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जुलुसे मोहम्मदी में सूझबूझ से टला बड़ा बवाल
अमर उजाला ब्यूरो शाहजहांपुर।
Updated Mon, 12 Dec 2016 11:00 PM IST
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जुलूस-
- फोटो : अमर उजाला
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चौक में नए रूट से जायरीन के जत्थे के गुजरने पर हुआ विरोध
दो समुदाय के लोग हुए आमने-सामने, कई बार टकराव की स्थिति
पुलिस प्रशासन व प्रमुख लोगों ने लोगों को समझाया कर किया शांत
सोमवार की सुबह जुलूस-ए-मोहम्मदी में शामिल होने जा रहे जायरीन के जत्थे के नए रूट से गुजरने पर दूसरे पक्ष के लोगों ने आपत्ति की, जिस पर स्थिति तनावपूर्ण हो गई। सुबह करीब साढ़े छह बजे से ग्यारह बजे तक कई बार टकराव की स्थिति बनी। लेकिन पुलिस की सूझबूझ से मामला सुलझ गया। डीएम, एसपी, एसपी सिटी और अन्य अधिकारी भारी फोर्स लेकर मौके पर जमे रहे। बाद में जुलूस एवं जायरीन के जत्थे पुराने तय रूटों से ही गुजरे।
सोमवार सुबह प्रतिबंधित रूट होने के चलते चार खंबा मोड़ पर चौक की ओर जाने वाले मार्ग पर बैरीकेडिंग कर दी गई थी। सुबह करीब साढ़े छह बजे जायरीन का एक जत्था ट्रालियों, बाइकों आदि से हाथों में हरे झंडे लिए हुए नारे लगाते हुए पहुंचा और बैरीकेडिंग हटा दी गई। यह जत्था चौक होते हुए कच्चा कटरा मोड़, मालखाना मोड़ होकर बेरी चौकी को न जाकर शेरों वाले मंदिर होते हुए घंटाघर की ओर बढ़ा तो सभासद दिवाकर मिश्रा और एडवोकेट दीपू गुप्ता की अगुवाई में लोगों ने नई परंपरा डाले जाने का विरोध कर दिया। उसी पर दोनों पक्ष आमने-सामने हो गए। आपत्ति करने वाले पक्ष का कहना था कि चार खंबा से चौक होते हुए कच्चा कटरा मोड़ तक बारावफात के जायरीन का जत्था पहले कभी नहीं गुजरा और सोमवार को नई परंपरा डाली गई। लोग सीधे जाने को अड़े। सूचना पाकर डीएम राम गणेश, एसपी केबी सिंह, एसपी सिटी अष्टभुजा प्रसाद सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट विजय शंकर दूबे, सीओ सिटी अवनीश्वर चंद्र श्रीवास्तव आदि अतिरिक्त फोर्स लेकर मौके पर पहुंचे। आपस में टकराने पर आमादा दोनों पक्षों के लोगों को अलग किया और विवाद की असल वजह जानी। इतने में जायरीनों का एक छोटा जत्था घंटाघर को चला गया लेकिन बाकी को पुलिस ने नई परंपरा न डालने का अनुरोध करते हुए पुराने रूट गुजरवाया तब मामला सुलझा।
उसके बाद स्टेशन रोड से घंटाघर को आ रहे जुलूस में शामिल होने के बाद जायरीन का जत्था अपने गंतव्यों को रवाना होने के क्रम में घंटाघर से सीधे मालखाना मोड़ और कच्चा कटरा की ओर बढ़ा तो दूसरे पक्ष ने फिर आपत्ति की एक बार नई परंपरा पड़ने से रुकवाने के बाद फिर से वही होने दिया जा रहा है। तत्काल एसपी और डीएम ने हस्तक्षेप कर दोनों पक्षों से अलग-अलग वार्ता की और मालखाना मोड़ से पहले ही अंबा टाकीज वाली गली से होकर जायरीनों व अन्य को गुजरवाया तब जाकर हालात काबू हुए। इस बीच एक और जगह पर विवाद होने की नौबत आई लेकिन समय रहते पुलिस ने उसे संभाल लिाय। मालखाना मोड़ पर तनाव को लेकर पूरे शहर में अफवाहें फैलती रहीं। लेकिन दोनों ओर के प्रभावशाली लोगों ने माहौल बिगड़ने नहीं दिया। दोपहर तक जुलूस समाप्त हो गया। अंजान पुलिस चौकी के पीछे जुलूस एक जलसे में तब्दील हो गया जहां कौम की तरक्की के लिए दुआ की गई।
