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कर्ज लेकर बोई फसल नष्ट होने पर किसान ने की खुदकुशी
शाहजहांपुर।
Updated Sat, 28 Mar 2015 11:38 PM IST
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थाना रोजा क्षेत्र के गांव मुकरमपुर में शनिवार की सुबह बुजुर्ग किसान रामस्वरूप यादव ने गोली मारकर आत्महत्या कर ली। रामस्वरूप के ऊपर तीन लाख रुपये का कर्ज था। बारिश और ओलावृृष्टि से फसल चौपट हो जाने से वह बुरी तरह टूट गए थे।
रामस्वरूप (65) मूल रूप से सिंधौली क्षेत्र के गांव नवादा अशरफपुर के रहने वाले थे। उनकी गांव में तीन एकड़ जमीन है। करीब 15 साल पहले उन्होंने मुकरमपुर में मकान बना लिया था। यहीं से वह खेती की देखभाल करने नवादा अशरफपुर जाया करते थे। उन्होंने दो एकड़ में गेहूं और एक एकड़ जमीन में मसूर की फसल बोई थी। बेटा महेंद्र अपने परिवार के साथ पैतृक गांव में रही रहता है। रामस्वरूप ने गेहूं की फसल के लिए मुड़िया पवार की पंजाब एंड सिंध बैंक शाखा से 50 हजार का फसली ऋण लिया था। उन्होंने सूदखोरों से भी करीब ढाई लाख रुपया कर्ज ले रखा था। दो सप्ताह पहले बारिश और ओलावृृष्टि में रामस्वरूप की गेहूं और मसूर की करीब पचास फीसदी फसल बर्बाद हो गई। इसके बाद से रामस्वरूप परेशान रहने लगे थे। शनिवार की सुबह मुकरमपुर में घर पर ही रामस्वरूप ने तमंचे से सीने पर गोली मार ली। इससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम कराने के बाद परिवार वालों को सौंप दिया है।
किसान की मौत के कारणों की जांच की जाएगी। अगर फसलों की बर्बादी की वजह से किसान ने आत्महत्या की है तो उसके परिवार वालों को मुआवजा दिया जाएगा। - पीके श्रीवास्तव, एडीएम वित्त एवं राजस्व
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- मृतक के बेटे ने तहरीर में बताया है कि उसके पिता ने फसल नष्ट होने की वजह से आत्महत्या कर ली है। कर्ज के कारण उसके पिता पहले से ही परेशान थे। फसल चौपट होने से वह पूरी तरह टूट गए।-आरएन चौधरी, इंस्पेक्टर, रोजा
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रामस्वरूप (65) मूल रूप से सिंधौली क्षेत्र के गांव नवादा अशरफपुर के रहने वाले थे। उनकी गांव में तीन एकड़ जमीन है। करीब 15 साल पहले उन्होंने मुकरमपुर में मकान बना लिया था। यहीं से वह खेती की देखभाल करने नवादा अशरफपुर जाया करते थे। उन्होंने दो एकड़ में गेहूं और एक एकड़ जमीन में मसूर की फसल बोई थी। बेटा महेंद्र अपने परिवार के साथ पैतृक गांव में रही रहता है। रामस्वरूप ने गेहूं की फसल के लिए मुड़िया पवार की पंजाब एंड सिंध बैंक शाखा से 50 हजार का फसली ऋण लिया था। उन्होंने सूदखोरों से भी करीब ढाई लाख रुपया कर्ज ले रखा था। दो सप्ताह पहले बारिश और ओलावृृष्टि में रामस्वरूप की गेहूं और मसूर की करीब पचास फीसदी फसल बर्बाद हो गई। इसके बाद से रामस्वरूप परेशान रहने लगे थे। शनिवार की सुबह मुकरमपुर में घर पर ही रामस्वरूप ने तमंचे से सीने पर गोली मार ली। इससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम कराने के बाद परिवार वालों को सौंप दिया है।
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किसान की मौत के कारणों की जांच की जाएगी। अगर फसलों की बर्बादी की वजह से किसान ने आत्महत्या की है तो उसके परिवार वालों को मुआवजा दिया जाएगा। - पीके श्रीवास्तव, एडीएम वित्त एवं राजस्व
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- मृतक के बेटे ने तहरीर में बताया है कि उसके पिता ने फसल नष्ट होने की वजह से आत्महत्या कर ली है। कर्ज के कारण उसके पिता पहले से ही परेशान थे। फसल चौपट होने से वह पूरी तरह टूट गए।-आरएन चौधरी, इंस्पेक्टर, रोजा