{"_id":"5c23533c7f2f6ba4ff32190d18d36e09","slug":"district-panchayat-president-post-unreserved-political-hot-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिला पंचायत अध्यक्ष के अनारक्षित पद से सियासत गर्म","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिला पंचायत अध्यक्ष के अनारक्षित पद से सियासत गर्म
शाहजहांपुर।
Updated Wed, 23 Sep 2015 11:13 PM IST
विज्ञापन
करीब डेढ़ दशक बाद जिला पंचायत अध्यक्ष का पद अनारक्षित घोषित होने से जिले की सियासत गरमाने लगी है। खास यह है कि राज्य निर्वाचन आयोग के इस निर्णय से सपा, भाजपा और कांग्रेस गदगद है, क्योंकि उन्हें लाभ दिख रहा है। दूसरी ओर, जिला पंचायत की अध्यक्षी पर सामान्य वर्ग की दावेदारी को देखते बसपा खेमे ने गुपचुप तरीके से नई रणनीति बनानी शुरू कर दी।
जिला पंचायत के पिछले दो सत्रों में अध्यक्ष पद पिछड़ा वर्ग पुरुष और महिला के नाम रिजर्व रहा। वर्तमान में दलित महिला के लिए अध्यक्ष पद आरक्षित है। जिला कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता मुजीबउरहहमान खां के अनुसार 15 साल बाद सामान्य वर्ग को अध्यक्ष पद की दावेदारी का हक मिला, जो कि अच्छी बात है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में सामान्य वर्ग के तमाम लोगों को जनसेवा का मंच मिल सकेगा।
समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष तनवीर खां के अनुसार पार्टी की चुनावी रणनीति पर सीट रिजर्व होने- न होने का कोई फर्क नहीं पड़ता, बल्कि इससे पार्टी को फायदा ही होगा। उन्होंने कहा कि जिसकी किस्मत में होगा, वही अध्यक्ष बनेगा। प्रत्याशी वही होगा, जिसे पार्टी तय करेगी। जनता के सामने भी वहीं व्यक्ति आएगा। चुनाव की तैयारी पहले ही पूरी कर ली है, अब तैयारियों को मांजने का वक्त है।
विज्ञापन
भाजपा के वरिष्ठ नेता राकेश मिश्र अनावा का कहना है कि निर्वाचन आयोग के इस फैसले से सवर्ण समाज में राजनीतिक चेतना आएगी। हालांकि, भाजपा में सामान्य वर्ग के लोगों की खासी संख्या पहले से है। इसके बावजूद पार्टी को भी प्रत्यक्ष लाभ यह भी होगा कि भाजपा से सामान्य वर्ग के तमाम नए लोग भी जुड़ेंगे। उधर, बसपा खेमा भी नए सिरे से चुनावी गोटियां बिछाने में जुट गया है।
बसपा के जिलाध्यक्ष उदयवीर सिंह से बात करने पर यही जाहिर हुआ। उन्होंने पार्टी ने जिला पंचायत अध्यक्ष पद का चुनाव पूरी दमदारी से लडने की तैयारी पहले से कर रखी है। जिला पंचायत के सभी 48 वार्डों से पार्टी प्रत्याशी उतारने का निर्णय किया गया है। चुने गए सदस्यों पर अध्यक्ष पद का फैसला निर्भर करेगा। उम्मीदवार भी तय हो रहे हैं। कौन हैं, यह अभी नहीं बताएंगे, लेकिन जो भी होंगे पार्टी और जनता के प्रति समर्पित होंगे।
विज्ञापन
जिला पंचायत के पिछले दो सत्रों में अध्यक्ष पद पिछड़ा वर्ग पुरुष और महिला के नाम रिजर्व रहा। वर्तमान में दलित महिला के लिए अध्यक्ष पद आरक्षित है। जिला कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता मुजीबउरहहमान खां के अनुसार 15 साल बाद सामान्य वर्ग को अध्यक्ष पद की दावेदारी का हक मिला, जो कि अच्छी बात है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में सामान्य वर्ग के तमाम लोगों को जनसेवा का मंच मिल सकेगा।
विज्ञापन
समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष तनवीर खां के अनुसार पार्टी की चुनावी रणनीति पर सीट रिजर्व होने- न होने का कोई फर्क नहीं पड़ता, बल्कि इससे पार्टी को फायदा ही होगा। उन्होंने कहा कि जिसकी किस्मत में होगा, वही अध्यक्ष बनेगा। प्रत्याशी वही होगा, जिसे पार्टी तय करेगी। जनता के सामने भी वहीं व्यक्ति आएगा। चुनाव की तैयारी पहले ही पूरी कर ली है, अब तैयारियों को मांजने का वक्त है।
विज्ञापन
भाजपा के वरिष्ठ नेता राकेश मिश्र अनावा का कहना है कि निर्वाचन आयोग के इस फैसले से सवर्ण समाज में राजनीतिक चेतना आएगी। हालांकि, भाजपा में सामान्य वर्ग के लोगों की खासी संख्या पहले से है। इसके बावजूद पार्टी को भी प्रत्यक्ष लाभ यह भी होगा कि भाजपा से सामान्य वर्ग के तमाम नए लोग भी जुड़ेंगे। उधर, बसपा खेमा भी नए सिरे से चुनावी गोटियां बिछाने में जुट गया है।
बसपा के जिलाध्यक्ष उदयवीर सिंह से बात करने पर यही जाहिर हुआ। उन्होंने पार्टी ने जिला पंचायत अध्यक्ष पद का चुनाव पूरी दमदारी से लडने की तैयारी पहले से कर रखी है। जिला पंचायत के सभी 48 वार्डों से पार्टी प्रत्याशी उतारने का निर्णय किया गया है। चुने गए सदस्यों पर अध्यक्ष पद का फैसला निर्भर करेगा। उम्मीदवार भी तय हो रहे हैं। कौन हैं, यह अभी नहीं बताएंगे, लेकिन जो भी होंगे पार्टी और जनता के प्रति समर्पित होंगे।