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Shahjahanpur News: मंच पर अभिनय से सपनों में रंग भरने की मशक्कत कर रहीं महिला रंगकर्मी

Tue, 11 Nov 2025 12:30 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 11 Nov 2025 12:30 AM IST
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Female theatre artists strive to bring colour to their dreams through stage performances
आयरा, रंगकर्मी। स्रोत: स्वयं
शाहजहांपुर। छोटे और बड़े पर्दे पर दिखने का सपना पूरा करने के लिए युवतियां रंगकर्म को अपना रहीं हैं। प्रत्येक वर्ष युवतियों की संख्या बढ़ती जा रही हैं। स्थानीय नाटकों के जरिये रंगकर्म का ककहरा सीख रहीं हैं।
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शाहजहांपुर की रंगकर्म की दुनिया में अलग धाक है। यहां से रंगकर्म सीखकर निकले राजपाल यादव बॉलीवुड में अपनी पहचान बनाई है। इनके अलावा कई पुरुष कलाकार छोटे और पर्दे पर अपनी दस्तक दे चुके हैं। इसी तरह गांधी भवन से रंगकर्म सीखकर निकलीं शालू यादव, शाजली खान, गुलिस्ता खान, कोमल सिंह भी मायानगरी तक पहुंचीं और संघर्ष कर रहीं हैं।
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फिल्मों व सीरियल में आने की चाहत में वर्तमान में संचालित छह नाट्य संस्थाओं में 20 से 25 लड़कियां रंगकर्म को सीख रहीं हैं। वे नाटकों में अभिनय के साथ ही भाषा, संवाद अदायगी तक दुरुस्त कर रही हैं। अभिव्यक्ति नाट्य मंच के सचिव शमीम आजाद बताते हैं कि वर्ष 2000 तक बहुत कम लड़कियां नाटकों में आतीं थीं।
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उस समय ऐसे नाटक होते थे, जिसमें महिला का रोल कम होता था। मां के स्थान पर पिता का रोल दिखा देते थे। इसके बाद लड़कियां रंगकर्म में आना शुरू हुईं। वर्तमान में कई महिला रंगकर्मी बॉलीवुड में कार्य कर रहीं हैं। स्थानीय स्तर पर भी नाटकों में अब पर्याप्त महिला रंगकर्मी उपलब्ध हैं।
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मोहल्ला ककरा की निवासी आयरा अभिव्यक्ति नाट्य मंच के साथ कथा एक कंस नाटक के लिए पूर्वाभ्यास में जुटीं हैं। इसमें वह कंस की पत्नी अस्ति का किरदार निभाएंगी। नाटक का शो बिहार में 28 दिसंबर को होगा। उनका सपना एनएसडी में प्रवेश लेना है, जिसके बाद वह फिल्मों में कार्य कर सकेंगी।

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मोहल्ला बीबीजई हद्दफ निवासी शिवी गुप्ता अभी तक आठ नाटक कर चुकी हैं। वह अभिव्यक्ति नाट्य संस्था से लंबे समय से जुड़ीं हैं। मंच पर विभिन्न किरदार निभाए हैं। बैक स्टेज पर भी कार्य किया। ईडीपस, सैंया भए कोतवाल, झलकारी बाई आदि नाटकों में अपने अभिनय से तालियां बटोर चुकीं हैं।

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पक्का तालाब निवासी प्रियंका रंजन ने कॉलेज के समय से रंगकर्म को शुरू किया। एनएसएस की छात्रा रहते हुए नाटक में अभिनय किया। फिर नाट्य संस्था से जुड़कर करीब दस नाटक में काम किया। वर्तमान में वह भोपाल ड्रामा स्कूल की छात्रा हैं। उसके बाद एनएसडी कर मुंबई का रुख करना चाहतीं हैं।

आयरा, रंगकर्मी। स्रोत: स्वयं

आयरा, रंगकर्मी। स्रोत: स्वयं

आयरा, रंगकर्मी। स्रोत: स्वयं

आयरा, रंगकर्मी। स्रोत: स्वयं

आयरा, रंगकर्मी। स्रोत: स्वयं

आयरा, रंगकर्मी। स्रोत: स्वयं

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