवर अभियंताओं की टीम लगाई गई है।
-सुनील कुमार भास्कर, अधिशासी अभियंता, सिंचाई विभाग