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सोशल मीडिया मेें दुष्प्रचार पर होगी एफआईआर
ब्यूरो, अमर उजाला शाहजहांपुर
Updated Sat, 11 Feb 2017 11:55 PM IST
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वाट्सएप, फेसबुक आदि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से यदि कोई व्यक्ति, संस्था, पार्टी अथवा प्रत्याशी के खिलाफ दुष्प्रचार करके मतदाताओं को भ्रमित और प्रभावित करने की चेष्टा करेगा तो उसके विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। जिला निर्वाचन अधिकारी/डीएम कर्ण सिंह चौहान ने दुष्प्रचार के विभिन्न स्वरूपों की व्याख्या करते हुए बताया कि चुनाव के दौरान सोशल मीडिया में आ रही खबरों और सूचनाओं पर पुलिस की साइबर क्राइम सेल लगातार निगाह रखे है। डीएम ने कहा कि निर्वाचन आयोग के निर्देश हैं कि चुनाव लड़ने वाले सभी अभ्यर्थी, उनके पोलिंग एजेंट और समर्थक आदर्श आचार संहिता के दायरे में रहकर उसमें निहित प्रावधानों का पालन करें। कोई भी व्यक्ति चुनाव के दौरान किसी तरह का ऐसा कार्य न करें, जिससे किसी धर्म, जाति और समुदाय विशेष की भावनाओं को ठेस पहुंचती हो। किसी भी व्यक्ति के निजी जीवन अथवा उसके पारिवारिक मामलों में कोई आलोचनात्मक टीका-टिप्पणी नहीं की जानी चाहिए। इसके लिए प्रत्याशियों को निर्वाचन विधि के अधीन किसी भी तरह के भ्रष्ट आचरण और अपराध जैसे कृत्य से बचना चाहिए। इस क्रम में डीएम ने निर्वाचन संबंधी आपराधिक कृत्यों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान रिश्वत देना, मतदाताओं पर असम्यक प्रभाव डालना, धर्म, जाति, समुदाय और भाषा के आधार पर मतदाताओं में घृणा का प्रसार, किसी प्रत्याशी विशेष के संबंध में भ्रामक बयानबाजी, मतदाताओं को वाहन से मतदान केंद्र तक ले जाना, बूथ पर कब्जा आदि निर्वाचन अपराध की श्रेणी में आते हैं। ऐसे मामलों में लिप्त पाए गए लोगों पर धारा 123 के तहत कड़ी विधिक कार्रवाई की जाएगी।
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