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Shahjahanpur News: 23 साल पुराने गैंगस्टर एक्ट के मामले में पांच दोषियों को पांच-पांच वर्ष कारावास की सजा
Thu, 08 Oct 2026 01:11 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
Updated Thu, 08 Oct 2026 01:11 AM IST
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शाहजहांपुर। करीब 23 साल पुराने गैंगस्टर एक्ट के मामले में विशेष न्यायालय (गैंगस्टर एक्ट) के अपर सत्र न्यायाधीश अतीक उद्दीन ने पांच दोषियों को पांच-पांच वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने प्रत्येक दोषी पर 10-10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड अदा न करने पर प्रत्येक को एक माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।
19 नवंबर 2003 को थाना सदर बाजार के तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक रामशंकर सिंह ने गिरोह की गतिविधियों और आपराधिक इतिहास के आधार पर सिंधौली थाना क्षेत्र के गांव दौलतपुर के रहने वाले चार सगे भाइयों बलवीर सिंह, रनवीर सिंह, योगेंद्र सिंह और रामबरन सिंह के अलावा राजाराम के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की थी। बलवीर को गैंग का लीडर बताया गया था। विवेचना में अभियुक्तों को संगठित गिरोह का सदस्य बताया गया था जो हत्या, अपहरण, फिरौती लेने उद्देश्य से हत्या का प्रयास करते हैं। अभियोजन ने अदालत में सभी के खिलाफ विभिन्न आपराधिक मामलों से संबंधित दस्तावेज और अन्य साक्ष्य प्रस्तुत किए। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद पांचों को दोषी पाया। सभी को पांच-पांच वर्ष के सश्रम कारावास और 10-10 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया।
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19 नवंबर 2003 को थाना सदर बाजार के तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक रामशंकर सिंह ने गिरोह की गतिविधियों और आपराधिक इतिहास के आधार पर सिंधौली थाना क्षेत्र के गांव दौलतपुर के रहने वाले चार सगे भाइयों बलवीर सिंह, रनवीर सिंह, योगेंद्र सिंह और रामबरन सिंह के अलावा राजाराम के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की थी। बलवीर को गैंग का लीडर बताया गया था। विवेचना में अभियुक्तों को संगठित गिरोह का सदस्य बताया गया था जो हत्या, अपहरण, फिरौती लेने उद्देश्य से हत्या का प्रयास करते हैं। अभियोजन ने अदालत में सभी के खिलाफ विभिन्न आपराधिक मामलों से संबंधित दस्तावेज और अन्य साक्ष्य प्रस्तुत किए। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण करने के बाद पांचों को दोषी पाया। सभी को पांच-पांच वर्ष के सश्रम कारावास और 10-10 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया।
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