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थीरिया गांव में बूथ पर पथराव, तीन घायल
शाहजहांपुर।
Updated Fri, 30 Oct 2015 12:19 AM IST
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त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के चौथे और आखिरी चरण के मतदान के दौरान बृहस्पतिवार दोपहर करीब एक बजे जलालाबाद तहसील क्षेत्र के मिर्जापुर-कलान मार्ग पर थीरिया गांव में सपा से जुड़े दो महिला प्रत्याशियों के समर्थकों में भी हिंसक टकराव हुआ। इसमें सुशीला यादव के समर्थक भारी पड़े और जमकर पथराव करने के साथ ही प्रतिपक्षी प्रत्याशी इंद्रासनी देवी के समर्थकों पर धावा बोला। प्राथमिक विद्यालय में बने बूथ नंबर 18 में घुसकर मतगणना एजेंटों के कपड़े फाड़ दिए और विद्यालय के बाहर घूरे पर इंद्रासनी समर्थक होने के चक्कर में कई निर्दोषों को पीट दिया। कई लोग जान बचाने के लिए विद्यालय परिसर में भागे तो सुरक्षा कर्मियों ने कक्ष को भीतर से बंदकर कुंडी लगा ली। सूचना पाकर डीएम शुभ्रा सक्सेना और एसपी बबलू कुमार फोर्स लेकर मौके पर पहुंचे तो बूथ कैप्चरिंग के अंदाज में उपद्रव पर उतारू भीड़ उल्टे पैर गांव से भाग खड़ी हुई। पुलिस मौके से दो गंभीर रूप से घायल बलबीर और पवन कुमार को अपने साथ मिर्जापुर थाने ले गई।
मिर्जापुर तृतीय के जिला पंचायत वार्ड 31 से सपा से जुड़े केपी सिंह यादव की पत्नी सुशीला यादव और सपा से ही जुड़े अरविंद यादव की पत्नी इंद्रासनी देवी प्रत्याशी हैं। थीरिया गांव में घूरे से सटे झाड़ीनुमा इलाके में बने प्राथमिक विद्यालय के दो कक्ष में बूथ नंबर 17 और 18 बनाए गए थे। दोपहर के समय गांव में इंद्रासनी देवी मतदान का जायजा लेने पहुंची थीं। उसी दौरान बूथ नंबर 18 पर गांव की महिलाओं का एक समूह मतदान करने को पहुंचा। उनमें करीब सात महिलाएं मतदान करके विद्यालय परिसर में साथ आई आठवीं महिला के मतदान कर लौटने का इंतजार करने लगी। इतने में गांव हुस्सीपुर से करीब 60-65 की संख्या में सुशील समर्थक युवक पहुंचे और इंद्रासनी के पक्ष में मतदाताओं की कतार लगे होने की सूचना पर तैश में आ गए। वे गांव में मौजूद प्रतिपक्षी प्रत्याशी की ओर से बढ़े, लेकिन वह समय रहते ही सड़क पर पहुंच गईं और अपने वाहन में बैठकर निकल गईं। फिर हुस्सीपुर से आई भीड़ ने तांडव शुरू किया। भीड़ ने बूथ परिसर की ओर पथराव करते हुए हल्ला बोला और बूथ नंबर 18 के पास प्रतिपक्षी के मतदान एजेंट सुनील को खींच लिया। उसकी पिटाई शुरू कर दी और कपड़े फाड़ डाले। मतदान को आ रहीं महिलाएं और गांव वाले यह नजारा देख भागने लगे। विद्यालय के बाहर घूरे वाले खाली स्थान पर गांव के ही 60 वर्षीय बलवीर सिंह खड़े थे और उनके इंद्रासनी समर्थक होने के शक में उपद्रवी लोग उन्हीं पर टूट पड़े। जमकर लात-घूसे बरसाए और पथराव कर वहां से भाग रहे गांव के पृथ्वीराज के बेटे पवन का सिर फोड़ दिया।
इतने में विद्यालय में कुंडी भीतर से बंदकर निर्वाचन सामग्री की सुरक्षा में जुटी पोलिंग टीम और दो पुलिसकर्मियों ने कंट्रोल रूम को सूचना दी तो अधिकारी फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। कुछ ग्रामीणों ने शिकायत की कि मतदान कराने को पहुंची टीम की सुशीला समर्थकों की ओर से खातिर की गई थी और उसी का फायदा उठाते हुए दूसरे के समर्थकों और मतगणना एजेंटों को खदेड़कर अपने पक्ष में दबदबा बनाने की साजिश को अंजाम दिया गया। एसपी बबलू कुमार ने कहा कि हालात को तत्काल नियंत्रित कर लिया और उसके बाद थीरिया में मतदान सायं पांच बजे तक शांतिपूर्ण रहा।
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परौर में गलत मतपत्र दिए
जाने को लेकर हंगामा
परौर। कलान ब्लाक के परौर थाना से कुछ ही फर्लांग की दूरी पर स्थित परौर प्राथमिक विद्यालय में बने पोलिंग बूथ में क्षेत्र पंचायत की तीन सीटों के लिए मतदान की व्यवस्था की गई थी। वहां एक क्षेत्र का मतपत्र दूसरे क्षेत्र के मतदाताओं को लिए जाने से सुबह से लेकर शाम तक किचकिच और हंगामे की स्थिति बनी रही। वार्ड नंबर 10 के लिए सात प्रत्याशियों के निशान वाले वाले मतपत्र बने, जबकि वार्ड 11 और 12 के लिए चार प्रत्याशियों के चुनाव निशान वाले, लेकिन वार्ड 10 के मतदाताओं को चार निशान वाले मतपत्र थमा कर मतदान करने को दिया गया। कुछ ने ऐसे मतपत्रों से मतदान कर दिया और बाहर आकर दूसरों को इसकी जानकारी दी तो गांव वालों ने पीठासीन अधिकारी का विरोध कर दिया। तीसरे पहर हंगामे की स्थिति बनी तो एसडीएम सदर एपी श्रीवास्तव की अगुवाई वाली मोबाइल टीम मौके पर पहुंची और नाराज लोगों को शांत कराया। मतदान कर चुके लोगों को दोबारा सही मतपत्र से मतदान का मौका न देने को लेकर भी नाराजगी जाहिर की। एसडीएम ने कहा कि एक बार मतदान कर चुके को दोबारा मतदान का मौका नहीं मिल सकता, लेकिन अब से सही मतपत्र उपलब्ध हैं और अभी तक भी मतदान न कर सके लोग नियत मतपत्र लेकर मतदान करें।