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दो समुदाय के लोग हुए आमने-सामने, कई बार टकराव की स्थिति
पुलिस प्रशासन व प्रमुख लोगों ने लोगों को समझाया कर किया शांत
सोमवार की सुबह जुलूस-ए-मोहम्मदी में शामिल होने जा रहे जायरीन के जत्थे के नए रूट से गुजरने पर दूसरे पक्ष के लोगों ने आपत्ति की, जिस पर स्थिति तनावपूर्ण हो गई। सुबह करीब साढ़े छह बजे से ग्यारह बजे तक कई बार टकराव की स्थिति बनी। लेकिन पुलिस की सूझबूझ से मामला सुलझ गया। डीएम, एसपी, एसपी सिटी और अन्य अधिकारी भारी फोर्स लेकर मौके पर जमे रहे। बाद में जुलूस एवं जायरीन के जत्थे पुराने तय रूटों से ही गुजरे।
सोमवार सुबह प्रतिबंधित रूट होने के चलते चार खंबा मोड़ पर चौक की ओर जाने वाले मार्ग पर बैरीकेडिंग कर दी गई थी। सुबह करीब साढ़े छह बजे जायरीन का एक जत्था ट्रालियों, बाइकों आदि से हाथों में हरे झंडे लिए हुए नारे लगाते हुए पहुंचा और बैरीकेडिंग हटा दी गई। यह जत्था चौक होते हुए कच्चा कटरा मोड़, मालखाना मोड़ होकर बेरी चौकी को न जाकर शेरों वाले मंदिर होते हुए घंटाघर की ओर बढ़ा तो सभासद दिवाकर मिश्रा और एडवोकेट दीपू गुप्ता की अगुवाई में लोगों ने नई परंपरा डाले जाने का विरोध कर दिया। उसी पर दोनों पक्ष आमने-सामने हो गए। आपत्ति करने वाले पक्ष का कहना था कि चार खंबा से चौक होते हुए कच्चा कटरा मोड़ तक बारावफात के जायरीन का जत्था पहले कभी नहीं गुजरा और सोमवार को नई परंपरा डाली गई। लोग सीधे जाने को अड़े। सूचना पाकर डीएम राम गणेश, एसपी केबी सिंह, एसपी सिटी अष्टभुजा प्रसाद सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट विजय शंकर दूबे, सीओ सिटी अवनीश्वर चंद्र श्रीवास्तव आदि अतिरिक्त फोर्स लेकर मौके पर पहुंचे। आपस में टकराने पर आमादा दोनों पक्षों के लोगों को अलग किया और विवाद की असल वजह जानी। इतने में जायरीनों का एक छोटा जत्था घंटाघर को चला गया लेकिन बाकी को पुलिस ने नई परंपरा न डालने का अनुरोध करते हुए पुराने रूट गुजरवाया तब मामला सुलझा।
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उसके बाद स्टेशन रोड से घंटाघर को आ रहे जुलूस में शामिल होने के बाद जायरीन का जत्था अपने गंतव्यों को रवाना होने के क्रम में घंटाघर से सीधे मालखाना मोड़ और कच्चा कटरा की ओर बढ़ा तो दूसरे पक्ष ने फिर आपत्ति की एक बार नई परंपरा पड़ने से रुकवाने के बाद फिर से वही होने दिया जा रहा है। तत्काल एसपी और डीएम ने हस्तक्षेप कर दोनों पक्षों से अलग-अलग वार्ता की और मालखाना मोड़ से पहले ही अंबा टाकीज वाली गली से होकर जायरीनों व अन्य को गुजरवाया तब जाकर हालात काबू हुए। इस बीच एक और जगह पर विवाद होने की नौबत आई लेकिन समय रहते पुलिस ने उसे संभाल लिाय। मालखाना मोड़ पर तनाव को लेकर पूरे शहर में अफवाहें फैलती रहीं। लेकिन दोनों ओर के प्रभावशाली लोगों ने माहौल बिगड़ने नहीं दिया। दोपहर तक जुलूस समाप्त हो गया। अंजान पुलिस चौकी के पीछे जुलूस एक जलसे में तब्दील हो गया जहां कौम की तरक्की के लिए दुआ की गई।
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