{"_id":"62330e61ae979028773bcca4","slug":"dead-body-found-near-aurangaghat-fortified-ramganga-after-40-hours-shahjahanpur-news-bly4785471128","type":"story","status":"publish","title_hn":"40 घंटे के बाद रामगंगा के गढ़ी औरंगाघाट के पास मिला शव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
40 घंटे के बाद रामगंगा के गढ़ी औरंगाघाट के पास मिला शव
विज्ञापन
मिर्जापुर में डूबे युवक को तलाश करते गोतखोर । संवाद
- फोटो : SHAHJAHANPUR
शाहजहांपुर। मिर्जापुर क्षेत्र स्थित कोलाघाट पुल के पास रामगंगा नदी में आरसी मिशन क्षेत्र के मोहल्ला सरायकाइयां निवासी रामू कश्यप डूब गया था। बृहस्पतिवार सुबह घटनास्थल से पांच किमी दूर गढ़ी औरंगाघाट के पास नदी के किनारे उसका शव करीब 40 घंटे के बाद बरामद कर लिया गया।
सेठपाल का 24 वर्षीय पुत्र रामू कश्यप मंगलवार को अपने दोस्तों के साथ फर्रुखाबाद से वापस लौटते समय नदी में डूब गया था। उसकी तलाश के लिए बरेली से पीएसी की फ्लड यूनिट ने बुधवार को पूरे दिन नदी में जाल और कांटा डालकर तलाश की। गोताखोर भी प्रयास करते रहे। उसका कोई सुराग नहीं लगा।
बृहस्पतिवार को सुबह एक बार फिर से उसकी तलाश शुरू की गई। घटनास्थल से पांच किलोमीटर आगे रामगंगा के गढ़ी औरंगाबाद घाट के पास रामू का शव नदी के किनारे पर मिला। सूचना पर थानाध्यक्ष अरविंद सिंह चौहान भी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
विज्ञापन
होली से एक दिन पहले बेटे रामू का शव देखकर पिता सेठपाल, मां नन्हीं देवी, बहन आरती और मिल्ली, भाई श्यामू, राहुल बिलख पड़े। त्योहार की खुशियां गम में बदल गई हैं।
विज्ञापन
सेठपाल का 24 वर्षीय पुत्र रामू कश्यप मंगलवार को अपने दोस्तों के साथ फर्रुखाबाद से वापस लौटते समय नदी में डूब गया था। उसकी तलाश के लिए बरेली से पीएसी की फ्लड यूनिट ने बुधवार को पूरे दिन नदी में जाल और कांटा डालकर तलाश की। गोताखोर भी प्रयास करते रहे। उसका कोई सुराग नहीं लगा।
विज्ञापन
बृहस्पतिवार को सुबह एक बार फिर से उसकी तलाश शुरू की गई। घटनास्थल से पांच किलोमीटर आगे रामगंगा के गढ़ी औरंगाबाद घाट के पास रामू का शव नदी के किनारे पर मिला। सूचना पर थानाध्यक्ष अरविंद सिंह चौहान भी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
विज्ञापन
होली से एक दिन पहले बेटे रामू का शव देखकर पिता सेठपाल, मां नन्हीं देवी, बहन आरती और मिल्ली, भाई श्यामू, राहुल बिलख पड़े। त्योहार की खुशियां गम में बदल गई हैं।