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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shahjahanpur News ›   Kilron contract already knew crest

सुपारी किलरों को पहले से जानती थी शिखा

Sun, 07 Feb 2016 11:45 PM IST
शाहजहांपुर
शाहजहांपुर Updated Sun, 07 Feb 2016 11:45 PM IST
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शिखा संभल निवासी दोनों सुपारी किलरों को पहले से जानती थी। इसीलिए इनोवा में सवार होते समय वह तनिक भी असहज नहीं हुई। हालांकि बरेली से आगे बढ़ने पर उसे अनहोनी की आशंका हुई जो गजरौला पहुंचने पर सच में तब्दील हो गई।
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पुलिस को तफ्तीश में कई रोचक जानकारियां मिली हैं। हालांकि इसका आधिकारिक खुलासा चार अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी होने के बाद करने की तैयारी है। बताया जा रहा है कि सुरेश गुप्ता के पैतृक गांव तिलहर के कपसेड़ा में किसी से प्रापर्टी विवाद के चलते राहुल के मार्फत संभल से दो पेशेवर कातिल बुलाए गए थे। वे बीते ग्राम प्रधान चुनाव से पहले तिलहर वाले मकान पर करीब 15 दिन और बिसरात वाले मकान पर पांच दिन रहे थे। इसी दोनों किलरों की औपचारिक मुलाकात शिखा से हुई थी। उसे इनके पेशेवर कातिल होने की जानकारी नहीं थी। आरोपी राहुल गुप्ता भी बीते करीब एक साल से नाना की शह पर ही तिलहर वाले मकान में रहने लगा था और लगभग कब्जा कर लिया था। राहुल ने उन्हीं दोनों पेशेवर कातिलों को शिखा की सुपारी दी। पहले से जानपहचान के कारण शिखा बरेली के पहले तक बिल्कुल असहज नहीं थी। जब बरेली में इनोवा नहीं रुकी तो शिखा ने पूछा लेकिन कातिल हंसते हुए मामला टाल गए। धनौरा में नहर के पास डीसीएम के धीमे होते ही कातिलों ने तेवर बदला तो वह सन्नाटे में रह गई।
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शेरगढ़ नहर पुल बना किलर प्वाइंट
शाहजहांपुर। सहेलियों के मर्डर के मामले में लाश बरामदगी के लिए गजरौला के धनौरा के पास नहर किनारे डेरा डाले सदर बाजार थाना की पुलिस को एक तथ्य काफी हैरतअंगेज लगा। उसी प्वाइंट के आसपास शिखा और खुशबू की लाशें तलाशने के क्रम में गत 23 जनवरी से अब तक नौ युवतियों की पुरानी लाशें मिलीं। सभी की उम्र 18 से 25 के बीच की पाई गईं एवं सभी की हत्या गला घोंटकर की हुई मिली है। सदर बाजार थाना के प्रभारी इंस्पेक्टर जेपी तिवारी ने आशंका जताई है कि वहां संभल वाले पेशेवर किलर उसी मुहाने पर ऐसे कांड को अंजाम दे रहे हों।
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शिखा को नाना बेटी रूप में गोद लिया था
शाहजहांपुर। प्रापर्टी और प्रेम छलावा में मौत के घाट उतारी गई बिसरात निवासी शिखा को इसके नाना सुरेश गुप्ता ने विधिक तौर पर बेटी के रूप में गोद लिया था। दस्तावेजों में शिखा के पिता के तौर पर नाना का नाम ही अंकित होने की पुलिस जांच में पुष्टि हुई है।
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