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प्रेस परिषद की टीम ने किया घटनास्थल का मुआयना
शाहजहांपुर।
Updated Tue, 16 Jun 2015 11:44 PM IST
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भारतीय प्रेस परिषद की तीन सदस्यीय जांच टीम ने मंगलवार की शाम आवास विकास स्थित घटनास्थल का मुआयना किया। इसके साथ ही टीम के सदस्यों ने मोहल्ले के लोगों से पूछताछ कर घटना के बारे में जानकारी करने का प्रयास किया।
पीसीआई के सदस्य एसएन सिन्हा, प्रकाश दुबे और सुमन गुप्ता शाम करीब चार बजे खुटार से लौटने के बाद सीधे घटनास्थल पहुंचे। टीम के तीनों सदस्यों ने घटनास्थल का गहनता से निरीक्षण किया। इसके साथ ही उन्होंने मोहल्ले के लोगों से बातचीत कर घटना की सच्चाई जानने की कोशिश की, लेकिन मोहल्ले के किसी भी सदस्य ने घटना के विषय में अपना मुंह नहीं खोला। करीब एक घंटा तक पीसीआई टीम ने आवास विकास कॉलोनी में अलग-अलग लोगों से घटना के विषय में बातचीत की।
पत्रकारों और व्यापारियों से भी मिले
पीसीआई के सदस्यों ने विकास भवन के सभागार में पत्रकारों से घटना के बारे में जानकारी की। इस मामले में किसी पत्रकार ने घटना के विषय में तो कोई खास जानकारी नहीं दी, लेकिन ज्यादातर लोगों ने मामले की सीबीआई जांच, जगेंद्र के परिवार को आर्थिक मदद और पत्रकारों की सुरक्षा की बात रखी। व्यापारियों ने भी इस घटना के विषय में पीसीआई के सदस्यों को जानकारी दी। व्यापारियों ने जगेंद्र से जुड़े कुछ तथ्यों को भी सदस्यों के सामाने रखा।
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पत्रकारों की सुरक्षा की बात रखेंगे
पीसीआई के सदस्य एसएन सिन्हा ने कहा कि उन्होंने जगेंद्र प्रकरण में जांच की है। उसे बुधवार को लखनऊ में उच्चाधिकारियों को सौंप देंगे। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि वह पत्रकारों की सुरक्षा के विषय में भी बात रखेंगे।
पत्रकार नरेंद्र भी पीसीआई सदस्यों से मिले
पत्रकार नरेंद्र यावद ने पीसीआई सदस्यों को दिए पत्र में बताया कि 19 सिंतबर की रात 10.20 बजे वह अपने थाना सदर बाजार स्थित कार्यालय से नीचे उतरे, तभी एक बाइक पर सवार होकर आए दो हमलावरों ने उनपर हशिए से जानलेवा हमला कर दिया। हमले में उनके गंभीर चोटें आईं। थाना सदर बाजार में अज्ञात हमलावरों के खिलाफ जानलेवा हमले की रिपोर्ट दर्ज की गई थी। नरेंद्र के मुताबिक उन्होंनें आशाराम प्रकरण में काफी खबरें लिखी थी, जिसकी वजह से उन्हें धमकी भी मिली थीं, लेकिन पुलिस उनके ऊपर हुए हमले को गांव की रंजिश से जोड़ रही है। नरेंद्र के मुताबिक दस महीने बीत जाने के बाद भी पुलिस उन पर हमला करने वालों को गिरफ्तार नहीं कर पाई है। नरेंद्र ने मामले में सीबीआई जांच की मांग की है।
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पीसीआई के सदस्य एसएन सिन्हा, प्रकाश दुबे और सुमन गुप्ता शाम करीब चार बजे खुटार से लौटने के बाद सीधे घटनास्थल पहुंचे। टीम के तीनों सदस्यों ने घटनास्थल का गहनता से निरीक्षण किया। इसके साथ ही उन्होंने मोहल्ले के लोगों से बातचीत कर घटना की सच्चाई जानने की कोशिश की, लेकिन मोहल्ले के किसी भी सदस्य ने घटना के विषय में अपना मुंह नहीं खोला। करीब एक घंटा तक पीसीआई टीम ने आवास विकास कॉलोनी में अलग-अलग लोगों से घटना के विषय में बातचीत की।
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पत्रकारों और व्यापारियों से भी मिले
पीसीआई के सदस्यों ने विकास भवन के सभागार में पत्रकारों से घटना के बारे में जानकारी की। इस मामले में किसी पत्रकार ने घटना के विषय में तो कोई खास जानकारी नहीं दी, लेकिन ज्यादातर लोगों ने मामले की सीबीआई जांच, जगेंद्र के परिवार को आर्थिक मदद और पत्रकारों की सुरक्षा की बात रखी। व्यापारियों ने भी इस घटना के विषय में पीसीआई के सदस्यों को जानकारी दी। व्यापारियों ने जगेंद्र से जुड़े कुछ तथ्यों को भी सदस्यों के सामाने रखा।
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पत्रकारों की सुरक्षा की बात रखेंगे
पीसीआई के सदस्य एसएन सिन्हा ने कहा कि उन्होंने जगेंद्र प्रकरण में जांच की है। उसे बुधवार को लखनऊ में उच्चाधिकारियों को सौंप देंगे। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि वह पत्रकारों की सुरक्षा के विषय में भी बात रखेंगे।
पत्रकार नरेंद्र भी पीसीआई सदस्यों से मिले
पत्रकार नरेंद्र यावद ने पीसीआई सदस्यों को दिए पत्र में बताया कि 19 सिंतबर की रात 10.20 बजे वह अपने थाना सदर बाजार स्थित कार्यालय से नीचे उतरे, तभी एक बाइक पर सवार होकर आए दो हमलावरों ने उनपर हशिए से जानलेवा हमला कर दिया। हमले में उनके गंभीर चोटें आईं। थाना सदर बाजार में अज्ञात हमलावरों के खिलाफ जानलेवा हमले की रिपोर्ट दर्ज की गई थी। नरेंद्र के मुताबिक उन्होंनें आशाराम प्रकरण में काफी खबरें लिखी थी, जिसकी वजह से उन्हें धमकी भी मिली थीं, लेकिन पुलिस उनके ऊपर हुए हमले को गांव की रंजिश से जोड़ रही है। नरेंद्र के मुताबिक दस महीने बीत जाने के बाद भी पुलिस उन पर हमला करने वालों को गिरफ्तार नहीं कर पाई है। नरेंद्र ने मामले में सीबीआई जांच की मांग की है।