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पुलिस ने एसपी को भेजी थी फर्जी रिपोर्ट
अमर उजाला ब्यूरो, शाहजहांपुर
Updated Thu, 27 Apr 2017 11:51 PM IST
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अवैध खनन के मामले में क्षेत्रीय पुलिस किस कदर खनन माफिया से मिलीभगत किए हुए थी इसका एक और खुलासा हुआ है। एसपी द्वारा क्षेत्र में सक्रिय खनन माफिया की रिपोर्ट मांगने पर पुवायां पुलिस ने जो रिपोर्ट भेजी थी उसमें अपने चहेते माफिया का नाम ही नहीं भेजा था। पुलिस के इस तरह के अभयदान मिलने से खनन माफिया के हौंसले इतने बुलंद हो गए कि उसने सीओ आवास में जाकर गाली गलौज तक करने की जुर्रत कर डाली।
पुवायां में खुलेआम अवैध खनन करने की शिकायत शासन से की गई थी। कोर्ट और सरकार ने भी खनन को लेकर नाराजगी जताते हुए खनन माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। इसके तहत क्षेत्र में सक्रिय खनन माफिया की रिपोर्ट मांगी थी। फरवरी 17 को पुवायां पुलिस ने एसपी को जो रिपोर्ट भेजी थी उसमें गांव करनापुर के पांच लोगों के नाम खनन माफिया के तौर पर चिह्नित कर भेजे गए थे, साथ ही यह भी लिखा था कि उक्त पांच लोग पहले खनन करते थे और अब पुवायां थाना क्षेत्र में कहीं भी अवैध खनन नहीं हो रहा है। एसपी कार्यालय से गांव करनापुर के पांचों लोगों के नाम वापस थाने पर भेजकर निर्देश दिए गए थे कि खनन माफिया पर कड़ी नजर रखी जाए और खनन करने की सूचना मिले तो कड़ी कार्रवाई की जाए।
एसपी को भेजी गई रिपोर्ट में सीओ आवास पर जाकर गाली गलौज करने वाले आलेनबी, असलम, नबीउल्ला, हमीर हमजा, तौहीद का नाम ही पुवायां पुलिस ने शामिल नहीं किया था। सीओ के रेत भरी ट्रॉली पकड़ने से साफ हो गया है कि पुलिस की मिलीभगत से पुवायां में अवैध खनन धड़ल्ले हो किया जा रहा था। सीओ की ओर से दर्ज रिपोर्ट में शामिल नामों को खनन माफिया की सूची में नहीं भेजे जाने से यह भी साफ हो गया है कि पुलिस ने एसपी को गुमराह करने का प्रयास किया। कुछ पुलिसकर्मी अब भी खनन माफिया को संरक्षण देने के काम में लगे हुए हैं।
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सीओ ने पकड़ी, कोतवाली
से छोड़ दी गई थी ट्रॉली
पुवायां। पुवायां में रेत खनन का कारोबार किस तेजी से हो रहा है और इसकी जड़ें किस कदर गहरी हैं, इसमें रोज नए खुलासे हो रहे हैं।
सीओ अरुण कुमार ने कुछ दिन पूर्व रात गश्त के दौरान रेत से भरी एक ट्रॉली पकड़कर कोतवाली भेजी थी। यह ट्रॉली पुलिस के खासमखास खनन माफिया की थी। सीओ के ट्रॉली पकड़ने से कुछ पुलिसकर्मी खासे नाराज हुए थे। एक पुलिसकर्मी ने तो सीओ के ट्रॉली पकड़ने को पुलिस के कार्य में हस्तक्षेप तक करार दिया था। इस मामले में सीओ और पुलिसकर्मी के बीच जमकर हॉट टॉक तक हुई थी। सीओ के थाने से जाते ही रेत भरी ट्रॉली को बिना कार्रवाई के ही छोड़ दिया गया था। कोतवाली प्रभारी अशोक पाल सिंह का कहना है कि क्षेत्र में अवैध खनन नहीं हो रहा है। सूचना मिलने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सीओ अरुण कुमार ने कहा उन्हें इस संबंध में कोई बात नहीं कहनी है।
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पुवायां में खुलेआम अवैध खनन करने की शिकायत शासन से की गई थी। कोर्ट और सरकार ने भी खनन को लेकर नाराजगी जताते हुए खनन माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। इसके तहत क्षेत्र में सक्रिय खनन माफिया की रिपोर्ट मांगी थी। फरवरी 17 को पुवायां पुलिस ने एसपी को जो रिपोर्ट भेजी थी उसमें गांव करनापुर के पांच लोगों के नाम खनन माफिया के तौर पर चिह्नित कर भेजे गए थे, साथ ही यह भी लिखा था कि उक्त पांच लोग पहले खनन करते थे और अब पुवायां थाना क्षेत्र में कहीं भी अवैध खनन नहीं हो रहा है। एसपी कार्यालय से गांव करनापुर के पांचों लोगों के नाम वापस थाने पर भेजकर निर्देश दिए गए थे कि खनन माफिया पर कड़ी नजर रखी जाए और खनन करने की सूचना मिले तो कड़ी कार्रवाई की जाए।
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एसपी को भेजी गई रिपोर्ट में सीओ आवास पर जाकर गाली गलौज करने वाले आलेनबी, असलम, नबीउल्ला, हमीर हमजा, तौहीद का नाम ही पुवायां पुलिस ने शामिल नहीं किया था। सीओ के रेत भरी ट्रॉली पकड़ने से साफ हो गया है कि पुलिस की मिलीभगत से पुवायां में अवैध खनन धड़ल्ले हो किया जा रहा था। सीओ की ओर से दर्ज रिपोर्ट में शामिल नामों को खनन माफिया की सूची में नहीं भेजे जाने से यह भी साफ हो गया है कि पुलिस ने एसपी को गुमराह करने का प्रयास किया। कुछ पुलिसकर्मी अब भी खनन माफिया को संरक्षण देने के काम में लगे हुए हैं।
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सीओ ने पकड़ी, कोतवाली
से छोड़ दी गई थी ट्रॉली
पुवायां। पुवायां में रेत खनन का कारोबार किस तेजी से हो रहा है और इसकी जड़ें किस कदर गहरी हैं, इसमें रोज नए खुलासे हो रहे हैं।
सीओ अरुण कुमार ने कुछ दिन पूर्व रात गश्त के दौरान रेत से भरी एक ट्रॉली पकड़कर कोतवाली भेजी थी। यह ट्रॉली पुलिस के खासमखास खनन माफिया की थी। सीओ के ट्रॉली पकड़ने से कुछ पुलिसकर्मी खासे नाराज हुए थे। एक पुलिसकर्मी ने तो सीओ के ट्रॉली पकड़ने को पुलिस के कार्य में हस्तक्षेप तक करार दिया था। इस मामले में सीओ और पुलिसकर्मी के बीच जमकर हॉट टॉक तक हुई थी। सीओ के थाने से जाते ही रेत भरी ट्रॉली को बिना कार्रवाई के ही छोड़ दिया गया था। कोतवाली प्रभारी अशोक पाल सिंह का कहना है कि क्षेत्र में अवैध खनन नहीं हो रहा है। सूचना मिलने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सीओ अरुण कुमार ने कहा उन्हें इस संबंध में कोई बात नहीं कहनी है।