फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shahjahanpur News ›   Drought of fertilizer in committees, black marketing in shops

Shahjahanpur News: समितियों में खाद का सूखा, दुकानों पर कालाबाजारी

Mon, 25 Nov 2024 04:01 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर Updated Mon, 25 Nov 2024 04:01 AM IST
विज्ञापन
Drought of fertilizer in committees, black marketing in shops
अल्हागंज क्षेत्र की रतनापुर बेला सहकारी समिति में खाद नहीं होने से पड़े ताले। संवाद
अल्हागंज। क्षेत्र की दोनों सहकारी समितियों पर पखवाड़ेभर से खाद का सूखा पड़ा है। इससे गेहूं की बोआई के लिए 12 से अधिक गांवों के हजारों किसान परेशान हैं, लेकिन क्षेत्र की दुकानों पर कालाबाजारी जारी है। प्रत्येक बोरी पर 300 रुपये अधिक की वसूली की जा रही है।
विज्ञापन


क्षेत्र में रत्नापुर बेला और निबऊ नगला में सहकारी समितियां हैं। एक माह पूर्व निबऊ नगला समिति पर किसानों को एक ट्रक (450 बोरी) खाद बांटी गई थी। दो सप्ताह पूर्व इसी समिति को एक ट्रक खाद और मिल चुकी है। वहां के सचिव महेश सिंह उसका वितरण करा चुके हैं। सभी को खाद फिर भी नहीं मिल पाई है।
विज्ञापन


उधर, रत्नापुर बेला समिति पर एक माह से खाद नहीं आने से वहां से किसान मायूस लौट रहे हैं। किसानों को बाजार से डीएपी 1650 से 1700 रुपये प्रति बोरी खरीदनी पड़ रही है, जबकि समितियों पर 1350 रुपये दर निर्धारित है।
विज्ञापन
विज्ञापन


रत्नापुर बेला सहकारी समिति की अध्यक्ष मीरा मिश्रा का आरोप है कि सचिव की लापरवाही से खाद की उपलब्धता नहीं हो सकी। समिति के बोर्ड की ओर से करीब 20 दिन पूर्व सचिव को खाद का चेक दे दिया गया था। इसके बावजूद संकट बना हुआ है। हालांकि, सचिव ने इस आरोप से इन्कार कर बताया, वह मुख्यालय में चेक जमा कर चुके हैं और दो ट्रक खाद जल्द मिल जाएगी।
000

दो समितियों का अतिरिक्त प्रभार

निबऊनगला सहकारी समिति के सचिव महेश सिंह पर रत्नापुर बेला सहित जलालाबाद क्षेत्र की फरीदापुर सहकारी समिति का भी अतिरिक्त प्रभार है। नियमानुसार हर समिति पर सचिव की सहायता के लिए दो कर्मचारी होने चाहिए, लेकिन इन तीनों समितियों पर कोई अन्य कर्मचारी की नियुक्त नहीं है। इस कारण समिति कार्यालय खोलने और बंद करने का दायित्व सचिव पर है। इसीलिए एक समिति पर खाद वितरण के दौरान अन्य दोनों समितियां बंद रहती हैं, जबकि किसानों का जमावड़ा सभी समितियों पर लग रहा है।
000



मुझे लगभग 40 बोरी खाद की आवश्यकता है, लेकिन अभी तक सिर्फ दो बोरी मिली हैं। बाजार में दुकानदार 300 रुपये अधिक पर 1650 रुपये के दाम वसूल रहे हैं। साथ में 250 रुपये का जिंक सल्फेट का पैकेट भी लेने के लिए मजबूर करते हैं।

-धीरेंद्र सिंह, अल्हागंज

---



खाद के लिए रत्नापुर बेला सहकारी समिति पर एक माह से भटकना पड़ रहा है। वहां जाने पर एक-दो दिन में खाद आने का बहाना करके टरका दिया जाता है। निबऊ नगला समिति पर किसानों का इतना जमावड़ा हो जाता है कि सबको खाद नहीं मिल पाती।




-भवानी सिंह, अल्हागंज

अल्हागंज क्षेत्र की रतनापुर बेला सहकारी समिति में खाद नहीं होने से पड़े ताले। संवाद

अल्हागंज क्षेत्र की रतनापुर बेला सहकारी समिति में खाद नहीं होने से पड़े ताले। संवाद

अल्हागंज क्षेत्र की रतनापुर बेला सहकारी समिति में खाद नहीं होने से पड़े ताले। संवाद

अल्हागंज क्षेत्र की रतनापुर बेला सहकारी समिति में खाद नहीं होने से पड़े ताले। संवाद

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed