फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shahjahanpur News ›   Due to the rain on the mountains, the rivers again sprang

पहाड़ों पर हुई बारिश से जिले की नदियों में फिर आया उफान

Wed, 21 Sep 2022 12:42 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 21 Sep 2022 12:42 AM IST
सार

बाढ़ नियंत्रण कक्ष के अनुसार नरौरा समेत अन्य बैराजों से गंगा, रामगंगा में 74000 क्यूसेक पानी जा रहा है और ड्यूनी डॉम से 2279 क्यूसेक पानी निकलने से गर्रा के जलस्तर में वृद्धि हुई है। फिलहाल, कलान के भैंसार बांध पर गंगा बीते दिन की तुलना में पांच सेमी बढ़कर 142.45 मीटर पर बह रही है। सूखा के कारण ग्रामीणों ने रामगंगा के तट के पास में भी उर्द, मूंग, मूंगफली, मक्का आदि फसलें बोईं, लेकिन अब रामगंगा उफनाने के कारण नारायण नगर पश्चिमी, मंझा, मोहनपुर, हैदलपुर साहनी आदि गांवों के लोगों को फसलें नष्ट होने की काफी चिंता है।पिछले सप्ताह मैदानी क्षेत्रों की तुलना में पहाड़ों पर भारी वर्षा होने के कारण बांधों और बैराजों से अतिरिक्त पानी निकालना पड़ा और नदियों का जलस्तर थोड़ा बढ़ा है।

विज्ञापन
Due to the rain on the mountains, the rivers again sprang

विस्तार

शाहजहांपुर। उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में भारी वर्षा के कारण बांधों-बैराजों से अतिरिक्त पानी की निकासी बढ़ने के साथ ही जिले से होकर बहने वाली नदियों में फिर उफान आ गया है। जलालाबाद व कलान तहसील में गंगा, रामगंगा और शहर के समीप गर्रा नदी अपने तटों से बाहर निकलकर फैलाव लेने लगी हैं।
विज्ञापन

बाढ़ नियंत्रण कक्ष के अनुसार नरौरा समेत अन्य बैराजों से गंगा, रामगंगा में 74000 क्यूसेक पानी जा रहा है और ड्यूनी डॉम से 2279 क्यूसेक पानी निकलने से गर्रा के जलस्तर में वृद्धि हुई है। नदियों में पानी बढ़ने से तटवर्ती गांवों के ग्रामीण बाढ़ की विपदा को लेकर भयभीत हैं।
विज्ञापन

दो दिन पहले नरौरा बैराज से गंगा में 25838 क्यूसेक पानी निकला था। यह पानी बीती रात यहां पहुंचा, बीते दिन 63654 क्यूसेक पानी की निकासी होने से गंगा का जलस्तर बढ़ने लगा। बाढ़ नियंत्रण कक्ष के अनुसार मंगलवार को भी नरौरा बैराज से निकल रहे पानी की मात्रा कम नहीं हुई। इसलिए गंगा का जलस्तर बुधवार को बढ़ने के आसार हैं। फिलहाल, कलान के भैंसार बांध पर गंगा बीते दिन की तुलना में पांच सेमी बढ़कर 142.45 मीटर पर बह रही है। उधर, रामनगर, खो, हरेली, किच्छा आदि बांधों-बैराजों से रामगंगा में 9853 क्यूसेक पानी जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

खास बात यह है कि विभाग के अधिकारी बाढ़ की स्थिति से इन्कार कर रहे हैं, लेकिन मिर्जापुर क्षेत्र में गंगा-रामगंगा के तटवर्ती गांवों के बाशिंदे एकबार फिर भयभीत होने लगे हैं। गंगा के किनारे बसे आजाद नगर, इस्लामनगर, कमथरी, चितार आदि गांवों के लोगों का कहना है कि इससे पहले आई बाढ़ में वह अपना सब कुछ गवां चुके हैं और अब खोने के लिए सिर्फ उनकी जान बची है। ग्रामीण इस बात से भी नाराज हैं कि प्रशासन उन्हें बाढ़ आने की पहले से कोई सूचना नहीं देता है।
रामगंगा में फिर फसलें डूबने की आशंका
परौर। क्षेत्र में रामगंगा में पानी बढ़ने से आसपास के ग्रामीण नदी के किनारे वाले खेतों में खड़ी फसलें बाढ़ में डूबने की आशंका से परेशान हैं। पानी इतनी तेजी से बढ़ रहा है कि रामगंगा के किनारे पर खड़ी वैकल्पिक फसलों के भी जाने का अंदेशा पैदा हो गया है। सूखा के कारण ग्रामीणों ने रामगंगा के तट के पास में भी उर्द, मूंग, मूंगफली, मक्का आदि फसलें बोईं, लेकिन अब रामगंगा उफनाने के कारण नारायण नगर पश्चिमी, मंझा, मोहनपुर, हैदलपुर साहनी आदि गांवों के लोगों को फसलें नष्ट होने की काफी चिंता है।

पिछले सप्ताह मैदानी क्षेत्रों की तुलना में पहाड़ों पर भारी वर्षा होने के कारण बांधों और बैराजों से अतिरिक्त पानी निकालना पड़ा और नदियों का जलस्तर थोड़ा बढ़ा है। सुबह मिली सूचनाओं के अनुसार नरौरा को छोड़कर सभी बांधों और बैराजों से पानी निकलने की मात्रा कम हो गई है। फिलहाल सभी नदियां खतरे के निशान से काफी नीचे हैं और उनमें बाढ़ जैसी कोई स्थिति नहीं है। - सुनील कुमार भास्कर, अधिशासी अभियंता, सिंचाई विभाग
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed