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छात्रों ने सदर थाना घेरा, धरना दिया
शाहजहांपुर
Updated Thu, 01 Jun 2017 11:37 PM IST
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घेराव
- फोटो : Amar Ujala
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शाहजहांपुर। छात्रा का पीछा करने और व्हाट्स ऐप पर ग्रुप बनाकर भद्दे कमेंट्स करने के मामले में गिरफ्तार किए गए नामजद आरोपी की रिहाई को लेकर भाजपा नेता राजकमल वाजपेयी के नेतृत्व में छात्रों का गुट थाने से उसे छुड़वा ले गया। आरोपी की रिहाई को लेकर छात्रों ने थाने का घेराव कर दिया और धरना देकर बैठ गए। सीओ सिटी से वार्ता के बाद आरोपी को मुचलके पर थाने से रिहा कर दिया गया।
थाना सदर बाजार क्षेत्र के एक मोहल्ला निवासी बीएससी की छात्रा ने आरोप लगाया था कि दो युवकों ने व्हाट्स ऐप पर प्रोफाइल में उसका फोटो लगाकर भद्दे-भद्दे मैसेज भेजे थे। विरोध करने पर छात्रा का अपहरण करने का भी प्रयास किया गया। स्कूल आते-जाते रास्ते में भी उसका पीछा किया जा रहा है। छात्रा की तहरीर पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली, इसके बाद आरोपियों की गिरफ्तारी का दबाव विद्यार्थी परिषद के छात्रों ने सीओ सिटी अवनीश्वर चंद्र श्रीवास्तव को ज्ञापन देकर बनाया। पुलिस ने एक आरोपी सारंग को गिरफ्तार कर लिया। सारंग की गिरफ्तारी की भनक लगते ही बृहस्पतिवार दोपहर छात्रों का दूसरा गुट कमल वाजपेयी के नेतृत्व में सदर थाने पहुंच गया। दर्जनों की संख्या में मौजूद छात्र नारेबाजी करते हुए सदर गेट पर धरने देकर बैठ गए। लगभग एक घंटे तक थाने के घेराव कार्यक्रम के बाद सीओ सिटी अवनीश्वर चंद्र श्रीवास्तव सदर थाने पहुंचे और छात्रों से बात कर आरोपी को थाने से ही मुचलके पर रिहा कर दिया। छात्रों का कहना था कि सारंग को मुकदमे में झूठा फंसाया गया है।
बवाल की आशंका में जमा हुआ भारी फोर्स
सदर थाना गेट पर छात्रों की बढ़ती संख्या और उनके तेवर देखकर पुलिस सकते में आ गई। बवाल होने की आशंका में कोतवाली का पुलिस फोर्स और लाइन में मौजूद फोर्स को भी बुला लिया गया। हालांकि बाद में बातचीत के जरिए मामला शांत हो गया।
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कानून विशेषज्ञों से राय लेकर छोड़ा
महिला से संबंधित अपराधों को संगीन अपराधों की श्रेणी में रखा गया है, इसलिए इन मामलों के आरोपियों को पुलिस गिरफ्तार कर जेल भेज देती है, लेकिन यहां छात्र गुट में चली वर्चस्व की लड़ाई में पुलिस को कानून विशेषज्ञों की राय लेनी पड़ी और घंटों मशक्कत के बाद आरोपी को थाने से जमानत पर रिहा कर दिया गया।
रंजिशन लिखाया गया झूठा मुकदमा
युवा नेता राधे मिश्रा ने बताया कि दो युवाओं के खिलाफ छेड़खानी और अन्य धाराओं में झूठा मुकदमा दर्ज कराया गया। उन्होंने कहा कि वह और उनके युवा साथी किसी संगठन के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन झूठा मुकदमा दर्ज कराने वालों का विरोध करते हैं।
सात साल से कम सजा की धारा में दर्ज मामलों में थाने से जमानत देने का प्रावधान है, इसलिए आरोपी को मुचलके पर रिहा कर दिया गया है।
- केके तिवारी, इंस्पेक्टर सदर बाजार कोतवाली
थाना सदर बाजार क्षेत्र के एक मोहल्ला निवासी बीएससी की छात्रा ने आरोप लगाया था कि दो युवकों ने व्हाट्स ऐप पर प्रोफाइल में उसका फोटो लगाकर भद्दे-भद्दे मैसेज भेजे थे। विरोध करने पर छात्रा का अपहरण करने का भी प्रयास किया गया। स्कूल आते-जाते रास्ते में भी उसका पीछा किया जा रहा है। छात्रा की तहरीर पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली, इसके बाद आरोपियों की गिरफ्तारी का दबाव विद्यार्थी परिषद के छात्रों ने सीओ सिटी अवनीश्वर चंद्र श्रीवास्तव को ज्ञापन देकर बनाया। पुलिस ने एक आरोपी सारंग को गिरफ्तार कर लिया। सारंग की गिरफ्तारी की भनक लगते ही बृहस्पतिवार दोपहर छात्रों का दूसरा गुट कमल वाजपेयी के नेतृत्व में सदर थाने पहुंच गया। दर्जनों की संख्या में मौजूद छात्र नारेबाजी करते हुए सदर गेट पर धरने देकर बैठ गए। लगभग एक घंटे तक थाने के घेराव कार्यक्रम के बाद सीओ सिटी अवनीश्वर चंद्र श्रीवास्तव सदर थाने पहुंचे और छात्रों से बात कर आरोपी को थाने से ही मुचलके पर रिहा कर दिया। छात्रों का कहना था कि सारंग को मुकदमे में झूठा फंसाया गया है।
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बवाल की आशंका में जमा हुआ भारी फोर्स
सदर थाना गेट पर छात्रों की बढ़ती संख्या और उनके तेवर देखकर पुलिस सकते में आ गई। बवाल होने की आशंका में कोतवाली का पुलिस फोर्स और लाइन में मौजूद फोर्स को भी बुला लिया गया। हालांकि बाद में बातचीत के जरिए मामला शांत हो गया।
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कानून विशेषज्ञों से राय लेकर छोड़ा
महिला से संबंधित अपराधों को संगीन अपराधों की श्रेणी में रखा गया है, इसलिए इन मामलों के आरोपियों को पुलिस गिरफ्तार कर जेल भेज देती है, लेकिन यहां छात्र गुट में चली वर्चस्व की लड़ाई में पुलिस को कानून विशेषज्ञों की राय लेनी पड़ी और घंटों मशक्कत के बाद आरोपी को थाने से जमानत पर रिहा कर दिया गया।
रंजिशन लिखाया गया झूठा मुकदमा
युवा नेता राधे मिश्रा ने बताया कि दो युवाओं के खिलाफ छेड़खानी और अन्य धाराओं में झूठा मुकदमा दर्ज कराया गया। उन्होंने कहा कि वह और उनके युवा साथी किसी संगठन के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन झूठा मुकदमा दर्ज कराने वालों का विरोध करते हैं।
सात साल से कम सजा की धारा में दर्ज मामलों में थाने से जमानत देने का प्रावधान है, इसलिए आरोपी को मुचलके पर रिहा कर दिया गया है।
- केके तिवारी, इंस्पेक्टर सदर बाजार कोतवाली