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सिख संगत ने ढहाई शिक्षक विधायक के स्कूल की दीवार
शाहजहांपुर।
Updated Sun, 02 Aug 2015 09:31 PM IST
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कचहरी के पीछे स्थित गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा परिसर में किराए पर लिए गए हाल में शिक्षक विधायक (एमएलसी) संजय मिश्रा द्वारा कराए जा रहे अवैध निर्माण को नाराज सिख संगत ने रविवार सुबह ढहा दिया। विधायक के कार्यालय में भी तोड़फोड़ हुई और संगत ने सड़क पर उतर कर चक्का जाम की स्थिति बना दी।
विधायक और उनका साथ देने वाले गुरुद्वारा के स्कूल प्रबंधन समिति के सचिव के खिलाफ भी संगत ने जमकर नारेबाजी की। बाद में एमएलसी पहुंचे तो उन्हें भीड़ का कोपभाजन बनना पड़ा।
लोगों के तेवर देख वह हाथ जोड़ते हुए खिसक लिए। बाद में पुलिस ने विवादित हाल पर ताला लगा दिया और दोनों पक्षों में हाईकोर्ट में लंबित विवाद का फैसला आने तक यथास्थिति बनाए रखने का समझौता करा दिया।
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इस गुरुद्वारा परिसर में गुरुद्वारा की ओर से संचालित गुरुनानक कन्या पाठशाला पर कब्जे को लेकर गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी और स्कूल प्रबंधक गुर प्रकाश सिंह के बीच हाईकोर्ट में मुकदमा विचाराधीन है।
पाठशाला का हाल शिक्षक विधायक संजय मिश्रा ने किराए पर ले रखा है और इसमें करीब एक साल से अपना कार्यालय बना रखा है। रविवार सुबह उनके लोग सभागार में दीवार का निर्माण करा रहे थे और दूसरी ओर गुरुद्वारा में लंगर चल रहा था।
अवैध निर्माण की भनक लगते ही गुरुद्वारा प्रबंधक समिति के पदाधिकारी और सिख संगत के लोग मौके पर पहुंच गए और दीवार को गिरा दिया। फिर गुरुद्वारे के सामने सड़क पर गाड़ियां लगाकर जाम लगा दिया और जमीन पर दरी डालकर धरना देने लगे। उनकी मांग थी कि शिक्षक विधायक के कार्यालय को बंद किया जाए।
सूचना मिलते ही सदर कोतवाल जेपी तिवारी फोर्स के साथ पहुंचे। मौके पर एमएलसी भी पहुंचे तो नाराज संगत ने उन्हें घेर लिया और तल्ख लहजे में ऐसे सवाल दागे कि उनसे कुछ कहते न बना।
गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी अध्यक्ष कमलेश कौर माटा समेत कइयों के हाथ भी उनको मारने के अंदाज में उठ गए। एमएलसी किसी तरह हाथ जोड़ते हुए मौके से निकल लिए। बाद में सीओ सिटी डॉ. कृष्ण गोपाल यादव ने संगत को अन्याय न होने देने का आश्वासन देकर मामला शांत कराया। एसपी बबलू कुमार के अनुसार, दोनों पक्ष हाईकोर्ट का फैसला मानने और तब तक शांति बनाए रखने के लिए राजी हो गए हैं।
सिख एजूकेशन सोसाइटी ने कहा किराएदारी ही गलत
शाहजहांपुर। गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा परिसर में स्थापित गुरु तेगबहादुर सभागार काफी समय से विवादों से घिरा रहा है। इस सभागार में ही सिख समुदाय गुरु महाराज की जयंती आदि के समारोह आयोजित करती रही है। सिख एजूकेशन सोसाइटी और विद्यालय प्रबंध समिति के बीच विवाद भी लंबे अरसे चला आ रहा है और मामला इस समय उच्च न्यायालय में लंबित भी है।
गुरुद्वारा प्रबंध समिति की अध्यक्ष कमलेश कौर माटा और वरिष्ठ उपाध्यक्ष जुझार सिंह मोगा का आरोप है कि विद्यालय प्रबंधक गुरप्रकाश सिंह किराए नामे की लीज डीड की शर्तों के विपरीत गुरु तेगबहादुर सभागार को एमएलसी संजय कुमार मिश्रा को किराए पर दे चुके हैं, जो कानूनन गलत है।
गुरुद्वारा श्री सिंह सभा और सिख एजूकेशन सोसाइटी के बीच जो समझौता है, उसका नक्शा और शर्तें निर्धारित हैं। लीज डीड के मुताबिक विद्यालय प्रबंध समिति गुरुद्वारे की संपत्ति को किराए पर नहीं दे सकती। चूंकि सिख एजूकेशन सोसाइटी द्वारा ही विद्यालय संचालित है और गुरुद्वारा द्वारा स्कूल भवन 50 साल के लिए किराए पर है, इसलिए एक किराएदार दूसरे को संपत्ति किराए पर नहीं दे सकता। आरोप है कि प्रबंधक गुर प्रकाश सिंह ने षडयंत्र के तहत एमएलसी को सभागार किराए पर दिया है।
