फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shahjahanpur News ›   Devotees throng to get the blessings of Baba Vankhandi and Choksi Nath

हमारे शिवालयः बाबा वनखंडी नाथ व चौकसी नाथ की कृपा पाने को उमड़ते हैं भक्त

Mon, 28 Feb 2022 02:12 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 28 Feb 2022 02:12 AM IST
विज्ञापन
Devotees throng to get the blessings of Baba Vankhandi and Choksi Nath
शाहजहांपुर का चौकसी नाथ मंदिर । संवाद - फोटो : SHAHJAHANPUR
शाहजहांपुर। बाबा वनखंडी नाथ और चौकसी नाथ मंदिर शिवभक्तों की आस्था का केंद्र हैं। भोलेनाथ की कृ पा पाने के लिए दोनों ही मंदिरों में हजारों श्रद्धालु आते हैं। इन दोनों ही मंदिरों का इतिहास काफी पुराना है। शहर के घंटाघर रोड स्थित बाबा वनखंडी नाथ मंदिर के स्थान पर कभी जंगल हुआ करता था। वनखंडी नाथ मंदिर के पुजारी अमित व्यास ने बताया कि एक बार कुछ साधु-संत विश्राम करने के लिए यहां ठहरे थे। उनमें से ही एक महात्मा को उस स्थान पर शिवमंदिर के निर्माण के लिए स्वप्न आया।
विज्ञापन

जब वन की साफ-सफाई हो रही थी, तभी कुदाल भूमि में शिवलिंग से जा टकराई। इससे शिवलिंग खंडित हो गया और निशान पड़ गया। इसे हम बाबा वनखंडी नाथ के नाम से जानते हैं। मंदिर के वर्तमान स्वरूप की स्थापना 16 मार्च, 1950 को हुई। शहर के सेठ लाला विशनचंद के परिवार ने इसमें विशेष योगदान दिया। वहीं, सेठ शिवप्रसाद ने एक मकान खरीदकर मंदिर को दान किया। 1971 में मंदिर में भगवान शिव-पार्वती परिवार की प्रतिमाएं स्थापित कराई गईं। मंदिर परिसर में एक गोशाला भी है।
विज्ञापन

वहीं, चौक स्थित बाबा चौकसी नाथ मंदिर का नामकरण सुखलाल चौकसी के नाम पर हुआ है। चौकसी नाथ मंदिर के पुजारी विजय गिरि ने बताया कि सुखलाल चौकसी 28 जुलाई, 1882 को एक मुकदमे के सिलसिले में कन्नौज से शहर आए थे। बताया यह जाता है कि यह स्थान उन्हें रहने के लिए दिया गया था। जब उन्होंने यहां साफ-सफाई करवाई तो फावड़ा एक मूर्ति से टकराया। 10-12 फीट खोदाई के बाद भी मूर्ति का सिरा नहीं मिला।
विज्ञापन
विज्ञापन

साथ ही एक अन्य मूर्ति और एक शिला भी मिली, लेकिन उसका भी सिरा नही मिला। बाद में इसी स्थान पर मंदिर की स्थापना की गई। यहां दो शिवलिंग आपस में जुड़े हुए हैं। इसी परिसर में सुप्रसिद्ध फूलमती माता का मंदिर भी है। फूलमती कन्नौज के राजदरबार की देवी थीं। मंदिर स्थापना का श्रेय सुखलाल चौकसी को ही दिया जाता है। जो कि कन्नौज से मंदिर की आधारशिला पैदल लेकर आए थे। प्रत्येक अमावस्या को मंदिर परिसर में मेला लगता है। इसी स्थान पर भगवान राधारमण का मंदिर भी है।

शाहजहांपुर का बाबा बनखंडी नाथ मंदिर । संवाद

शाहजहांपुर का बाबा बनखंडी नाथ मंदिर । संवाद- फोटो : SHAHJAHANPUR

 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed