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इलाज में लापरवाही पर जिला अस्पताल में हंगामा
अमर उजाला ब्यूरो, शाहजहांपुर
Updated Mon, 17 Apr 2017 11:52 PM IST
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जिला अस्पताल में घायल की इलाज के दौरान मौत होने पर परिजनों व रिश्तेदारों ने अस्पताल स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने बमुश्किल मामले को शांत किया। वहीं अस्पताल स्टाफ ने लापरवाही के आरोप झूठा बताया है।
थाना तिलहर क्षेत्र के गांव बभिया निवासी 50 वर्षीय अमरपाल को रविवार देर शाम घायल अवस्था में जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। आरोप है कि डॉक्टर से लेकर अस्पताल के स्टाफ ने इलाज में लापरवाही बरतनी शुरू कर दी। जब अस्पताल स्टाफ से कहा गया कि कोई इलाज में फायदा नहीं हो रहा है और बेहतर दवाइयों के साथ उनके मरीज का इलाज किया जाए। इस पर भी अस्पताल स्टाफ ने कोई तवज्जो नहीं दी। साथ बिना हाथ लगाए ऐसे ही उनके मरीज को देखकर चले गए। जबकि उनके मरीज की हालत गंभीर होती चली गई। अस्पताल स्टाफ की लापरवाही से अमरपाल ने सोमवार शाम लगभग पांच बजे इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। अमरपाल की मौत के बाद गुस्साए लोगों ने अस्पताल के सर्जिकल वार्ड में ही हंगामा करना शुरू कर दिया। इससे अस्पताल स्टाफ के लोग आ गए और अन्य भर्ती मरीजों के तीमारदार भी एकत्र हो गए। उन लोगों ने भी लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल स्टाफ को खरी-खोटी सुनाई। इसी बीच सूचना मिलने पर पुलिस भी अस्पताल में पहुंच गई और जौसे-तैसे भड़के लोगों को शांत किया। वहीं सीएमएस केशव स्वामी का कहना है कि अस्पताल में अमरपाल के साथ भी कोई भेदभाव नहीं किया गया और न ही लापरवाही की गई। आरोप गलत है।
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विधायक से भिड़ चुका है अस्पताल स्टाफ
जिला अस्पताल मेें मरीजों के साथ लापरवाही का मामला कोई नया नहीं है। लगभग एक माह पहले शिक्षक विधायक संजय मिश्रा रात में जब अपने परिचित को देखने जिला अस्पताल गए तो यहां उनके साथ भी अस्पताल स्टाफ ने अभद्रता की और उल्टा उन्हीं के खिलाफ रिपोर्ट भी दर्ज करा दी। हालांकि पुलिस ने बाद में विधायक की ओर से भी अस्पताल स्टाफ के खिलाफ मामला दर्ज किया। इस मामले की जांच अभी भी चल रही है।
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थाना तिलहर क्षेत्र के गांव बभिया निवासी 50 वर्षीय अमरपाल को रविवार देर शाम घायल अवस्था में जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। आरोप है कि डॉक्टर से लेकर अस्पताल के स्टाफ ने इलाज में लापरवाही बरतनी शुरू कर दी। जब अस्पताल स्टाफ से कहा गया कि कोई इलाज में फायदा नहीं हो रहा है और बेहतर दवाइयों के साथ उनके मरीज का इलाज किया जाए। इस पर भी अस्पताल स्टाफ ने कोई तवज्जो नहीं दी। साथ बिना हाथ लगाए ऐसे ही उनके मरीज को देखकर चले गए। जबकि उनके मरीज की हालत गंभीर होती चली गई। अस्पताल स्टाफ की लापरवाही से अमरपाल ने सोमवार शाम लगभग पांच बजे इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। अमरपाल की मौत के बाद गुस्साए लोगों ने अस्पताल के सर्जिकल वार्ड में ही हंगामा करना शुरू कर दिया। इससे अस्पताल स्टाफ के लोग आ गए और अन्य भर्ती मरीजों के तीमारदार भी एकत्र हो गए। उन लोगों ने भी लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल स्टाफ को खरी-खोटी सुनाई। इसी बीच सूचना मिलने पर पुलिस भी अस्पताल में पहुंच गई और जौसे-तैसे भड़के लोगों को शांत किया। वहीं सीएमएस केशव स्वामी का कहना है कि अस्पताल में अमरपाल के साथ भी कोई भेदभाव नहीं किया गया और न ही लापरवाही की गई। आरोप गलत है।
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विधायक से भिड़ चुका है अस्पताल स्टाफ
जिला अस्पताल मेें मरीजों के साथ लापरवाही का मामला कोई नया नहीं है। लगभग एक माह पहले शिक्षक विधायक संजय मिश्रा रात में जब अपने परिचित को देखने जिला अस्पताल गए तो यहां उनके साथ भी अस्पताल स्टाफ ने अभद्रता की और उल्टा उन्हीं के खिलाफ रिपोर्ट भी दर्ज करा दी। हालांकि पुलिस ने बाद में विधायक की ओर से भी अस्पताल स्टाफ के खिलाफ मामला दर्ज किया। इस मामले की जांच अभी भी चल रही है।
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