फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shahjahanpur News ›   Farmers say .. new agriculture bill is not beneficial

किसानों का कहना.. हितकर नहीं है नया कृषि विधेयक

Tue, 22 Sep 2020 01:56 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 22 Sep 2020 01:56 AM IST
विज्ञापन
Farmers say .. new agriculture bill is not beneficial
शाहजहांपुर/ पुवायां। केंद्र सरकार की ओर से कृषि सुधार विधेयक लोकसभा और राज्यसभा में पास होने के बाद किसानों के बीच हानि लाभ पर चर्चा होने लगी है। जिले के कई किसानों का मानना है कि कृषि में निजी क्षेत्र के निवेश से किसानों का नुकसान होगा। दूध बेचने के लिए लाइसेंस को लेकर भी किसानों के बीच नाराजगी है। किसानों का कहना है कि तमाम किसान खेती के साथ ही पशुपालन कर दूध बेचने का काम करते हैं, लाइसेंस की बाध्यता से उनका शोषण होगा। फसलों की सरकारी खरीद में बिचौलियों की भूमिका को लेकर भी किसान खासे नाराज हैं और खरीद में भ्रष्टाचार पर कड़े कानून की मांग कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि सेंटरों पर भारी भ्रष्टाचार होता हैं। सेंटर इंचार्ज और ठेकेदार सीजन में लाखों कमाते हैं, शिकायत पर भी कोई कार्रवाई नहीं होती।
विज्ञापन

फसलों के रेट नहीं बढ़ रहे हैं। गन्ना आदि का भुगतान भी समय से किसानों को नहीं मिल रहा है। इसके अलावा नए-नए कानून किसानों के ऊपर थोपे जा रहे हैं, जो सही नही हैं। कानून किसानों से बात कर किसानों के हितों को ध्यान में रखकर बनाने चाहिए। दूध का लाइसेंस गलत है। गांवों में तमाम लोग रोज का गुजारा चलाने के लिए एक-दो लीटर दूध बेचते हैं।
विज्ञापन

- तारा सिंह, गांव बहादुरपुर, पुवायां
किसान तो हर तरफ से बेबस है। इसका का कारण आपसी एकता न होना है। गन्ना भुगतान के लिए कोर्ट और सरकार ने कितने आदेश किए, लेकिन भुगतान अभी तक नहीं हुआ। किसान सम्मान निधि का हाल देख लो, सरकार अगर कुछ करती भी है तो अधिकारी, कर्मचारी उन योजनाओं को धरातल पर न लाकर दबा कर बैठ जाते हैं। अन्नदाता अब ऋणदाता बना जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

आशीष सिंह, नरौठा, खुटार
किसान होना ही गुनाह है। सरकार की योजनाओं का लाभ बिचौलिए खा जाते हैं। किसान के लिए मंडीकरण न होना, बिजली की खराब हालत, गरीब किसानों के बच्चों को शिक्षा न मिलना जैसी बड़ी समस्याएं इस पर अब तक क्या किया गया है? अगर देश का किसान बर्बाद होता है, तो हमारा देश उन्नति के मार्ग पर कैसे जाएगा।
- कृपाल सिंह, गांव ददिउरी बंडा
फसलों की खरीद में बिचौलियों की भूमिका समाप्त होनी चाहिए। सेंटर ठेकेदार नहीं होने चाहिए, सरकार को खुद खरीद करानी चाहिए और ढुलाई करानी चाहिए। सेंटर इंचार्ज और ठेकेदार प्रति वर्ष लाखों कमाते हैं, शिकायत पर कार्रवाई क्या होती है, कोई नहीं बता सकता। एक कानून फसल खरीद में भ्रष्टाचार पर 14 साल की कैद का भी लाना चाहिए था।
- दलजीत सिंह, कुइयां महोलिया, बंडा
किसान सम्मान निधि सभी किसानों को मिलनी चाहिए। दुग्ध उत्पादन किसानों का मुख्य साइड बिजनेस है। इससे लाइसेंस मुक्त करना चाहिए। सभी किसानों की फसल समर्थन मूल्य पर बिकनी चाहिए। सभी क्षेत्रों में सर्वे कराकर नहरों से सिंचाई की व्यवस्था करनी चाहिए। राजस्व विभाग में भ्रष्टाचार के कारण ही मेड़ और जमीनी विवाद होते हैं। अगर सरकार को किसानों का भला करना है तो हकीकत में करें।

- करमजीत सिंह, जिला उपाध्यक्ष भाकियू (भानु) शाहजहांपुर
केंद्र सरकार के नए कानून पूरी तरह से किसान विरोधी हैं। इससे किसान तबाह हो जाएगा। यह बिल तैयार करने वाले एसी कमरों में बैठ कर नीति बनाते हैं, जबकि किसानों के बीच आकर उनकी समस्याओं को जानकर कानून बनाने चाहिए। सभी किसानों को नए कृषि कानून का जमकर विरोध करना चाहिए।
- अनिल सिंह यादव, तहसील अध्यक्ष भाकियू पुवायां
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed