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ट्रेनों में चोरी करने वाले अंतर्राज्यीय गैंग का खुलासा, चार गिरफ्तार

Fri, 04 Dec 2015 10:25 PM IST
शाहजहांपुर
शाहजहांपुर Updated Fri, 04 Dec 2015 10:25 PM IST
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The interstate trains theft gang, revealing four arrested
राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) ने चलती ट्रेनों में यात्रियों के ट्रॉली बैग, अटैची, सूटकेस और लेडीज पर्स से नगदी, जेवर और कीमती सामान चुराने वाले एक अंतर्राज्यीय गिरोह का खुलासा किया है। इस गिरोह के सरगना रवींद्र समेत चार लोगों को आठ लाख के जेवर और 50 हजार रुपये नगदी समेत शाहजहांपुर रेलवे स्टेशन की छोटी लाइन से गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्होंने पूछताछ के दौरान राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड और यूपी में ट्रेनों में की गई तीन सौ से अधिक चोरी की वारदातें कबूलीं। इस गिरोह के तीन सदस्य फरार हैं। पकड़े गए चोरों में तीन बरेली जिले के फरीदपुर तहसील के मोहल्ला नहर कोठी निवासी हैं, जबकि 60 वर्षीय शिशुपाल अलीगढ़ के क्वारसी थाना क्षेत्र के देवी नंगला का है। उन्होंने फरीदपुर में ही अन्य चार गिरोह के 35 सदस्यों के ऐसी ही चोरी में सक्रिय होने का खुलासा किया।
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इस गिरोह का खुलासा करने पर शाहजहांपुर जीआरपी के एसओ जयशंकर सिंह की अगुवाई वाली टीम को एसपी जीआरपी नेहा पांडेय की ओर से पांच हजार रुपये नगद इनाम दिया गया और पुलिस महानिदेशक से विशेष सम्मान की संस्तुति की गई है। गिरफ्तार जितेंद्र गिरोह के सरगना रवींद्र का सगा भाई है, जबकि बंटी उर्फ विवेक भी फरीदपुर में इन्हीं के मोहल्ले में रहता है। पूछताछ में रवींद्र ने बताया कि ट्रेनों में इनका निशाना ऊपरी सीट पर बैठा यात्री होता है। वारदात के दौरान ये कम से कम सात से नौ की संख्या में बिखरे होते हैं। इनका बूढ़ा सदस्य शिकार की हमदर्दी हासिल कर बैठने की जगह बनाता है। बाकी के सदस्य ऊपरी सीट पर एक-दो स्टॉपेज तक बैठने के बहाने जगह घेर लेते हैं। अखबार पढ़ने के बहाने और सामने वाली सीट पर टांग फैलाकर बैग या अटैची पर आड़ कर लेते हैं और मास्टर की से लॉक खोलकर सामान निकालकर तुरंत एक से दूसरे को बढ़ाते हुए सातवें या नवें सदस्य को देते हैं। ताकि मौके पर शक होने पर तलाशी में कुछ बरामद न हो और पकड़े न जाएं। फिर सीट से तब हटते हैं जब ट्रेन धीमी हो या स्टेशन पर रुकती है।
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यह गैंग बरेली से इलाहाबाद, वाराणसी, लखनऊ, सीतापुर, कानपुर, झांसी, दिल्ली, अमृतसर, जयपुर, आगरा और हरिद्वार वाली ट्रेनों में वारदातें करते हैं। जीआरपी टीम ने गिरफ्तार चोरों के पास से चार मोबाइल, 40 ग्राम की चार सोने की चूड़ियां, 140 ग्राम वजन के दो सोने के हार, दो सोने की अंगूठी, 10 ग्राम वजन की इयरिंग, 20 ग्राम वजन की दो सोने की चेन, 290 ग्राम वजन वाली चांदी की पायजेब की जोड़ी आदि बरामद की हैं।
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ये रहे जीआरपी टीम में शामिल
एसओ जयशंकर सिंह, एसआई चंद्र प्रताप सिंह, एसचीपी विश्वजीत सिंह, कांस्टेबल संतोष, विजय प्रताप सिंह, अरविंद कुमार, आशीष कुमार मिश्र और पारस कुमार।


यूं हुआ गिरोह का भंडाफोड़
शाहजहांपुर (ब्यूरो)। लखनऊ के चारबाग स्टेशन पर बीती 28 नवंबर को प्लेटफार्म नंबर आठ पर इंटरसिटी एक्सप्रेस ट्रेन की जनरल कोच में सवार प्रदेश के एक आला पुलिस अधिकारी की महिला रिश्तेदार के ट्रॉली बैग से चोरों ने जेवर उड़ा दिए थे। उस घटना को चुनौती के रूप में लेते हुए जीआरपी की टीमों को वारदात में लिप्त रहे चोरों की धरपकड़ को जुटाया गया था। शाहजहांपुर जीआरपी को मुखबिरों से सूचना मिली कि बरेली के फरीदपुर के एक गिरोह ने कुछ दिनों पहले लखनऊ रूट में कुछ वारदात की है और अब कुछ जेवरात और सामान शाहजहांपुर में बेचने को हैं। मुखबिरों से उस गिरोह के रवींद्र और साथियों का मोबाइल नंबर मिला। सर्विलांस के जरिए उनकी लोकेशन देखी गई। फिर उन सभी के यहां स्टेशन पर पहुंचते ही घेराबंदी की गई। चोरों ने 28 नवंबर की वारदात के साथ 22 अक्तूबर को गरीब रथ एक्सप्रेस और एक नवंबर को तिलहर के पास मुगलसराय एक्सप्रेस में चोरी की वारदातें कबूल कीं। पिछले दो माह में चोरी की 30 वारदातें करना कबूल किया।



चुराई गई रकम का आधा ताला खोलने वाले का
शाहजहांपुर (ब्यूरो)। पूछताछ में चोरों ने बताया कि चुराई जाने वाली राशि ये तत्काल रात के समय एटीएम से और दिन में सीधे बैंकों में जाकर जमा कर देते हैं। जेवर या कीमती सामानों को शीघ्र बेचकर मिलने वाले नगदी को अपने परिवार के सदस्यों के नाम बैंक में जमा करा देते हैं। एक बार शिकार पर निकलने पर ये दो से तीन दिनों में 10 से 15 वारदात कर 15 से 20 लाख के नगद या सामान पर हाथ साफ करके घर लौटते हैं। इससे पहले अपनी सफलता का जश्न मनाते हुए एकांत के ढाबे या होटल पर पार्टी करते हैं। चुराई गई राशि का बंटवारा एक तय नियम से होता है। इसके तहत ताला खोलने वाले को आधी राशि मिलती है और शेष आधी में बाकी सदस्य हिस्सेदार होते हैं।
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