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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shahjahanpur News ›   Seven people on trial for murder

सात लोगों पर हत्या का मुकदमा

Mon, 30 May 2016 12:34 AM IST
ब्यूरो /शाहजहांपुर
ब्यूरो /शाहजहांपुर Updated Mon, 30 May 2016 12:34 AM IST
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शनिवार को नगर के मोहल्ला शास्त्रीनगर निवासी सत्यप्रकाश के 23 वर्षीय बेटे सुमित को पुवायां सरकारी अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों के अनुसार सुमित की हालत जहर से खराब हुई थी। वहां से जिला अस्पताल ले जाते समय रास्ते में सुमित ने दम तोड़ दिया था। परिवार वाले सुमित का शव लौटाकर पुवायां अस्पताल ले गए। वहां पहुंची पुलिस को देखकर लोग उत्तेजित हो उठे। परिवार वाले रिपोर्ट दर्ज करने की मांग कर रहे थे। इससे पुलिस के सात लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करना पड़ा। इसके बाद पुलिस शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मृतक की मां कमलेश्वरी देवी की ओर से दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि मोहल्ले के ही कुछ लोग सुमित से रंजिश मानते थे। उन्होंने पांच मई को सुमित से मारपीट भी की थी। 28 मई को भगवानदास शर्मा उनके भाई नरेश शर्मा, संतोष शर्मा, भगवानदास के पुत्र पुष्कर शर्मा, रवि शर्मा और नरेश के पुत्र अंकित, उत्तम ने जबरन सुमित को पकड़ लिया और मारपीट करते हुए अपने घर ले गए। बाद में उन लोगों ने जबरन सुमित को जहर खिला दिया। जानकारी होने पर घर वाले सुमित को लेकर पुवायां के सरकारी अस्पताल ले गए, लेकिन सुमित को बचाया नहीं जा सका। कोतवाली प्रभारी सुनील कुमार विश्नोई ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है। 
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पुलिस की लापरवाही से गई सुमित की जान 
पुवायां। मौसेरे भाई और मां के मुताबिक पुलिस ने पहले भगवानदास आदि के खिलाफ कार्रवाई कर दी होती तो सुमित की जान नहीं जाती। मां कमलेश्वरी के अनुसार मई के शुरू में गोरखपुर से सुमित के दोस्त आए थे। उनके साथ महिलाएं भी थी। भगवानदास के पुत्र रवि ने गोरखपुर से आई महिला को बाइक का पहिया मार दिया था। शिकायत करने पर सुमित के साथ मारपीट की गई थी। उसके मौसेरे भाई शशांक ने पांच मई को तहरीर दी, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। छह मई को सुमित ने खुद पुलिस को तहरीर दी, फिर भी चुप्पी साधे रही। आरोपी ऐलानिया कहते रहे कि पुवायां कोतवाल उनके खासमखास हैं और उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होगी। इससे आरोपियों के हौंसले बुलंद हो गए और वह पुत्र से आए दिन गाली गलौज और मारपीट का प्रयास करने लगे। मौखिक शिकायत पर भी पुलिस लापरवाही बरतती रही। आखिरकार 28 मई को पुत्र का अपहरण कर जहर देकर हत्या कर दी गई। कोतवाली प्रभारी सुनील विश्नोई ने बताया कि पूर्व में दी गई तहरीर उनके संज्ञान में नहीं है।
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