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बजाज चीनी मिल में दूसरे गेट से शुरू हुई गन्ने की तौल
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मकसूदापुर चीनी मिल में धरना स्थल पर किसान नेताओं से बात करते एसडीएम, सीओ
- फोटो : POWAYAN
बंडा (शाहजहांपुर)। गत वर्ष का बकाया गन्ना भुगतान कराने की मांग को लेकर राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन का प्रदर्शन तीसरे दिन सोमवार को भी जारी रहा। रविवार को संगठन के कार्यकर्ताओं ने मुख्य गन्ना गेट बंद कर तौल ठप करा दी थी। रात में मिल प्रबंधन ने दूसरे गेट से ट्रैक्टर ट्राली और ट्रकों को अंदर लेकर तौल शुरू करा दी है।
मकसूदापुर स्थित बजाज चीनी मिल पर किसानों का पिछले वर्ष बेचे गए गन्ने का करीब 75 करोड़ रुपया बकाया है। बकाया भुगतान की मांग को लेकर राकिमसं के कार्यकर्ताओं ने शनिवार से मिल गेट पर प्रदर्शन शुरू कर दिया था। रविवार को किसानों ने मिल के मुख्य गन्ना गेट पर ताला जड़ दिया, इससे गन्ने की तौल ठप हो गई थी। किसान गन्ने की तौल शुरू करने की बात कह रहे थे, इसको लेकर किसानों और किसान संगठन के कार्यकर्ताओं के बीच झड़प भी हुई थी। दिन भर तौल बंद रहने के बाद रात में मिल प्रबंधन ने दूसरे गेट से गन्ने की तौल शुरू करा दी थी।
सोमवार को एसडीएम सुशांत श्रीवास्तव और सीओ बीएस वीरकुमार धरना स्थल पर पहुंचे और किसान नेताओं ने वार्ता की। मिल के जीएम केन हितेंद्र सिंह को भी बुलाया गया। हितेंद्र सिंह ने बताया कि चीनी और शीरा बेचकर 85 प्रतिशत राशि किसानों के खातों में भेजी जा रही है। संगठन के जिलाध्यक्ष अमरजीत सिंह ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को देकर गत वर्ष का गन्ना भुगतान कराने की मांग की।
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ज्ञापन में कहा है कि सरकार किसानों के हित में काम करने की बात कह रही है, लेकिन चीनी मिल प्रशासन सरकार के आदेश को नहीं मान रहा है। इससे किसान बेहद परेशान है। बकाया भुगतान नहीं होने तक प्रदर्शन जारी रखा जाएगा। वार्ता के दौरान कोई रास्ता नहीं निकलने पर एसडीएम और सीओ वापस लौट गए। इस मौके पर राकिमसं के जिलाध्यक्ष अमरजीत सिंह, रामशंकर मिश्रा, सचिन मिश्रा, उमाशंकर पटेल, प्रेमसागर पटेल, चढ़ूनी गुट के जिलाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह गिल, किसान यूनियन (किसान सरकार) के राष्ट्रीय अध्यक्ष पवन कश्यप, कुलदीप सिंह, अनिरुद्ध सिंह, गुरविंदर सिंह, रंजीत सिंह, बलवीर सिंह सहित तमाम किसान मौजूद रहे।
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मकसूदापुर स्थित बजाज चीनी मिल पर किसानों का पिछले वर्ष बेचे गए गन्ने का करीब 75 करोड़ रुपया बकाया है। बकाया भुगतान की मांग को लेकर राकिमसं के कार्यकर्ताओं ने शनिवार से मिल गेट पर प्रदर्शन शुरू कर दिया था। रविवार को किसानों ने मिल के मुख्य गन्ना गेट पर ताला जड़ दिया, इससे गन्ने की तौल ठप हो गई थी। किसान गन्ने की तौल शुरू करने की बात कह रहे थे, इसको लेकर किसानों और किसान संगठन के कार्यकर्ताओं के बीच झड़प भी हुई थी। दिन भर तौल बंद रहने के बाद रात में मिल प्रबंधन ने दूसरे गेट से गन्ने की तौल शुरू करा दी थी।
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सोमवार को एसडीएम सुशांत श्रीवास्तव और सीओ बीएस वीरकुमार धरना स्थल पर पहुंचे और किसान नेताओं ने वार्ता की। मिल के जीएम केन हितेंद्र सिंह को भी बुलाया गया। हितेंद्र सिंह ने बताया कि चीनी और शीरा बेचकर 85 प्रतिशत राशि किसानों के खातों में भेजी जा रही है। संगठन के जिलाध्यक्ष अमरजीत सिंह ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को देकर गत वर्ष का गन्ना भुगतान कराने की मांग की।
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ज्ञापन में कहा है कि सरकार किसानों के हित में काम करने की बात कह रही है, लेकिन चीनी मिल प्रशासन सरकार के आदेश को नहीं मान रहा है। इससे किसान बेहद परेशान है। बकाया भुगतान नहीं होने तक प्रदर्शन जारी रखा जाएगा। वार्ता के दौरान कोई रास्ता नहीं निकलने पर एसडीएम और सीओ वापस लौट गए। इस मौके पर राकिमसं के जिलाध्यक्ष अमरजीत सिंह, रामशंकर मिश्रा, सचिन मिश्रा, उमाशंकर पटेल, प्रेमसागर पटेल, चढ़ूनी गुट के जिलाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह गिल, किसान यूनियन (किसान सरकार) के राष्ट्रीय अध्यक्ष पवन कश्यप, कुलदीप सिंह, अनिरुद्ध सिंह, गुरविंदर सिंह, रंजीत सिंह, बलवीर सिंह सहित तमाम किसान मौजूद रहे।