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Chandigarh News: सोशल मीडिया से सीखा वसूली का तरीका, फर्जी निगमकर्मी काबू
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चंडीगढ़। सेक्टर-41 की कृष्णा मार्केट में नगर निगम का फर्जी प्रवर्तन कर्मचारी बनकर दुकानदारों से कथित वसूली करने के आरोप में पुलिस ने मलोया निवासी गुरकीरत को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने इंस्टाग्राम और यूट्यूब से प्रवर्तन अधिकारी बनकर लोगों से पैसे वसूलने का तरीका सीखा था।
राखी स्टॉल वालों से मांगे 500-500 रुपये
बुधवार दोपहर करीब दो बजे गुरकीरत राखी स्टॉल लगाने वाले दुकानदारों के पास पहुंचा। खुद को नगर निगम के प्रवर्तन विभाग का अधिकारी बताते हुए उसने प्रत्येक दुकानदार से 500 रुपये मांगे। पैसे नहीं देने पर स्टॉल हटाने की धमकी देने का भी आरोप है। दुकानदारों को शक हुआ तो उन्होंने निगम के वास्तविक प्रवर्तन अधिकारियों को सूचना दी। उपनिरीक्षक मनीषा गिल की सूचना पर सेक्टर-39 थाना पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को हिरासत में ले लिया।
मोबाइल में मिले निगम कर्मचारियों के नंबर
जांच में सामने आया कि गुरकीरत किसी सरकारी पद पर तैनात नहीं था। उसके मोबाइल में निगम के प्रवर्तन विभाग से जुड़े कई कर्मचारियों के नंबर मिले हैं। पुलिस यह पता लगा रही है कि नंबर उसके पास कहां से आए।
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कुछ महीने पहले भी इसी बाजार में फर्जी प्रवर्तन निरीक्षक पकड़ा गया था। दक्षिण-पश्चिम मंडल के एएसपी धीरज कुमार ने बताया कि आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस दोनों मामलों के संभावित संबंध की भी जांच कर रही है।
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राखी स्टॉल वालों से मांगे 500-500 रुपये
बुधवार दोपहर करीब दो बजे गुरकीरत राखी स्टॉल लगाने वाले दुकानदारों के पास पहुंचा। खुद को नगर निगम के प्रवर्तन विभाग का अधिकारी बताते हुए उसने प्रत्येक दुकानदार से 500 रुपये मांगे। पैसे नहीं देने पर स्टॉल हटाने की धमकी देने का भी आरोप है। दुकानदारों को शक हुआ तो उन्होंने निगम के वास्तविक प्रवर्तन अधिकारियों को सूचना दी। उपनिरीक्षक मनीषा गिल की सूचना पर सेक्टर-39 थाना पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को हिरासत में ले लिया।
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मोबाइल में मिले निगम कर्मचारियों के नंबर
जांच में सामने आया कि गुरकीरत किसी सरकारी पद पर तैनात नहीं था। उसके मोबाइल में निगम के प्रवर्तन विभाग से जुड़े कई कर्मचारियों के नंबर मिले हैं। पुलिस यह पता लगा रही है कि नंबर उसके पास कहां से आए।
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कुछ महीने पहले भी इसी बाजार में फर्जी प्रवर्तन निरीक्षक पकड़ा गया था। दक्षिण-पश्चिम मंडल के एएसपी धीरज कुमार ने बताया कि आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस दोनों मामलों के संभावित संबंध की भी जांच कर रही है।