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UP: वेंटिलेटर पर व्यवस्था... पराली पर मरीज, यहां पेड़ पर ग्लूकोज की बोतलें टांगकर किया जा रहा उपचार

Tue, 17 Oct 2023 11:29 AM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहांपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहांपुर Published by: मुकेश कुमार Updated Tue, 17 Oct 2023 11:29 AM IST
सार

शाहजहांपुर के पुवायां क्षेत्र में बुखार के प्रकोप से स्थिति बिगड़ रही है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का इस ओर कोई ध्यान नहीं है। झोलाछाप पेड़ों पर ग्लूकोज की बोतलें टांग कर मरीजों का उपचार कर रहे हैं। 

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Fever patients are being treated by hanging glucose bottles on trees in Shahjahanpur
पराली पर लेटे मरीज - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सड़क किनारे पड़ीं 30-40 चारपाइयों और जमीन पर पराली डालकर लेटे लोग, पास बैठे पंखा झलते उनके परिजन, पेड़ पर टांगी गईं ग्लूकोज की बोतलें... यह नजारा शाहजहांपुर के पुवायां से नाहिल रोड पर गांव बढ़ारू बिजला मोड़ के पास का है, जहां सोमवार को करीब 50 बुखार पीड़ितों का इलाज चल रहा था। यहां कोई डॉक्टर नहीं दिखा, पास में ही एक मेडिकल स्टोर जरूर है। 

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नाम न छापने की शर्त पर यहां मौजूद लोग बात करने के लिए तैयार हुए। उन्होंने बताया कि सरकारी अस्पतालों में बहुत अधिक भीड़ है। घंटों इंतजार के बाद डॉक्टर तक पहुंच पाते हैं। उसके बाद दवाएं लेने के लिए लंबे इंतजार के साथ कड़ी मशक्कत करनी पड़ती है। तभी तो बुखार पीड़ित की हालत बिगड़ने पर यहां लाते हैं। दवा के साथ ग्लूकोज चढ़ाने से हालत में सुधार आ रहा है। यहां एक दंपती को भी बुखार के चलते पराली पर लिटा कर ग्लूकोज चढ़ाया जा रहा था। 
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डॉक्टर की जगह झोलाछाप से इलाज कराने की बात पर वे कहते हैं कि ऐसी हालत में वे कैसे सरकारी अस्पताल जाएं। झोलाछाप से इलाज कराना उनकी मजबूरी है। वैसे भी यहां डॉक्टर नहीं दिखा। मेडिकल स्टोर से ही दवाएं और चिकित्सकीय परामर्श दिया जा रहा था। हालांकि ग्रामीण समय-समय पर एक डॉक्टर के जांच करने की बात कह रहे हैं लेकिन वे उसकी पहचान बता पाने में असमर्थ दिखे। 

Fever patients are being treated by hanging glucose bottles on trees in Shahjahanpur
खुले में हो रहा मरीजों का उपचार - फोटो : अमर उजाला

अफसरों को नहीं है जानकारी
खुले में मच्छरों और गंदगी के बीच इस तरह से बुखार पीड़ितों का इलाज किए जाने की खबर विभागीय अफसरों को नहीं है। यहां कोई क्लीनिक पंजीकृत है या नहीं, इसकी भी जानकारी नहीं है। मेडिकल स्टोर की जांच के बारे में कोई अफसर बता नहीं सका। 

पुवायां के सीएचसी अधीक्षक डॉ. नरेंद्र पाल से बात की गई तो उन्होंने बताया कि मैं टीकाकरण के प्रशिक्षण में बरेली आया हूं। वापस आकर मामले को दिखवाऊंगा। यदि क्लीनिक गलत तरीके से चल रहा है तो कार्रवाई कराई जाएगी। 

एक बेड पर लिटाए जा रहे दो से तीन मरीज
वायरल बुखार के प्रकोप फैलने के चलते राजकीय मेडिकल कॉलेज की व्यवस्थाएं पटरी पर नहीं आ रहीं हैं। डीएम के निर्देश के बाद भी ट्रॉमा सेंटर में एक बेड पर दो मरीज लिटाकर उपचार किया जा रहा। इसके अतिरिक्त नालियों में जलभराव के साथ मच्छर तक पनप रहे हैं और अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं।

रविवार को अवकाश के चलते सोमवार को ओपीडी में मरीजों की भीड़ उमड़ पड़ी। ओपीडी में 1321 नए पर्चों पर मरीजों ने उपचार कराया। पुराने पर्चों पर भी बड़ी संख्या में मरीजों ने डॉक्टर को दिखाकर परामर्श लिया। इसी तरह ट्रॉमा सेंटर में एक-एक बेड पर दो से तीन मरीजों को लिटाकर उपचार किया गया। 

जहां बेड कम पड़ गए वहां मरीजों को स्ट्रेचर पर लिटाकर उपचार किया गया। इतनी खराब हालात होने के चलते संपन्न परिवार के तीमारदार मरीजों को निजी अस्पताल में ले जाने को मजबूर हैं। वहीं दूसरी ओर मरीजों को बेड तक मिलना मुश्किल हो रहा है। वार्डों में अतिरिक्त बेड डलवाने के बाद भी मरीजों को बेड के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।
 
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