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Gorakhpur News: नौकरी छूटी तो जिंदगी भी जैसे ठहर गई

Sat, 12 Sep 2026 02:47 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर Updated Sat, 12 Sep 2026 02:47 AM IST
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When I lost my job, it felt as if life itself came to a standstill.
गोरखपुर। आईआईटी से पढ़ाई, दिल्ली की निजी कंपनी में इंजीनियर की नौकरी और आगे बढ़ने के सपने... अभिषेक त्रिपाठी की जिंदगी कभी ऐसी नहीं थी, जैसी पिछले कुछ वर्षों में हो गई थी। नौकरी छूटने के बाद मानसिक परेशानी ने उन्हें घेरा तो धीरे-धीरे जिंदगी की रफ्तार थमती चली गई। जिन अपनों के बीच कभी उनका घर-परिवार था, उनसे दूरी बढ़ती गई और आखिर में वह शहर में अकेले रह गए। करीब चार साल पहले निजी कंपनी से नौकरी जाने के बाद अभिषेक की जिंदगी पूरी तरह बदल गई। बहन अर्चना के मुताबिक, उनकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं रहती थी। लखनऊ में इलाज भी कराया गया। बाद में भी उपचार चलता रहा, लेकिन परेशानी पूरी तरह दूर नहीं हुई। कई बार व्यवहार में बदलाव दिखता तो वह लोगों से अभद्र भाषा में बात कर देते। इसका असर रिश्तों पर भी पड़ा। धीरे-धीरे रिश्तेदारों का उनके पास आना-जाना कम होता गया। अभिषेक के जीवन में पहले ही कई बड़े खालीपन आ चुके थे। पिता सभा प्रसाद त्रिपाठी सिंचाई विभाग में अधिशासी अभियंता के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। करीब दस साल पहले उनका निधन हो गया। इसके बाद करीब तीन साल पहले मां भी दुनिया छोड़ गईं। माता-पिता के जाने के बाद परिवार में बहन अर्चना और छोटा भाई अंंबरीष ही उनके सबसे करीबी थे।
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अर्चना पैडलेगंज में रहती हैं। छोटा भाई अंंबरीष अमेरिका में है। दूरी के बावजूद भाई ने अभिषेक की जिम्मेदारी नहीं छोड़ी थी। नौकरी नहीं रही तो उनके खर्च का इंतजाम वही करता था।
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परिवार के लोग भी समय-समय पर मिलने आते थे लेकिन साथ रहने वाला कोई नहीं था। सहारा एस्टेट का मकान ही था अभिषेक की दुनिया : सहारा एस्टेट का कमरा अभिषेक की दुनिया बनकर रह गया था। आसपास के लोग उन्हें जानते थे लेकिन उनकी जिंदगी के भीतर कितना अकेलापन था, शायद किसी को इसका अंदाजा नहीं था। परिवार दूर था और मानसिक परेशानी के बीच उनका सामाजिक दायरा भी लगातार सिमटता जा रहा था। शुक्रवार को जब बहन अर्चना को भाई के बारे में पता चला तो वह मौके पर पहुंचीं। वर्षों से परिवार की चिंता बने अभिषेक अब नहीं थे। माता-पिता पहले ही जा चुके थे, भाई विदेश में था और बहन के सामने भाई की जिंदगी का वह आखिरी पड़ाव था, जहां पहुंचकर तमाम कोशिशें और इंतजार भी खत्म हो चुके थे। दाह संस्कार के लिए छोटे भाई का इंतजार: बहन अर्चना ने बताया कि अभिषेक के छोटे भाई अंंबरीष को घटना की जानकारी दे दी गई है। वह अमेरिका से गोरखपुर के लिए रवाना हो चुके हैं। उनके पहुंचने तक शव को सुरक्षित रखा गया है। भाई के आने के बाद ही अभिषेक का दाह संस्कार किया जाएगा।
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