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Shahjahanpur News: कम नंबर आने पर निराश न हों, खुले हैं सुनहरे विकल्प
Mon, 22 Apr 2024 04:06 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, शाहजहाँपुर
Updated Mon, 22 Apr 2024 04:06 AM IST
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डॉ. स्वप्निल यादव
शाहजहांपुर। यूपी बोर्ड की परीक्षा के कई छात्र-छात्राएं नंबर कम आने से निराश हैं। उनके सामने ऐसे कई सुनहरे विकल्प हैं, जिन्हें चुनकर वह अपना करियर बना सकते हैं।
करियर काउंसलर एवं जीएफ कॉलेज में बायोटेक्नोलॉजी विभाग के अध्यक्ष डॉ. स्वप्निल यादव ने बताया कि इंटरमीडिएट करने वालों के पास सिविल सर्विस की तैयारी करने का बहुत अच्छा मौका है। कला वर्ग के विद्यार्थी इसे चुन भी सकते हैं। वह विभिन्न विषयों से बीए करने के साथ ही सिविल सर्विस की तैयारी कर सकते हैं।
आईआईटी जैसे संस्थान से बीटेक करने के लिए जेईई की परीक्षा की तैयारी भी की जा सकती है।प्राइवेट संस्थानों से बीटेक करने, एनडीए की परीक्षा की तैयारी, जर्नलिज्म और फूड टेक्नोलॉजी के क्षेत्र भी करियर के लिए बेहतर हैं।
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कॉमर्स वर्ग के छात्र-छात्राओं के पास बीकॉम करने का अच्छा विकल्प होता है। कई संस्थान पांच वर्षीय बीए-एलएलबी भी करवा रहे हैं। इंटरमीडिएट गणित ग्रुप के छात्र-छात्राएं परंपरागत बीएससी, गणित के अलावा सांख्यिकी भी ले सकते हैं। बीसीए, बीबीए, कॉमर्स, होटल मैनेजमेंट जैसे कोर्स भी विकल्प के तौर पर उपलब्ध हैं। इन सभी में 60 प्रतिशत तथा उससे कुछ नीचे के अंक भी मान्य होते हैं।
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करियर काउंसलर एवं जीएफ कॉलेज में बायोटेक्नोलॉजी विभाग के अध्यक्ष डॉ. स्वप्निल यादव ने बताया कि इंटरमीडिएट करने वालों के पास सिविल सर्विस की तैयारी करने का बहुत अच्छा मौका है। कला वर्ग के विद्यार्थी इसे चुन भी सकते हैं। वह विभिन्न विषयों से बीए करने के साथ ही सिविल सर्विस की तैयारी कर सकते हैं।
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आईआईटी जैसे संस्थान से बीटेक करने के लिए जेईई की परीक्षा की तैयारी भी की जा सकती है।प्राइवेट संस्थानों से बीटेक करने, एनडीए की परीक्षा की तैयारी, जर्नलिज्म और फूड टेक्नोलॉजी के क्षेत्र भी करियर के लिए बेहतर हैं।
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कॉमर्स वर्ग के छात्र-छात्राओं के पास बीकॉम करने का अच्छा विकल्प होता है। कई संस्थान पांच वर्षीय बीए-एलएलबी भी करवा रहे हैं। इंटरमीडिएट गणित ग्रुप के छात्र-छात्राएं परंपरागत बीएससी, गणित के अलावा सांख्यिकी भी ले सकते हैं। बीसीए, बीबीए, कॉमर्स, होटल मैनेजमेंट जैसे कोर्स भी विकल्प के तौर पर उपलब्ध हैं। इन सभी में 60 प्रतिशत तथा उससे कुछ नीचे के अंक भी मान्य होते हैं।