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Shahjahanpur News: पहले किया विलय...अब फिर पुराने भवन में शिफ्ट किए छह विद्यालय
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शाहजहांपुर। नगर में किराये के भवन में संचालित होने वाले छह स्कूलों के विलय के बाद उन्हें फिर से पुराने भवन में शिफ्ट कर दिया गया। मोहल्ले के स्कूलाें पर आंच आने पर मामला वित्त मंत्री तक पहुंचा था। इसके बाद डीएम के संज्ञान लेने पर बेसिक शिक्षा विभाग बैकफुट पर आया और स्कूलों को पुराने भवन में वापस कर दिया।
पूर्व में 40 से कम छात्र संख्या वाले स्कूलों को विलय करने का आदेश आया तो नगर क्षेत्र में काफी खेल किया गया। बीईओ ने सौ से ज्यादा छात्र संख्या वाले और कम छात्रों वाले स्कूलों को विलय कर दूसरे भवनों में शिफ्ट कर दिया गया। मोहल्ले का स्कूल दूसरी जगह पर जाने पर राजनीतिज्ञ सक्रिय हुए।
मामला वित्त मंत्री सुरेश खन्ना तक पहुंचा तो उन्होंने डीएम से पत्राचार किया। फिर बीएसए बीईओ के साथ मर्ज किए स्कूलों की स्थिति का जायजा लेने के लिए खुद निकलीं। गलियों में कार नहीं जा पाने की स्थिति में ई-रिक्शे से सवारी कर निरीक्षण किया। तब पूर्व में किराये के भवन में संचालित स्कूलों को फिर उन्हीं भवनों में शिफ्ट करने के निर्देश दिए गए।
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बताया जाता है कि विलय को लेकर किराये के भवन के बच्चों को शिफ्ट करने का कोई आदेश नहीं था। फिर भी शिफ्ट कर दिए गए। अधिकारियों के संज्ञान में आने के बाद शिक्षा विभाग के अधिकारी बैकफुट पर आ गए हैं।
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स्कूल विलय होने पर बच्चे हो गए इधर से उधर
-नगर के मोहल्लों में संचालित परिषदीय स्कूलों को विलय करने के दौरान शत-प्रतिशत उपस्थति स्कूलों में नहीं हो सकी है। दूरी अधिक होने के चलते बच्चे स्कूलों में नहीं पहुंचे। ऐसे में मेहनत कर नामांकन बढ़ाने वाले शिक्षकों के जुटाए गए बच्चे इधर से उधर हो गए। उन्हें फिर से स्कूल में जोड़ने की कवायद शुरू होगी।
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किराये के भवन को पेयर करने की चर्चा हुई थी, पर विलय नहीं किया गया। ऐसे स्कूलों के प्रस्ताव को कमेटी के सामने रखा गया, लेकिन डीएम ने विलय करने से मना कर दिया।
- नागेंद्र सिंह, बीईओ नगर
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पूर्व में 40 से कम छात्र संख्या वाले स्कूलों को विलय करने का आदेश आया तो नगर क्षेत्र में काफी खेल किया गया। बीईओ ने सौ से ज्यादा छात्र संख्या वाले और कम छात्रों वाले स्कूलों को विलय कर दूसरे भवनों में शिफ्ट कर दिया गया। मोहल्ले का स्कूल दूसरी जगह पर जाने पर राजनीतिज्ञ सक्रिय हुए।
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मामला वित्त मंत्री सुरेश खन्ना तक पहुंचा तो उन्होंने डीएम से पत्राचार किया। फिर बीएसए बीईओ के साथ मर्ज किए स्कूलों की स्थिति का जायजा लेने के लिए खुद निकलीं। गलियों में कार नहीं जा पाने की स्थिति में ई-रिक्शे से सवारी कर निरीक्षण किया। तब पूर्व में किराये के भवन में संचालित स्कूलों को फिर उन्हीं भवनों में शिफ्ट करने के निर्देश दिए गए।
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बताया जाता है कि विलय को लेकर किराये के भवन के बच्चों को शिफ्ट करने का कोई आदेश नहीं था। फिर भी शिफ्ट कर दिए गए। अधिकारियों के संज्ञान में आने के बाद शिक्षा विभाग के अधिकारी बैकफुट पर आ गए हैं।
स्कूल विलय होने पर बच्चे हो गए इधर से उधर
-नगर के मोहल्लों में संचालित परिषदीय स्कूलों को विलय करने के दौरान शत-प्रतिशत उपस्थति स्कूलों में नहीं हो सकी है। दूरी अधिक होने के चलते बच्चे स्कूलों में नहीं पहुंचे। ऐसे में मेहनत कर नामांकन बढ़ाने वाले शिक्षकों के जुटाए गए बच्चे इधर से उधर हो गए। उन्हें फिर से स्कूल में जोड़ने की कवायद शुरू होगी।
किराये के भवन को पेयर करने की चर्चा हुई थी, पर विलय नहीं किया गया। ऐसे स्कूलों के प्रस्ताव को कमेटी के सामने रखा गया, लेकिन डीएम ने विलय करने से मना कर दिया।
- नागेंद्र सिंह, बीईओ नगर