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गंगा तट पर युवती का अंतिम संस्कार करा रहे युवक की मौत
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अल्हागंज। किसकी मौत कब, कहां हो जाए कुछ कहा नहीं जा सकता। एक युवती के अंतिम संस्कार मेें गए गांव के युवक की गंगा तट पर मौत से यही अटल सत्य सामने आया है। इस घटना से चिलौआ गांव के दो परिवार सदमे में आ गए और गांव में शोक की लहर दौड़ गई।
हुआ यह कि गांव चिलौआ निवासी कौशल किशोर त्रिपाठी की 25 वर्षीय पुत्री ओनम कुछ दिन से बीमार चल रही थी। उसका इलाज भी हो रहा था, लेकिन इसी दौरान उसकी सोमवार की सुबह मौत हो गई। पूरा परिवार गमगीन था। उसका शव अंतिम संस्कार के लिए गंगा तट पांचाल घाट फर्रुखाबाद ले जाया गया। शव के अंतिम संस्कार के लिए परिजनों के साथ ही गांव के 35 वर्षीय सुरजीत पुत्र रामकरण मिश्रा भी गंगा तट गए थे। सुरजीत के भाई अजीत मिश्रा बताते हैं कि ओनम के शव को दफनाने के वास्ते अन्य ग्रामीणों के साथ सुरजीत भी गड्ढा खोद रहा था। इसी दौरान उसके सीने में दर्द उठा, जिससे परेशान होकर उसने पानी पी लिया और अपनी बाइक से पुल के नीचे आकर आराम करने लगा, लेकिन दर्द बढ़ता ही गया।
दर्द से छटपटाते सुरजीत को उसके परिजन इलाज के लिए फर्रुखाबाद के अस्पताल ले गए, जहां इलाज के दौरान कुछ ही पलों में उसकी भी मौत हो गई। सुरजीत का विवाह 11 वर्ष पहले शिवा मिश्रा के साथ हुआ था। उनसे चार वर्षीय पुत्र राज तथा नौ वर्षीय पुत्री नंदिनी है। गांव के लोग पहले से ही युवती की मौत से गमगीन थे। अभी उसका अंतिम संस्कार भी नहीं हो पाया था तभी सुरजीत की भी असमय मौत हो गई। इन दो घटनाओं से दो परिवारों को बड़ा सदमा लगा है। इस घटना से पूरा गांव गमगीन और भौचक है, लेकिन विधि के विधान के आगे किसी की नहीं चलती।
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हुआ यह कि गांव चिलौआ निवासी कौशल किशोर त्रिपाठी की 25 वर्षीय पुत्री ओनम कुछ दिन से बीमार चल रही थी। उसका इलाज भी हो रहा था, लेकिन इसी दौरान उसकी सोमवार की सुबह मौत हो गई। पूरा परिवार गमगीन था। उसका शव अंतिम संस्कार के लिए गंगा तट पांचाल घाट फर्रुखाबाद ले जाया गया। शव के अंतिम संस्कार के लिए परिजनों के साथ ही गांव के 35 वर्षीय सुरजीत पुत्र रामकरण मिश्रा भी गंगा तट गए थे। सुरजीत के भाई अजीत मिश्रा बताते हैं कि ओनम के शव को दफनाने के वास्ते अन्य ग्रामीणों के साथ सुरजीत भी गड्ढा खोद रहा था। इसी दौरान उसके सीने में दर्द उठा, जिससे परेशान होकर उसने पानी पी लिया और अपनी बाइक से पुल के नीचे आकर आराम करने लगा, लेकिन दर्द बढ़ता ही गया।
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दर्द से छटपटाते सुरजीत को उसके परिजन इलाज के लिए फर्रुखाबाद के अस्पताल ले गए, जहां इलाज के दौरान कुछ ही पलों में उसकी भी मौत हो गई। सुरजीत का विवाह 11 वर्ष पहले शिवा मिश्रा के साथ हुआ था। उनसे चार वर्षीय पुत्र राज तथा नौ वर्षीय पुत्री नंदिनी है। गांव के लोग पहले से ही युवती की मौत से गमगीन थे। अभी उसका अंतिम संस्कार भी नहीं हो पाया था तभी सुरजीत की भी असमय मौत हो गई। इन दो घटनाओं से दो परिवारों को बड़ा सदमा लगा है। इस घटना से पूरा गांव गमगीन और भौचक है, लेकिन विधि के विधान के आगे किसी की नहीं चलती।
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