फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shahjahanpur News ›   Due to the lack of pre-monsoon rain, the huge cost of planting paddy

मानसून पूर्व बारिश नहीं होने से धान की रोपाई में आ रही भारी लागत

Wed, 15 Jun 2022 01:32 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 15 Jun 2022 01:32 AM IST
विज्ञापन
Due to the lack of pre-monsoon rain, the huge cost of planting paddy
पंपिंग सेट से गन्ने की सिंचाई करता किसान - फोटो : POWAYAN
पुवायां (शाहजहांपुर)। मानसून पूर्व बारिश नहीं होने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। बड़े किसानों ने धान की रोपाई तो शुरू करा दी है, लेकिन सिंचाई पर भारी खर्च आ रहा है। वहीं छोटे किसान अभी धान की रोपाई के बारे में सोच भी नहीं रहे हैं।
विज्ञापन

पुवायां तहसील जिले ही नहीं प्रदेश भर में खेती के काम में अग्रणी स्थान रखती है। यहां मुख्य रूप से धान, गेहूं, गन्ना की फसल की जाती है। साठा की खेती पर प्रतिबंध के बाद अब मक्का, खरबूजा, शिमला मिर्च आदि की खेती बढ़ गई है। प्री मानसून बारिश से छोटे किसान खाली पड़े खेतों की जुताई शुरू कर देते थे, जिससे खेतों में जमने वाला खरपतवार नष्ट हो जाता था और धान की रोपाई के लिए तैयारी भी हो जाती थीं। वहीं बड़े किसान प्री मानसून बारिश में धान की रोपाई शुरू करा देते थे, जिससे सिंचाई में कम खर्च आता था।
विज्ञापन

इस बार प्री मानसून बारिश नहीं होने के बाद भी बड़े किसानों ने निजी नलकूपों से पानी भरकर धान की रोपाई शुरू करा दी है। जल्दी धान रोपाई का कारण है कि फसल पहले ही पक जाती है और धान काट कर आलू की बुवाई कर दी जाती है। धान की रोपाई में खेत में पानी भरने में भारी खर्च आ रहा है, लेकिन बड़े किसान फिर भी रोपाई कर रहे हैं। छोटे किसान ने अभी धान रोपाई की तैयारी नहीं की है और वह बारिश के इंतजार में है।
विज्ञापन
विज्ञापन

एक एकड़ पर रोपाई में खर्च हो रही राशि
पुवायां। एक एकड़ धान की रोपाई यदि नहर के पानी से की जाए तो इसमें मात्र सौ पचास रुपये की ही राशि जमा करनी पड़ती है। निजी नलकूप से सिंचाई पर भी किसान को राहत रहती है, लेकिन जिन किसानों के पास सरकारी, निजी नलकूप, नहर आदि से सिंचाई की सुविधा नहीं है, उन्हें एकड़ में धान लगाने के लिए लगभग ढाई हजार रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। धान की रोपाई के बाद भी भीषण गर्मी के चलते दूसरे तीसरे दिन पानी चलाना पड़ रहा है।
लो वोल्टेज से लोग परेशान
पुवायां। धान की रोपाई के समय बिजली कम मिल रही है और जब मिल रही है तो लो वोल्टेज के कारण मोटर नहीं चल पा रहे हैं। इस कारण भी सिंचाई के लिए पंपिंग सेट का सहारा लेना पड़ रहा है। धान के अलावा गन्ने आदि की सिंचाई में भी किसान को भारी नुकसान हो रहा है। यह समस्या बारिश के बाद ही हल हो सकेगी।

खुटार के सिल्हुआ गांव के रहने वाले रामशंकर मिश्र ने बताया कि धान की रोपाई के लिए खेतों को जोतना है, लेकिन बिना सिंचाई व जुताई संभव नहीं है। बिजली मिल नहीं रही है और मिल रही है तो लो वोल्टज से मोटर नहीं चल रहे हैं। पुवायां के सिरखिड़ी गावं के श्यामबाबू शुक्ला ने बताया कि बारिश प्रति वर्ष कम होती जा रही है। प्री मानसून बारिश ने होने से सिंचाई का खर्च बेहद बढ़ गया है। संवाद

पुवायां में लगाया जा रहा धान

पुवायां में लगाया जा रहा धान- फोटो : POWAYAN

 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed