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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shahjahanpur News ›   Shot-off shot by a licensed gun, middle-aged

लाइसेंसी बंदूक से चली गोली, अधेड़ की मौत

Sun, 18 Jun 2017 12:38 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, शाहजहांपुर
अमर उजाला ब्यूरो, शाहजहांपुर Updated Sun, 18 Jun 2017 12:38 AM IST
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क्षेत्र के पट्टी बहादुरपुर गांव में शनिवार सुबह कमरे में लाइसेंसी बंदूक से चली गोली से अधेड़ की मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही थाना पुलिस के अलावा एएसपी (सिटी) दिनेश त्रिपाठी और सीओ सदर अखिलेश भदैरिया मौके पर पहुंचे। परिवार वालों के मृतक की दूसरी पत्नी पर हत्या की आशंका जताने पर पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया। एएसपी के निर्देश पर पहुंची फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट टीम ने नमूने लिए। एएसपी ने बताया कि अधेड़ ने बंदूक से खुद को गोली मारी है। बंदूक को कब्जे में ले लिया गया है। पीएम रिपोर्ट के अनुसार पेट में गोली लगी है। पेट से 12 बोर के छर्रे भी मिले हैं।
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जानकारी के अनुसार रोजा थाना क्षेत्र के पट्टी बहादुरपुर निवासी 45 वर्षीय राकेश श्रीवास्तव शनिवार सुबह सात बजे अपने घर के कमरे में थे। उनकी पत्नी आलमबुज श्रीवास्तव घर के बाहर झाड़ू लगा रही थी। उसी समय गोली चलने की आवाज आई तो आलमबुज और गांव का ही मुन्ना तांगेवाला कमरे के पास पहुंचे तो दरवाजा अंदर से बंद था। आसपास के लोगों के आने पर दरवाजा तोड़ा गया तो अंदर राकेश का शव पड़ा था। उनके पेट में गोली लगी थी। पास में ही उनकी लाइसेंसी बंदूक पड़ी थी। सूचना मिलने पर गांव में ही दूसरे घर में रह रहे राकेश के भाई अखिलेश, राजेश और भाभी सरिता और अन्य लोग भी पहुंच गए। सूचना पर एसओ हरेंद्र सिंह डॉग स्क्वाड और फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट के साथ पहुंचे। यहां बता दें कि जिस कमरे में राकेश का शव मिला, उसका एक दरवाजा दूसरे कमरे में खुलता है और वह घटना के समय खुला हुआ भी था। इससे पुलिस हत्या की बात को भी सिरे से खारिज नहीं कर रही है।
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 घरवालों का आरोप था कि पिछले कई दिनों से राकेश और उसकी पत्नी आलमबुज के बीच विवाद चल रहा था। उन्होंने आलमबुज पर संपत्ति के लालच में राकेश की गोली मारकर हत्या करने का आरोप लगाया। इस पर पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया। तहरीर राकेश के भाई राजेश श्रीवास्तव ने दी है। तहरीर में किसी को आरोपी नहीं बनाया गया है।
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राकेश की मौत आत्महत्या प्रतीत हो रही है। घटना का कोई प्रत्यक्षदर्शी नहीं है। आरोपों की सत्यता के लिए वैज्ञानिक साक्ष्यों का सहारा लिया जा रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अलावा फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट की रिपोर्ट आने का इंतजार है। परिवार वालों ने मृतक की दूसरी पत्नी पर सिर्फ मौखिक आरोप लगाया है। उससे पूछताछ की जा रही है। तहरीर में किसी को नामजद नहीं किया गया है। 
- हरेंद्र सिंह, एसओ रोजा

पत्नी की मौत के बाद राकेश ने की थी दूसरी शादी 
गांव पट्टी बहादुरपुर निवासी राकेश श्रीवास्तव की पहली पत्नी अनीता की मौत बीस साल पहले हो गई थी। उनसे दो लड़के मोनू और दीपू हैं, जो दिल्ली में रहते हैं। अनीता की मौत के बाद राकेश ने हरदोई के थाना टड़ियावा क्षेत्र के गांव परसनी निवासिनी बेवा आलमबुज से शादी कर ली। आलमबुज की पहले पति से बेटी पुन्नू है जबकि राकेश से बेटा कृष्णा हुआ। आलमबुज से शादी करने के बाद राकेश का अपने परिवार से कतई संपर्क नहीं रह गया था। उसके बड़े भाई राजेश लोधीपुर और छोटा भाई अखिलेश गांव में दूसरे मकान में रहते हैं। आलमबुज गांव के ही सरकारी स्कूल में अध्यापिका है। गांव वालों के मुताबिक, उसका व्यवहार बेहद खराब है। इसलिए कोई भी राकेश के घर आना-जाना पसंद नहीं करता था।

 
पत्नी बोली, नहीं था कोई विवाद
पुलिस हिरासत में मृतक राकेश की पत्नी आलमबुज ने बताया कि उसका पति से कोई विवाद नहीं था। राकेश का परिवार वालों से बंटवारा हो चुका था। लिहाजा उनसे भी किसी तरह का विवाद नहीं था। उसकी गृहस्थी आराम से चल रही थी। राकेश के पहली पत्नी से पैदा दोनों बेटे दिल्ली में काम कर रहे हैं, जबकि उसकी बेटी पुन्नू हरदोई में पढ़ रही है और बेटा कृष्णा साथ रह रहा है। 
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