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बीपीएम घोटाले में राज्यमंत्री ने जल्द कार्रवाई को कहा
शाहजहांपुर
Updated Thu, 25 Dec 2014 12:09 AM IST
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एनआरएएचएम के तहत ब्लाक प्रोजेक्ट मैनेजर (बीपीएम) की नियुक्तियों के लिए डाले गए टेंडरों में हुई गड़बड़ियों के मामले में स्वास्थ्य राज्यमंत्री शंख लाल मांझी ने एडी हेल्थ को शीघ्र जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए।
अमर उजाला में इस घोटाले की खबर प्रकाशित होने के बाद बुधवार को स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। वहीं इस खबर का संज्ञान लेते हुए स्वास्थ्य राज्यमंत्री ने जिला अस्पताल में निरीक्षण के बाद हुई एडी हेल्थ डॉ. सुबोध शर्मा को निर्देश दिए। मंत्री का कहना था कि जांच में देरी से दोषियों को फायदा मिल जाता है। इसलिए जल्द-जल्द जांच कर अपनी रिपोर्ट साैंपें, जिससे आगे की कार्रवाई आगे बढ़ सके। वहीं एडी ने राज्यमंत्री को बताया कि मंडलायुक्त के निर्देश के बाद उन्होंने जांच शुरू की तो प्रथम दृष्टया गड़बड़ी पाए जाने पर उन्होंने नियुक्ति प्रक्रिया स्थगित कर दी है। इस बीच सवाल उठा कि गड़बड़ी के बावजूद वेतन भुगतान कर दिया गया तो एडी ने कहा कि यह स्थगन से पहले हुआ होगा। अब पूरी तरह रोक लगा दी गई है।
सीएमओ बोले, काम लिया जाता रहेगा बीपीएम से
सीएमओ डॉ. उमेश चंद्र यादव ने कहा कि टेंडर प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता से की गई है। टेंडर में शामिल सभी एजेंसियों को टेंडर खुलने के समय बाकायदा नियम और शर्तों को पढ़कर सुनाया गया था। उस वक्त किसी ने कोई आपत्ति नहीं की थी। शिकायत करने वाला व्यक्ति टेंडर प्रक्रिया से अलग है। उसकी शिकायत पर एडी हेल्थ जांच कर रहे हैं। फिलहाल नियुक्ति किए गए बीपीएम से काम लिया जाता रहेगा। बीपीएम का काम एनआरएचएम के तहत दी जाने वाली सेवाओं का ब्लाक में बैठकर सीएचसी और पीएचसी की रिर्पोटिंग करना है।
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अमर उजाला में इस घोटाले की खबर प्रकाशित होने के बाद बुधवार को स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। वहीं इस खबर का संज्ञान लेते हुए स्वास्थ्य राज्यमंत्री ने जिला अस्पताल में निरीक्षण के बाद हुई एडी हेल्थ डॉ. सुबोध शर्मा को निर्देश दिए। मंत्री का कहना था कि जांच में देरी से दोषियों को फायदा मिल जाता है। इसलिए जल्द-जल्द जांच कर अपनी रिपोर्ट साैंपें, जिससे आगे की कार्रवाई आगे बढ़ सके। वहीं एडी ने राज्यमंत्री को बताया कि मंडलायुक्त के निर्देश के बाद उन्होंने जांच शुरू की तो प्रथम दृष्टया गड़बड़ी पाए जाने पर उन्होंने नियुक्ति प्रक्रिया स्थगित कर दी है। इस बीच सवाल उठा कि गड़बड़ी के बावजूद वेतन भुगतान कर दिया गया तो एडी ने कहा कि यह स्थगन से पहले हुआ होगा। अब पूरी तरह रोक लगा दी गई है।
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सीएमओ बोले, काम लिया जाता रहेगा बीपीएम से
सीएमओ डॉ. उमेश चंद्र यादव ने कहा कि टेंडर प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता से की गई है। टेंडर में शामिल सभी एजेंसियों को टेंडर खुलने के समय बाकायदा नियम और शर्तों को पढ़कर सुनाया गया था। उस वक्त किसी ने कोई आपत्ति नहीं की थी। शिकायत करने वाला व्यक्ति टेंडर प्रक्रिया से अलग है। उसकी शिकायत पर एडी हेल्थ जांच कर रहे हैं। फिलहाल नियुक्ति किए गए बीपीएम से काम लिया जाता रहेगा। बीपीएम का काम एनआरएचएम के तहत दी जाने वाली सेवाओं का ब्लाक में बैठकर सीएचसी और पीएचसी की रिर्पोटिंग करना है।
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