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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Shahjahanpur News ›   Kalra was the murder of a property dealer friend

दोस्त ने की थी प्रापर्टी डीलर कालरा की हत्या

Fri, 10 Jun 2016 08:56 PM IST
ब्यूरो /शाहजहांपुर
ब्यूरो /शाहजहांपुर Updated Fri, 10 Jun 2016 08:56 PM IST
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 सदर बाजार थाना क्षेत्र की रामनगर कॉलोनी के प्रापर्टी डीलर हरपाल कालरा उर्फ बबलू की हत्या का खुलासा शुक्रवार को पुलिस ने कर दिया। पुलिस के मुताबिक प्रापर्टी डीलर कालरा की हत्या उसके ही दोस्त ने अपने एक साथी की मदद से की थी। घटना के पीछे रुपयों के लेनदेन का विवाद बताया जाता है। कालरा के सिर पर हथौड़ा से ताबड़तोड़ बार करके की गई थी। पुलिस ने दोनों हत्यारोपियों गिरफ्तार भी कर लिया है। उनकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त हथौड़ा, कालरा का पर्स, मोबाइल, पैनकार्ड, आधार कार्ड बरामद हुआ है। पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया। वहीं आरोपियों के परिवारीजनों ने शुक्रवार को एसपी कार्यालय में जमकर हंगामा किया। उनका आरोप है कि पुलिस ने दोनों को गलत फंसा रही है। एसपी कार्यालय में हुई प्रेसवार्ता में एसपी डॉ. मनोज कुमार ने बताया कि मृतक हरपाल कालरा प्रापर्टी और ब्याज का काम करते थे। उनके घर के सामने रहने वाले दोस्त अमित मुद्गल ने कालरा से चार लाख रुपये ब्याज पर लिए । साथ ही अपने माध्यम से मार्केट में छह लाख रुपये उधार दिलवा रखे थे। वहीं थाना आरसी मिशन क्षेत्र के गांव रौसरकोठी निवासी राजन शर्मा ने भी कालरा से 50 हजार रुपये ब्याज पर ले रखे थे। अमित और राजन कालरा के रुपये लौटाना नहीं चाहते थे। इसको लेकर उनकी कालरा से अक्सर नोंकझोंक होती थी। कालरा बीच बाजार दोनों से रुपये का तगादा कर देते थे, जिससे इनको बेइज्जती महसूस होती थी। इससे बचने के लिए अमित और राजन ने मिलकर कालरा को हमेशा के लिए रास्ते से हटाने की योजना बना ली। हत्या करने से दो दिन पहले एनटीआई स्कूल के पास दोनों ने हथौड़ा छुपाकर रख दिया था। घटना के दिन अमित ने रात करीब साढ़े आठ बजे अपने मोबाइल की कॉल किसी दूसरे मोबाइल पर डायवर्ट कर दी थी। उस दिन राजन ने शाम 7.44 बजे अपना मोबाइल बंद कर दिया था। उस रात कालरा का मोबाइल करीब 8.48 बजे बंद हो गया था। इससे पहले अमित और राजन अपने मोबाइल से रात में 12 बजे तक बात करते रहते थे। मोबाइल कॉल डिटेल में यह बात सामने आने के बाद पुलिस को उन पर शक हो गया। पुलिस ने अमित और राजन को पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया। पूछताछ में दोनों ने कालरा की हत्या करने की बात कबूल भी कर ली। अमित और राजन ने रुपये देने का बहाना करके कालरा को घर से बुलाया। दोनों ने मिलकर एक होटल और कार में कालरा को जमकर शराब पिलाई। इस दौरान ज्यादा नशा होने पर कालरा को ड्राइविंग सीट से हटाकर साइड वाली पर बैठा दिया और अमित कार चलाने लगा। तभी कालरा के सिर पर राजन ने हथौड़ा से ताबड़तोड़ कई बार किए, जिससे उसकी मौत हो गई। इसके बाद दोनों ने हत्या को हादसा दर्शाने के लिए कालरा को ड्राइविंग सीट पर बैठाकर कार को पेड़ से टकरा दिया। कार के बोनट पर डंडे से प्रहार किए और हैड लाइट तोड़ दी और फिर दोनों पैदल चले गए। 
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कालरा और अमित में थी गहरी दोस्ती 
अमित और कालरा के घर आमने-सामने हैं। इससे दोनों के बीच बचपन से अच्छी दोस्ती थी। दोनों का एक-दूसरे के घर आना-जाना था। दोनों अक्सर शहर से बाहर एक साथ जाया करते थे। इस घटना से एक-डेढ़ महीने कालरा बरेली से कार ले गए थे। उनके साथ अमित भी गया था। 27 मई को दोनों उसी कार से बरेली स्थित फनसिटी घूमने गए थे। दोनों एक साथ खाते -पीते भी थे। अमित के कहने पर कालरा ने करीब छह लाख रुपये मार्केट में बांट दिए थे। कालरा अपने दोस्त अमित पर बहुत विश्वास करता था। 
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अंतिम संस्कार में भी शामिल हुआ अमित 
किसी को शक न हो यह सोचकर शातिर दिमाग अमित हत्या करने के बाद कालरा के परिवार वालों के साथ घटनास्थल पर भी गया था। वह पोस्टमार्टम हाउस पर भी मौजूद रहने के साथ ही कालरा के अंतिम संस्कार में भी शामिल हुआ था। 
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हत्या को हादसा करार देने की योजना राजन ने बनाई
राजन मुंबई में असिस्टेंट डायरेक्टर के तौर पर काम कर रहा था। वह कई टीवी सीरियल में असिस्टेंट डायरेक्टर के तौर पर काम भी कर चुका है। उसी ने हत्या करने के बाद इसे हादसा दर्शाने का आइडिया दिया था, जो फेल हो गया। 


आरोपियों के परिवारीजनों ने किया एसपी कार्यालय में हंगामा 
एसपी की प्रेसवार्ता के बाद पुलिस आरोपियों को कोर्ट में पेश करने ले जा रही थी। तभी आरोपी अमित की मां मीनू और राजन की मां नीलम शर्मा ने एसपी कार्यालय के बाहर हंगामा शुरू कर दिया। दोनों ने अमित व राजन को लेकर जा रही पुलिस की गाड़ी रोकने का भी प्रयास किया। इससे करीब आधा घंटे तक एसपी कार्यालय के बाहर हाईबोल्टेज ड्रामा हुआ। दोनों ने आरोप लगाया कि पुलिस उनके बेटों को गलत फंसाया है। पुलिस ने पिटाई करके दोनों ने जुर्म कबूल करा लिया। आरोप है कि एसओ रजि अहमद ने दोनों को छोड़ने के लिए रुपये मांगे थे। अमित की मां का कहना है कि उससे 10 लाख रुपये मांगे गए। जबकि नीलम का कहना है कि उससे ढाई लाख रुपये मांगे थे। रुपये न मिलने पर पुलिस ने उनसे एक कागज पर जबरन हस्ताक्षर करा लिए। उन्होंने मामले में सीबीआई जांच की मांग की है।
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