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मिर्जापुर के दो युवकों की फर्रूखाबाद में मौत
मिर्जापुर, शाहजहांपुर
Updated Sun, 22 Feb 2015 11:22 PM IST
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फिरोजाबाद से मजदूरी करके आ रहे गांव पंचायत जरीनपुर के मजरा हीरानगर (बैरगापुर) के एक ही परिवार के दो युवकों की फर्रूखाबाद जिले के मोहमदाबाद थाना क्षेत्र में किसी वाहन से कुचलकर मौत हो गई। दोनाें भाई साइकिल से अपने मामा की शादी में शामिल होने जा रहे थे।
क्षेत्र के गांव बैरगापुर में रहने वाले शेरसिंह का 25 वर्षीय पुत्र सुनील कुशवाहा व गयासिंह का 20 वर्षीय पुत्र नन्हें कुशवाहा पिछले कई वर्षों से फिरोजाबाद में राजमिस्त्री का काम कर रहे थे। 21 फरवरी को दोनाें मामा की शादी में शामिल होने के लिए फर्रूखाबाद जिले के मोहमदाबाद थानांर्तगत गांव दहेलिया जा रहे थे। शुक्रवार को फिरोजाबाद से बस द्वारा मैनपुरी आए और यहां से साइकिल से दोनों गांव दहेलिया जा रहे थे। रास्ते में मोहमदाबाद थाने की पुलिस चौकी मदनपुर के समीप अज्ञात वाहन ने दोनाें को साइकिल समेत कुचल दिया। इससे मौके पर ही दोनाें की मृत्यु हो गई।
मोहमदाबाद पुलिस ने मृतकों के पास मिली डायरी में लिखे मोबाइल नंबर पर सुनील व नन्हें की सड़क दुघर्टना में मृत्यु की सूचना दी, तो गांव में कोहराम मच गया। शनिवार की शाम दोनाें के शवों को पोस्टमार्टम के बाद गांव बैरगापुर लाया गया। इस पर पूरे गांव में करूण क्रंदन के सिवाय कुछ भी सुनाई नहीं दे रहा था।
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बैरगापुर में दो दिन से नहीं जले चूल्हे
होली के चंद रोज पहले गांव के दो युवकों की दर्दनाक मौत से गांव में कोहराम है। दो दिन से गांव में किसी के घर में चूल्हा नहीं जला है। रविवार सुबह जब दोनाें के शव एक साथ अंत्येष्टि के लिए ले जाए गए, तब पूरा गांव रो रहा था।
नन्हें की मौत से घर का चिराग बुझ गया
नन्हें की मौत से चाचा जयसिंह-मुन्नी दंपत्ति के परिवार का तो चिराग ही बुझ गया है। जयसिंह के कोई संतान नहीं थी। उसने अपने भाई गयासिंह के दो पुत्रों रामकिशोर व नन्हें में से छोटे नन्हें को गोद ले लिया था। इसकी शादी कर वंश वृद्धि करना चाहता था, लेकिन यह उसके नसीब में नहीं था।
नन्हें के बड़े भाई व मां-बाप की हो चुकी है मौत
मृतक नन्हें के बड़े भाई रामकिशोर की करीब पांच वर्ष पहले बीमारी के चलते मृत्यु हो गई थी। बड़े बेटेे की मौत के गम में पिता गयासिंह व मां एक वर्ष में ही परलोक सिधार गए। इससे जयसिंह व गयासिंह के परिवार में अकेले रह गए बेटे नन्हें की मौत से इस परिवार का चिराग ही बुझ गया है।
मृतक सुनील ही था घर का कमाऊ पूत
मृतक सुनील चार भाई व दो बहनों में सबसे बड़ा था। उसी की कमाई पर वृद्ध माता-पिता और छोटे भाई अनिल, शुक्ला व लालू तथा दो बहनें सुमना व रामसुती का गुजारा होता था।
