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डालमियां और पुवायां चीनी मिल ने चुकता किया बकाया
ब्यूरो/शाहजहांपुर
Updated Wed, 01 Jun 2016 11:53 PM IST
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दी किसान सहकारी चीनी मिल सठियांव
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किसानों को बकाया गन्ना मूल्य के भुगतान में निगोही के गिरगिचा स्थित डालमियां चीनी मिल और पुवायां की सहकारी चीनी मिल ने बाजी मार ली है। दोनों मिलोें ने बकाया गन्ना मूल्य का शत-प्रतिशत भुगतान कर दिया, लेकिन बजाज ग्रुप की मकसूदापुर मिल इस मामले में फिसड्डी है। उस पर अभी किसानों की 20 फीसदी देनदारी चढ़ी है।
कलक्ट्रेट सभागार में बुधवार को दोपहर डीएम पुष्पा सिंह की अध्यक्षता में हुई गन्ना विभाग और चीनी मिल अधिकारियों की बैठक में मिल वार समीक्षा से यही तथ्य सामने आया। पेराई सत्र 2015-16 में मिल वार खरीदे गए गन्ना, उसकी कीमत, भुगतान, कमीशन के देय, अवशेष बकाया आदि बिंदुओं की समीक्षा से पता चला कि पुवायां मिल ने 103.66 प्रतिशत और डालमियां मिल ने पिछले बकाया समेत 103.38 प्रतिशत बकाया गन्ना मूल्य भुगतान कर दिया है।
यह भी स्पष्ट हुआ कि अभी तक मकसूदापुर मिल ने 80.25 प्रतिशत भुगतान किया है। तिलहर सहकारी चीनी मिल 84.25 प्रतिशत और रोजा मिल 98.45 प्रतिशत भुगतान कर सकी हैं। डीएम ने इसे गंभीरता से लेते हुए चीनी मिलों के प्रतिनिधियों को भुगतान में तत्काल अपेक्षित प्रगति लाने के निर्देश दिए। उन्हाेंने शासनादेश के अनुपालन में एसएपी की दर से समस्त गन्ना मूल्य का भुगतान नहीं किए जाने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी।
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इस मौके पर रोजा मिल के अध्यासी ने 277 लाख रुपये का भुगतान तुरंत कराने की हामी भरी। डीएम की सख्ती के चलते विकास कमीशन मद में मकसूदापुर मिल ने 114 लाख रुपये, रोजा मिल ने 45.03 लाख रुपये और निगोही मिल ने 62.99 लाख रुपये का भुगतान कर दिया। जिला गन्ना अधिकारी बृजेश कुमार पटेल ने पेराई सत्र 2016-17 के लिए कराए जा रहे गन्ना सर्वेक्षण के बारे में विस्तृत जानकारी दी। सर्वे जांच की समीक्षा करते हुए डीएम ने पूरी सावधानी के साथ सही सर्वेक्षण करने के निर्देश दिए।
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कलक्ट्रेट सभागार में बुधवार को दोपहर डीएम पुष्पा सिंह की अध्यक्षता में हुई गन्ना विभाग और चीनी मिल अधिकारियों की बैठक में मिल वार समीक्षा से यही तथ्य सामने आया। पेराई सत्र 2015-16 में मिल वार खरीदे गए गन्ना, उसकी कीमत, भुगतान, कमीशन के देय, अवशेष बकाया आदि बिंदुओं की समीक्षा से पता चला कि पुवायां मिल ने 103.66 प्रतिशत और डालमियां मिल ने पिछले बकाया समेत 103.38 प्रतिशत बकाया गन्ना मूल्य भुगतान कर दिया है।
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यह भी स्पष्ट हुआ कि अभी तक मकसूदापुर मिल ने 80.25 प्रतिशत भुगतान किया है। तिलहर सहकारी चीनी मिल 84.25 प्रतिशत और रोजा मिल 98.45 प्रतिशत भुगतान कर सकी हैं। डीएम ने इसे गंभीरता से लेते हुए चीनी मिलों के प्रतिनिधियों को भुगतान में तत्काल अपेक्षित प्रगति लाने के निर्देश दिए। उन्हाेंने शासनादेश के अनुपालन में एसएपी की दर से समस्त गन्ना मूल्य का भुगतान नहीं किए जाने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी।
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इस मौके पर रोजा मिल के अध्यासी ने 277 लाख रुपये का भुगतान तुरंत कराने की हामी भरी। डीएम की सख्ती के चलते विकास कमीशन मद में मकसूदापुर मिल ने 114 लाख रुपये, रोजा मिल ने 45.03 लाख रुपये और निगोही मिल ने 62.99 लाख रुपये का भुगतान कर दिया। जिला गन्ना अधिकारी बृजेश कुमार पटेल ने पेराई सत्र 2016-17 के लिए कराए जा रहे गन्ना सर्वेक्षण के बारे में विस्तृत जानकारी दी। सर्वे जांच की समीक्षा करते हुए डीएम ने पूरी सावधानी के साथ सही सर्वेक्षण करने के निर्देश दिए।