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मिर्जापुर तृतीय के जिला पंचायत वार्ड 31 से सपा से जुड़े केपी सिंह यादव की पत्नी सुशीला यादव और सपा से ही जुड़े अरविंद यादव की पत्नी इंद्रासनी देवी प्रत्याशी हैं। थीरिया गांव में घूरे से सटे झाड़ीनुमा इलाके में बने प्राथमिक विद्यालय के दो कक्ष में बूथ नंबर 17 और 18 बनाए गए थे। दोपहर के समय गांव में इंद्रासनी देवी मतदान का जायजा लेने पहुंची थीं। उसी दौरान बूथ नंबर 18 पर गांव की महिलाओं का एक समूह मतदान करने को पहुंचा। उनमें करीब सात महिलाएं मतदान करके विद्यालय परिसर में साथ आई आठवीं महिला के मतदान कर लौटने का इंतजार करने लगी। इतने में गांव हुस्सीपुर से करीब 60-65 की संख्या में सुशील समर्थक युवक पहुंचे और इंद्रासनी के पक्ष में मतदाताओं की कतार लगे होने की सूचना पर तैश में आ गए। वे गांव में मौजूद प्रतिपक्षी प्रत्याशी की ओर से बढ़े, लेकिन वह समय रहते ही सड़क पर पहुंच गईं और अपने वाहन में बैठकर निकल गईं। फिर हुस्सीपुर से आई भीड़ ने तांडव शुरू किया। भीड़ ने बूथ परिसर की ओर पथराव करते हुए हल्ला बोला और बूथ नंबर 18 के पास प्रतिपक्षी के मतदान एजेंट सुनील को खींच लिया। उसकी पिटाई शुरू कर दी और कपड़े फाड़ डाले। मतदान को आ रहीं महिलाएं और गांव वाले यह नजारा देख भागने लगे। विद्यालय के बाहर घूरे वाले खाली स्थान पर गांव के ही 60 वर्षीय बलवीर सिंह खड़े थे और उनके इंद्रासनी समर्थक होने के शक में उपद्रवी लोग उन्हीं पर टूट पड़े। जमकर लात-घूसे बरसाए और पथराव कर वहां से भाग रहे गांव के पृथ्वीराज के बेटे पवन का सिर फोड़ दिया।
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इतने में विद्यालय में कुंडी भीतर से बंदकर निर्वाचन सामग्री की सुरक्षा में जुटी पोलिंग टीम और दो पुलिसकर्मियों ने कंट्रोल रूम को सूचना दी तो अधिकारी फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। कुछ ग्रामीणों ने शिकायत की कि मतदान कराने को पहुंची टीम की सुशीला समर्थकों की ओर से खातिर की गई थी और उसी का फायदा उठाते हुए दूसरे के समर्थकों और मतगणना एजेंटों को खदेड़कर अपने पक्ष में दबदबा बनाने की साजिश को अंजाम दिया गया। एसपी बबलू कुमार ने कहा कि हालात को तत्काल नियंत्रित कर लिया और उसके बाद थीरिया में मतदान सायं पांच बजे तक शांतिपूर्ण रहा।
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परौर में गलत मतपत्र दिए
जाने को लेकर हंगामा
परौर। कलान ब्लाक के परौर थाना से कुछ ही फर्लांग की दूरी पर स्थित परौर प्राथमिक विद्यालय में बने पोलिंग बूथ में क्षेत्र पंचायत की तीन सीटों के लिए मतदान की व्यवस्था की गई थी। वहां एक क्षेत्र का मतपत्र दूसरे क्षेत्र के मतदाताओं को लिए जाने से सुबह से लेकर शाम तक किचकिच और हंगामे की स्थिति बनी रही। वार्ड नंबर 10 के लिए सात प्रत्याशियों के निशान वाले वाले मतपत्र बने, जबकि वार्ड 11 और 12 के लिए चार प्रत्याशियों के चुनाव निशान वाले, लेकिन वार्ड 10 के मतदाताओं को चार निशान वाले मतपत्र थमा कर मतदान करने को दिया गया। कुछ ने ऐसे मतपत्रों से मतदान कर दिया और बाहर आकर दूसरों को इसकी जानकारी दी तो गांव वालों ने पीठासीन अधिकारी का विरोध कर दिया। तीसरे पहर हंगामे की स्थिति बनी तो एसडीएम सदर एपी श्रीवास्तव की अगुवाई वाली मोबाइल टीम मौके पर पहुंची और नाराज लोगों को शांत कराया। मतदान कर चुके लोगों को दोबारा सही मतपत्र से मतदान का मौका न देने को लेकर भी नाराजगी जाहिर की। एसडीएम ने कहा कि एक बार मतदान कर चुके को दोबारा मतदान का मौका नहीं मिल सकता, लेकिन अब से सही मतपत्र उपलब्ध हैं और अभी तक भी मतदान न कर सके लोग नियत मतपत्र लेकर मतदान करें।