बैरगापुुर के युवकों की आकस्मिक मृत्यु पर वे बहुत दुखीं हैं। वे अपने स्तर सेे और शासन द्वारा देय सभी सुविधाओं कोे दिलवाने का पूरा प्रयास करेंगे।
- दिनेशचंद्र दीक्षित, प्रधानपति ग्राम पंचायत जरीनपुुर
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क्षेत्र के गांव बैरगापुर में रहने वाले शेरसिंह का 25 वर्षीय पुत्र सुनील कुशवाहा व गयासिंह का 20 वर्षीय पुत्र नन्हें कुशवाहा पिछले कई वर्षों से फिरोजाबाद में राजमिस्त्री का काम कर रहे थे। 21 फरवरी को दोनाें मामा की शादी में शामिल होने के लिए फर्रूखाबाद जिले के मोहमदाबाद थानांर्तगत गांव दहेलिया जा रहे थे। शुक्रवार को फिरोजाबाद से बस द्वारा मैनपुरी आए और यहां से साइकिल से दोनों गांव दहेलिया जा रहे थे। रास्ते में मोहमदाबाद थाने की पुलिस चौकी मदनपुर के समीप अज्ञात वाहन ने दोनाें को साइकिल समेत कुचल दिया। इससे मौके पर ही दोनाें की मृत्यु हो गई।
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मोहमदाबाद पुलिस ने मृतकों के पास मिली डायरी में लिखे मोबाइल नंबर पर सुनील व नन्हें की सड़क दुघर्टना में मृत्यु की सूचना दी, तो गांव में कोहराम मच गया। शनिवार की शाम दोनाें के शवों को पोस्टमार्टम के बाद गांव बैरगापुर लाया गया। इस पर पूरे गांव में करूण क्रंदन के सिवाय कुछ भी सुनाई नहीं दे रहा था।
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बैरगापुर में दो दिन से नहीं जले चूल्हे
होली के चंद रोज पहले गांव के दो युवकों की दर्दनाक मौत से गांव में कोहराम है। दो दिन से गांव में किसी के घर में चूल्हा नहीं जला है। रविवार सुबह जब दोनाें के शव एक साथ अंत्येष्टि के लिए ले जाए गए, तब पूरा गांव रो रहा था।
नन्हें की मौत से घर का चिराग बुझ गया
नन्हें की मौत से चाचा जयसिंह-मुन्नी दंपत्ति के परिवार का तो चिराग ही बुझ गया है। जयसिंह के कोई संतान नहीं थी। उसने अपने भाई गयासिंह के दो पुत्रों रामकिशोर व नन्हें में से छोटे नन्हें को गोद ले लिया था। इसकी शादी कर वंश वृद्धि करना चाहता था, लेकिन यह उसके नसीब में नहीं था।
नन्हें के बड़े भाई व मां-बाप की हो चुकी है मौत
मृतक नन्हें के बड़े भाई रामकिशोर की करीब पांच वर्ष पहले बीमारी के चलते मृत्यु हो गई थी। बड़े बेटेे की मौत के गम में पिता गयासिंह व मां एक वर्ष में ही परलोक सिधार गए। इससे जयसिंह व गयासिंह के परिवार में अकेले रह गए बेटे नन्हें की मौत से इस परिवार का चिराग ही बुझ गया है।
मृतक सुनील ही था घर का कमाऊ पूत
मृतक सुनील चार भाई व दो बहनों में सबसे बड़ा था। उसी की कमाई पर वृद्ध माता-पिता और छोटे भाई अनिल, शुक्ला व लालू तथा दो बहनें सुमना व रामसुती का गुजारा होता था।
बैरगापुुर के युवकों की आकस्मिक मृत्यु पर वे बहुत दुखीं हैं। वे अपने स्तर सेे और शासन द्वारा देय सभी सुविधाओं कोे दिलवाने का पूरा प्रयास करेंगे।
- दिनेशचंद्र दीक्षित, प्रधानपति ग्राम पंचायत जरीनपुुर