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विधायक और उनका साथ देने वाले गुरुद्वारा के स्कूल प्रबंधन समिति के सचिव के खिलाफ भी संगत ने जमकर नारेबाजी की। बाद में एमएलसी पहुंचे तो उन्हें भीड़ का कोपभाजन बनना पड़ा।
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लोगों के तेवर देख वह हाथ जोड़ते हुए खिसक लिए। बाद में पुलिस ने विवादित हाल पर ताला लगा दिया और दोनों पक्षों में हाईकोर्ट में लंबित विवाद का फैसला आने तक यथास्थिति बनाए रखने का समझौता करा दिया।
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इस गुरुद्वारा परिसर में गुरुद्वारा की ओर से संचालित गुरुनानक कन्या पाठशाला पर कब्जे को लेकर गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी और स्कूल प्रबंधक गुर प्रकाश सिंह के बीच हाईकोर्ट में मुकदमा विचाराधीन है।
पाठशाला का हाल शिक्षक विधायक संजय मिश्रा ने किराए पर ले रखा है और इसमें करीब एक साल से अपना कार्यालय बना रखा है। रविवार सुबह उनके लोग सभागार में दीवार का निर्माण करा रहे थे और दूसरी ओर गुरुद्वारा में लंगर चल रहा था।
अवैध निर्माण की भनक लगते ही गुरुद्वारा प्रबंधक समिति के पदाधिकारी और सिख संगत के लोग मौके पर पहुंच गए और दीवार को गिरा दिया। फिर गुरुद्वारे के सामने सड़क पर गाड़ियां लगाकर जाम लगा दिया और जमीन पर दरी डालकर धरना देने लगे। उनकी मांग थी कि शिक्षक विधायक के कार्यालय को बंद किया जाए।
सूचना मिलते ही सदर कोतवाल जेपी तिवारी फोर्स के साथ पहुंचे। मौके पर एमएलसी भी पहुंचे तो नाराज संगत ने उन्हें घेर लिया और तल्ख लहजे में ऐसे सवाल दागे कि उनसे कुछ कहते न बना।
गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी अध्यक्ष कमलेश कौर माटा समेत कइयों के हाथ भी उनको मारने के अंदाज में उठ गए। एमएलसी किसी तरह हाथ जोड़ते हुए मौके से निकल लिए। बाद में सीओ सिटी डॉ. कृष्ण गोपाल यादव ने संगत को अन्याय न होने देने का आश्वासन देकर मामला शांत कराया। एसपी बबलू कुमार के अनुसार, दोनों पक्ष हाईकोर्ट का फैसला मानने और तब तक शांति बनाए रखने के लिए राजी हो गए हैं।
सिख एजूकेशन सोसाइटी ने कहा किराएदारी ही गलत
शाहजहांपुर। गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा परिसर में स्थापित गुरु तेगबहादुर सभागार काफी समय से विवादों से घिरा रहा है। इस सभागार में ही सिख समुदाय गुरु महाराज की जयंती आदि के समारोह आयोजित करती रही है। सिख एजूकेशन सोसाइटी और विद्यालय प्रबंध समिति के बीच विवाद भी लंबे अरसे चला आ रहा है और मामला इस समय उच्च न्यायालय में लंबित भी है।
गुरुद्वारा प्रबंध समिति की अध्यक्ष कमलेश कौर माटा और वरिष्ठ उपाध्यक्ष जुझार सिंह मोगा का आरोप है कि विद्यालय प्रबंधक गुरप्रकाश सिंह किराए नामे की लीज डीड की शर्तों के विपरीत गुरु तेगबहादुर सभागार को एमएलसी संजय कुमार मिश्रा को किराए पर दे चुके हैं, जो कानूनन गलत है।
गुरुद्वारा श्री सिंह सभा और सिख एजूकेशन सोसाइटी के बीच जो समझौता है, उसका नक्शा और शर्तें निर्धारित हैं। लीज डीड के मुताबिक विद्यालय प्रबंध समिति गुरुद्वारे की संपत्ति को किराए पर नहीं दे सकती। चूंकि सिख एजूकेशन सोसाइटी द्वारा ही विद्यालय संचालित है और गुरुद्वारा द्वारा स्कूल भवन 50 साल के लिए किराए पर है, इसलिए एक किराएदार दूसरे को संपत्ति किराए पर नहीं दे सकता। आरोप है कि प्रबंधक गुर प्रकाश सिंह ने षडयंत्र के तहत एमएलसी को सभागार किराए पर दिया है।