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प्रतिबंध के बावजूद चीनी जाते देख भड़के मजदूर
रौसरकोठी/रोजा।
Updated Sat, 08 Aug 2015 12:15 AM IST
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प्रतिबंध के बावजूद रोजा मिल से लोड होकर जा रही चीनी को देख मजदूर संगठनों ने जमकर हंगामा किया। श्रमिक नेताओं ने इसे मालिकान और प्रबंधनों की साजिश करार देते हुए गुपचुप ढंग से चीनी मिल को बंद करने का आरोप लगाते हुए शाम तक धरना-प्रदर्शन किया, लेकिन मजदूर संगठनों की किसी ने नहीं सुनी।
बता दें कि रोजा चीनी मिल घाटे में चल रही है और किसानों का काफी रुपया इस मिल पर बकाया है। हाईकोर्ट की बार-बार फटकार खाने के बाद भी मिल प्रबंधन किसानों को पैसा नहीं लौटा रहा है। एक अगस्त को चीनी मिल के प्रबंधन ने यहां मशीनों का काम ठप कर दिया और अपने श्रमिकों को घर जाने के निर्देश दे दिए थे। इससे यहां कार्यरत मजदूर संगठनों ने इसका तीव्र विरोध कर जिला प्रशासन को घटनाक्रम से अवगत कराते हुए कार्रवाई की मांग की थी।
शुक्रवार की सुबह रोजा चीनी मिल से एक ट्रक चीनी लोड होकर बाहर भेजी जा रही थी, जिसे देख मजदूर भड़क उठे और हंगामा करने लगे। मौके पर पुलिस आई तो मजदूर तितर बितर हो गये और चीनी अपने गंतव्य को रवाना कर दी गई।
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रोजा शुुगर मिल इंपलाइज यूनियन के अध्यक्ष भगवान सिंह और रोजा शुगर वर्क्स मजदूर संगठन के रवींद्र शुक्ला की अगुवाई में सैकड़ों मजदूरों ने धरना प्रदर्शन करते हुए आरोप लगाया है कि हाईकोर्ट के चीनी बेचने के प्रतिबंध के बावजूद प्रबंधन किसानों का भुगतान किए बगैर चीनी को बेच रही है। मौके पर वरिष्ठ गन्ना सचिव सुनील कनौजिया, गन्ना पर्यवेक्षक सतेंद्र उत्तम गए और उन्होंने मिल में चीनी के स्टाक को चेक किया, लेकिन मजदूर संगठनों से बिना कुछ बताये अपनी रिपोर्ट देने प्रशासन के पास चले गये। दोनों ही कर्मियों ने देर शाम अपने मोबाइल बंद कर लिए थे। इस कारण मिल के पहले के स्टाक और आज की स्थिति साफ नहीं हो सकी है। प्रदर्शन करने वालों में आनंद दीक्षित, किशन कुमार, अशोक सिंह, राम किशन, भगवान सिंह, गजेंद्र सिंह, देशराज आदि शामिल रहे।
चीनी मिल से कोई चीनी नहीं बेची गई है। गोदाम में सीलन होने की वजह से उनको दूसरी जगह शिफ्ट किया गया है। चीनी बेचने का मजदूरों को भ्रम हुआ है। मजदूर संगठन प्रबंधन को संदेह की नजर से देख रहे है।
- केवी सिंह, डिप्टी जीएम केन
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बता दें कि रोजा चीनी मिल घाटे में चल रही है और किसानों का काफी रुपया इस मिल पर बकाया है। हाईकोर्ट की बार-बार फटकार खाने के बाद भी मिल प्रबंधन किसानों को पैसा नहीं लौटा रहा है। एक अगस्त को चीनी मिल के प्रबंधन ने यहां मशीनों का काम ठप कर दिया और अपने श्रमिकों को घर जाने के निर्देश दे दिए थे। इससे यहां कार्यरत मजदूर संगठनों ने इसका तीव्र विरोध कर जिला प्रशासन को घटनाक्रम से अवगत कराते हुए कार्रवाई की मांग की थी।
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शुक्रवार की सुबह रोजा चीनी मिल से एक ट्रक चीनी लोड होकर बाहर भेजी जा रही थी, जिसे देख मजदूर भड़क उठे और हंगामा करने लगे। मौके पर पुलिस आई तो मजदूर तितर बितर हो गये और चीनी अपने गंतव्य को रवाना कर दी गई।
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रोजा शुुगर मिल इंपलाइज यूनियन के अध्यक्ष भगवान सिंह और रोजा शुगर वर्क्स मजदूर संगठन के रवींद्र शुक्ला की अगुवाई में सैकड़ों मजदूरों ने धरना प्रदर्शन करते हुए आरोप लगाया है कि हाईकोर्ट के चीनी बेचने के प्रतिबंध के बावजूद प्रबंधन किसानों का भुगतान किए बगैर चीनी को बेच रही है। मौके पर वरिष्ठ गन्ना सचिव सुनील कनौजिया, गन्ना पर्यवेक्षक सतेंद्र उत्तम गए और उन्होंने मिल में चीनी के स्टाक को चेक किया, लेकिन मजदूर संगठनों से बिना कुछ बताये अपनी रिपोर्ट देने प्रशासन के पास चले गये। दोनों ही कर्मियों ने देर शाम अपने मोबाइल बंद कर लिए थे। इस कारण मिल के पहले के स्टाक और आज की स्थिति साफ नहीं हो सकी है। प्रदर्शन करने वालों में आनंद दीक्षित, किशन कुमार, अशोक सिंह, राम किशन, भगवान सिंह, गजेंद्र सिंह, देशराज आदि शामिल रहे।
चीनी मिल से कोई चीनी नहीं बेची गई है। गोदाम में सीलन होने की वजह से उनको दूसरी जगह शिफ्ट किया गया है। चीनी बेचने का मजदूरों को भ्रम हुआ है। मजदूर संगठन प्रबंधन को संदेह की नजर से देख रहे है।
- केवी सिंह, डिप्टी जीएम केन