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रिटायर्ड दरोगा की हत्या में चार के खिलाफ मुकदमा

Mon, 25 Apr 2016 12:44 AM IST
ब्यूरो /शाहजहांपुर
ब्यूरो /शाहजहांपुर Updated Mon, 25 Apr 2016 12:44 AM IST
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 ritaayard daroga kee hatya mein chaar ke khilaaph mukadama
रिटायर्ड दरोगा की हत्या में चार के खिलाफ मुकदमा
थाना निगोही क्षेत्र के गांव विक्रमपुर चकौरा में शनिवार शाम रिटायर दरोगा 65 वर्षीय कलक्टर सिंह यादव की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में निगोही पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। कलक्टर सिंह का परिवार रोजा क्षेत्र की आदर्श कॉलोनी में रहता है। उनके बड़े बेटे पवन यादव के मुताबिक करीब एक सप्ताह पहले उनके पिता गांव में गेहूं कटवाने के लिए गए थे। शनिवार को गांव में उनके चाचा विश्राम सिंह के बेटे लक्ष्मण सिंह की बारात निगोही रोड स्थित रेभा गांव जाने थी। इससे वह पिता कलक्टर सिंह, मां मुन्नी देवी, भाई अरविंद के साथ शादी में शामिल होने आए थे। परिवार के सदस्य शादी की तैयारी में जुटे थे। उनकी मां मुन्नी देवी सामने चाचा के घर में बारात जाने की तैयारियां करा रही थीं। उनके पिता सामने बने घर में नहाने के बाद के कपड़े पहन रहे थे। दरवाजे पर बैंड बाजा बज रहा था। इसी बीच गांव के चंद्रसेन, उनका बेटा अमरजीत उर्फ पोथी, जयवीर औ सुखवीर असलहों के साथ घर में घुस आए और उनके पिता कलक्टर सिंह के सीने पर गोली दाग दी। गोली सीधे दिल के पास लगी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना को अंजाम देने के बाद हमलावर मौके से भाग गए। फायर की आवाज सुनकर परिवार वाले घर में पहुंचे तो खून से लथपथ कलक्टर सिंह जमीन पर पड़े थे। इसका पता लगने पर रोजा स्थित आवास से पवन और उनके छोटे भाई बंटी सिंह गांव पहुंच गए। घटना की खबर मिलने पर पहुंची पुलिस ने शव कब्जे ले लिया। रविवार को शव का पोस्टमार्टम कराया गया। पुलिस ने मुकदमा दर्ज करके चारों आरोपियों की तलाश में दबिशें देना शुरू कर दी है। 
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ग्राम समाज की जमीन पर दबंगाें का था कब्जा 
पवन के मुताबिक गांव में उनके दरवाजे के पास ग्राम समाज की जमीन पड़ी हुई थी। विरोधी पक्ष उस पर घूरा डालता था। उनके पिता उस जमीन पर गांव वालों के लिए नल लगवाना चाहते थे। इसी बात को लेकर हुए विवाद में विपक्षियों के द्वारा चलाई गई गोली उन्हीं परिवार के सदस्य को लग गई थी। इसमें विपक्षियों ने उनके पिता पर झूठा जानलेवा हमले की धारा में मुकदमा दर्ज करा दिया था।  
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दो बार प्रधान रही पत्नी मुन्नी देवी 
पवन ने बताया कि उनकी मां मुन्नी देवी गांव की दो बार प्रधान रह चुकी हैं। उन्होंने गांव में काफी विकास कार्य कराए। इस बात से विरोधी काफी नाराज रहते थे। उनकी मां जनता दल और फिर सपा में प्रदेश सचिव रही हैं। उनका परिवार रोजा के आदर्श नगर कॉलोनी में रहता है। गांव खेतीबाड़ी देखने के लिए अक्सर पिता गांव जाते रहते थे। 
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ढाई साल मुलायम के शैडो रहे  
पवन ने बताया कि वर्ष 1990 से 1992 तक उनके पति पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह की सिक्योरिटी में शैडो रहे। उनके अलावा भी कई वीआईपी लोगों की सिक्योरिटी में रहे थे। रिटायरमेंट के बाद वह घर परिवार को देखने लगे। 

शव घर पहुंचने पर मचा कोहराम। कलक्टर सिंह का शव रोजा की आदर्श नगर कॉलोनी स्थित उनके आवास ले जाया गया तो परिवार में कोहराम मच गया। पत्नी मुन्नी देवी, बेटी रमा, कमलेश और अनीता रो-रोककर बेसुध हो गईं हैं। शाम को उनके शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
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