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घर का चुराया जेवर बेचते धरे गए छात्र
शाहजहांपुर।
Updated Wed, 06 Jan 2016 09:04 PM IST
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घर से जेवर लेकर भागे दो छात्रों को कोतवाली पुलिस ने सर्राफा बाजार में जेवर बेचते पकड़ लिया। दोनों छात्र लखीमपुर खीरी के रहने वाले हैं, जिन्हें पुलिस ने पकड़ने के बाद उन्हें उनके घरवालों के हवाले कर दिया।
पुलिस पूछताछ में लखीमपुर खीरी के थाना हैदराबाद क्षेत्र के गांव बहदाखेड़ा निवासी प्राइवेट चालक कमलकांत शुक्ला का 13 वर्षीय बेटा उदय शुक्ला क्षेत्र के एक स्कूल में कक्षा सातवीं का छात्र है। उसके चाचा ब्रजेश शुक्ला का बेटा ऋषभ कक्षा छह का छात्र है। दोनों में काफी गहरी दोस्ती थी। मंगलवार को शाम चार बजे उदय ट्यूशन पढ़ने के बहाने घर से निकला था। उसने ऋषभ को भी अपने साथ ले लिया। ऋषभ अपने मां के जेवर एक सोने की चेन, एक अंगूठी और एक जोड़ी टाप्स भी चोरी कर लिए। दोनों लखीमपुर खीरी में रोडवेज बस से सवार हुए और शाहजहांपुर आ गए। रात दोनों ने स्टेशन के पास दुकान के चबूतरे पर गुजारी। ठंड लगने पर स्टेशन के पास से एक कंबल खरीद लिया। बुधवार सुबह दोनों कोतवाली क्षेत्र में सर्राफा बाजार में जेवर बेचने की फिराक में थे, तभी किसी ने पुलिस को सूचना दे दी। पुलिस शक के आधार दोनों को पकड़ लाई।
पूछताछ में दोनों ने बताया कि वह अपने घर से नाराज होकर भाग आए हैं और वह जेवर बेचकर दिल्ली जाना चाह रहे थे। सूचना पर कोतवाली पहुंचे उदय के पिता कमलकांत और ऋषभ के पिता ब्रजेश को पुलिस ने जेवर सौंपते हुए दोनों को उनके हवाले कर दिया। उदय ने बताया कि परिवार के सभी लोग उसे बात-बात पर डांटते थे और पढ़ाई करने को कहते थे। इससे परेशान होकर उसने घर से भागने का फैसला कर लिया। अकेले होने की वजह से उसने अपने चचेरे भाई ऋषभ को भी साथ ले लिया। कोतवाल केके तिवारी ने बताया कि दोनों बच्चे जेवर बेचने की फिराक में थे, एक सर्राफ व्यापारी की सूचना उन्हें कोतवाली लाया गया था। ऑपरेशन मुस्कान के तहत दोनों को हिदायत देकर उनके परिवार वालों को सौंप दिया है।
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पुलिस पूछताछ में लखीमपुर खीरी के थाना हैदराबाद क्षेत्र के गांव बहदाखेड़ा निवासी प्राइवेट चालक कमलकांत शुक्ला का 13 वर्षीय बेटा उदय शुक्ला क्षेत्र के एक स्कूल में कक्षा सातवीं का छात्र है। उसके चाचा ब्रजेश शुक्ला का बेटा ऋषभ कक्षा छह का छात्र है। दोनों में काफी गहरी दोस्ती थी। मंगलवार को शाम चार बजे उदय ट्यूशन पढ़ने के बहाने घर से निकला था। उसने ऋषभ को भी अपने साथ ले लिया। ऋषभ अपने मां के जेवर एक सोने की चेन, एक अंगूठी और एक जोड़ी टाप्स भी चोरी कर लिए। दोनों लखीमपुर खीरी में रोडवेज बस से सवार हुए और शाहजहांपुर आ गए। रात दोनों ने स्टेशन के पास दुकान के चबूतरे पर गुजारी। ठंड लगने पर स्टेशन के पास से एक कंबल खरीद लिया। बुधवार सुबह दोनों कोतवाली क्षेत्र में सर्राफा बाजार में जेवर बेचने की फिराक में थे, तभी किसी ने पुलिस को सूचना दे दी। पुलिस शक के आधार दोनों को पकड़ लाई।
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पूछताछ में दोनों ने बताया कि वह अपने घर से नाराज होकर भाग आए हैं और वह जेवर बेचकर दिल्ली जाना चाह रहे थे। सूचना पर कोतवाली पहुंचे उदय के पिता कमलकांत और ऋषभ के पिता ब्रजेश को पुलिस ने जेवर सौंपते हुए दोनों को उनके हवाले कर दिया। उदय ने बताया कि परिवार के सभी लोग उसे बात-बात पर डांटते थे और पढ़ाई करने को कहते थे। इससे परेशान होकर उसने घर से भागने का फैसला कर लिया। अकेले होने की वजह से उसने अपने चचेरे भाई ऋषभ को भी साथ ले लिया। कोतवाल केके तिवारी ने बताया कि दोनों बच्चे जेवर बेचने की फिराक में थे, एक सर्राफ व्यापारी की सूचना उन्हें कोतवाली लाया गया था। ऑपरेशन मुस्कान के तहत दोनों को हिदायत देकर उनके परिवार वालों को सौंप दिया है।
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