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सपा सरकार ने ब्याज माफ नहीं किया होता तो समय से मिल रहा होता गन्ना भुगतान : वीएम सिंह
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मकसूदापुर में धरना स्थल पर किसानों को संबोधित करते किसान नेता वीएम सिंह
- फोटो : POWAYAN
बंडा (शाहजहांपुर)। राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन (राकिमसं) के मुखिया वीएम सिंह ने कहा कि यदि सपा सरकार ने गन्ने के बकाया पर ब्याज माफ न किया होता तो चीनी मिल मालिक किसानों को समय से भुगतान कर रहे होते। मकसूदापुर स्थित बजाज चीनी मिल पर संगठन के धरने में शामिल होने पहुंचे वीएम सिंह को यूनिट हेड ने 31 जनवरी तक गत वर्ष का बकाया भुगतान कर देने का वादा किया है।
सोमवार को किसान नेता वीएम सिंह धरना स्थल पर पहुंचे और सर्दी में धरना दे रहे किसानों की हौसला आफिजाई की। वीएम सिंह ने कहा कि उन्होंने वर्ष 2012 में किसानों के बकाया गन्ना भुगतान पर ब्याज दिलाने का आदेश कोर्ट से कराया था। बाद में सपा सरकार ने ब्याज माफ कर दिया। इसके खिलाफ वह फिर कोर्ट गए तो कोर्ट ने माना कि सरकार को ब्याज माफी का अधिकार नहीं है। इस मामले में गन्ना विभाग के अधिकारी कोर्ट में तलब किए गए हैं।
सपा सरकार ने चीनी मिलों पर ब्याज माफ न किया होता तो ब्याज देने के डर से चीनी मिल स्वामी किसानों को गन्ने का समय से भुगतान कर रहे होते। वीएम सिंह ने बजाज चीनी मिल के यूनिट हेड आरबी खोखर को मौके पर बुलाया। एसडीएम सुशांत श्रीवास्तव और सीओ बीएस वीरकुमार भी मौके पर मौजूद रहे।
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वार्ता के दौरान यूनिट हेड ने कहा कि हर हफ्ते सात करोड़ रुपये किसानों के खाते में भेजे जाएंगे। दिसंबर में 15 करोड़ का भुगतान किया जाएगा। पिछले वर्ष का शेष भुगतान 31 जनवरी तक कर दिया जाएगा। इस पर वीएम सिंह ने पांच किसानों की टीम गठित करने को कहा। टीम में एसडीएम भी शामिल होंगे। वीएम सिंह ने कहा कि 31 जनवरी तक भुगतान नहीं किया तो कोर्ट के माध्यम से बकाया भुगतान लिया जाएगा।
इस दौरान जिलाध्यक्ष अमरजीत सिंह, पवन कश्यप, अंग्रेज सिंह, अनुरुद्ध सिंह, वीरपाल सिंह, बाज सिंह, उमाशंकर पटेल, गुरनाम सिंह, गुरदेव सिंह, भाकियू चढूनी गुट के जिलाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह गिल आदि किसान मौजूद रहे। वार्ता के बाद धरना प्रदर्शन समाप्त कर दिया गया।
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सोमवार को किसान नेता वीएम सिंह धरना स्थल पर पहुंचे और सर्दी में धरना दे रहे किसानों की हौसला आफिजाई की। वीएम सिंह ने कहा कि उन्होंने वर्ष 2012 में किसानों के बकाया गन्ना भुगतान पर ब्याज दिलाने का आदेश कोर्ट से कराया था। बाद में सपा सरकार ने ब्याज माफ कर दिया। इसके खिलाफ वह फिर कोर्ट गए तो कोर्ट ने माना कि सरकार को ब्याज माफी का अधिकार नहीं है। इस मामले में गन्ना विभाग के अधिकारी कोर्ट में तलब किए गए हैं।
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सपा सरकार ने चीनी मिलों पर ब्याज माफ न किया होता तो ब्याज देने के डर से चीनी मिल स्वामी किसानों को गन्ने का समय से भुगतान कर रहे होते। वीएम सिंह ने बजाज चीनी मिल के यूनिट हेड आरबी खोखर को मौके पर बुलाया। एसडीएम सुशांत श्रीवास्तव और सीओ बीएस वीरकुमार भी मौके पर मौजूद रहे।
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वार्ता के दौरान यूनिट हेड ने कहा कि हर हफ्ते सात करोड़ रुपये किसानों के खाते में भेजे जाएंगे। दिसंबर में 15 करोड़ का भुगतान किया जाएगा। पिछले वर्ष का शेष भुगतान 31 जनवरी तक कर दिया जाएगा। इस पर वीएम सिंह ने पांच किसानों की टीम गठित करने को कहा। टीम में एसडीएम भी शामिल होंगे। वीएम सिंह ने कहा कि 31 जनवरी तक भुगतान नहीं किया तो कोर्ट के माध्यम से बकाया भुगतान लिया जाएगा।
इस दौरान जिलाध्यक्ष अमरजीत सिंह, पवन कश्यप, अंग्रेज सिंह, अनुरुद्ध सिंह, वीरपाल सिंह, बाज सिंह, उमाशंकर पटेल, गुरनाम सिंह, गुरदेव सिंह, भाकियू चढूनी गुट के जिलाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह गिल आदि किसान मौजूद रहे। वार्ता के बाद धरना प्रदर्शन समाप्त कर दिया गया।