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दो भाइयों के कत्ल में पिता-पुत्र को उम्रकैद
अमर उजाला ब्यूरो शाहजहांपुर।
Updated Wed, 08 Mar 2017 11:38 PM IST
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जेल में भिड़े कैदी
- फोटो : Demo Pic
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2008 में हुई थी रामपाल व प्रेमपाल की हत्या
- एक लाख एक हजार-एक लाख एक हजार रुपये जुर्माना भी
- षष्टम अपर सत्र न्यायाधीश ने सुनाई सजा
वर्ष 2008 में निगोही क्षेत्र के गांव रधौला में हुए चर्चित दोहरे हत्याकांड के मामले में बुधवार को सुनवाई पूरी करते हुए षष्टम अपर सत्र न्यायाधीश फराह मतलूब ने आरोपी (पिता-पुत्र) को दोषी सिद्ध अभियुक्त करार देते हुए उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही उन पर एक लाख एक हजार-एक लाख एक हजार रुपये जुर्माना लगाया। जुर्माने की कुल धनराशि में से 50-50 हजार रुपये मृतकों (रामपाल व प्रेमपाल) के वारिस को बतौर क्षतिपूर्ति दिलाए जाने का आदेश दिया है। आरोपी भगवान सिंह की मौत दौरान-ए-मुकदमा हो गई थी।
घटना 22 मार्च 2008 को हुई। इसी शाम साढ़े छह बजे जब वादिनी रामादेवी के पति रामपाल (मृतक) अपने चाचा जगन्नाथ सिंह के खेत में बटाई पर बोए गन्ने की पर्ची का भुगतान हुए रुपये में अपने हिस्से के रुपये मांगने उनके दरवाजे पर गए थे। रुपयों के हिसाब में कहासुनी पर भगवान सिंह के उकसाने पर आरोपी अज्जू उर्फ अजय कुमार ने उसके पति को तमंचे से गोली मारी, जिससे वह छटपटाने लगा। उसका देवर प्रेमपाल अज्जू को पकड़ने के लिए जैसे घर के अंदर घुसा तभी अज्जू के पिता जगन्नाथ सिंह ने तीन फायर किए जो प्रेमपाल के लगे, जिससे वह भी गिरकर तड़पने लगा। फायरिंग से पड़ोसी सुधीर सिंह के भी चोटें आईं। इस घटना से वहां पर भय व आतंक हो गया। वादिनी रामादेवी घायल पति और देवर को रिश्तेदारों व गांव वालों की मदद से ट्रैक्टर ट्राली से थाने आ रही थी, तभी रास्ते में दोनों घायलों की मौत हो गई। वादिनी द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर भगवान सिंह, अज्जू उर्फ अजय कुमार तथा जगन्नाथ सिंह के विरुद्ध धारा 324, 302, 501 भादसं के अंतर्गत एफआईआर दर्ज की गई।
पीड़ित पक्ष की ओर से सरकारी वकील मनफूल सिंह वर्मा ने 13 गवाहों के बयान कराए और आरोपी के अपराध संबंधी अपने तर्क प्रस्तुत किए। बुधवार को गवाहों के बयान, बचाव पक्ष के तर्कों को सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश ने अज्जू उर्फ अजय कुमार तथा जगन्नाथ सिंह को उम्रकैद की सजा सुनाई।
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- एक लाख एक हजार-एक लाख एक हजार रुपये जुर्माना भी
- षष्टम अपर सत्र न्यायाधीश ने सुनाई सजा
वर्ष 2008 में निगोही क्षेत्र के गांव रधौला में हुए चर्चित दोहरे हत्याकांड के मामले में बुधवार को सुनवाई पूरी करते हुए षष्टम अपर सत्र न्यायाधीश फराह मतलूब ने आरोपी (पिता-पुत्र) को दोषी सिद्ध अभियुक्त करार देते हुए उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही उन पर एक लाख एक हजार-एक लाख एक हजार रुपये जुर्माना लगाया। जुर्माने की कुल धनराशि में से 50-50 हजार रुपये मृतकों (रामपाल व प्रेमपाल) के वारिस को बतौर क्षतिपूर्ति दिलाए जाने का आदेश दिया है। आरोपी भगवान सिंह की मौत दौरान-ए-मुकदमा हो गई थी।
घटना 22 मार्च 2008 को हुई। इसी शाम साढ़े छह बजे जब वादिनी रामादेवी के पति रामपाल (मृतक) अपने चाचा जगन्नाथ सिंह के खेत में बटाई पर बोए गन्ने की पर्ची का भुगतान हुए रुपये में अपने हिस्से के रुपये मांगने उनके दरवाजे पर गए थे। रुपयों के हिसाब में कहासुनी पर भगवान सिंह के उकसाने पर आरोपी अज्जू उर्फ अजय कुमार ने उसके पति को तमंचे से गोली मारी, जिससे वह छटपटाने लगा। उसका देवर प्रेमपाल अज्जू को पकड़ने के लिए जैसे घर के अंदर घुसा तभी अज्जू के पिता जगन्नाथ सिंह ने तीन फायर किए जो प्रेमपाल के लगे, जिससे वह भी गिरकर तड़पने लगा। फायरिंग से पड़ोसी सुधीर सिंह के भी चोटें आईं। इस घटना से वहां पर भय व आतंक हो गया। वादिनी रामादेवी घायल पति और देवर को रिश्तेदारों व गांव वालों की मदद से ट्रैक्टर ट्राली से थाने आ रही थी, तभी रास्ते में दोनों घायलों की मौत हो गई। वादिनी द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर भगवान सिंह, अज्जू उर्फ अजय कुमार तथा जगन्नाथ सिंह के विरुद्ध धारा 324, 302, 501 भादसं के अंतर्गत एफआईआर दर्ज की गई।
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पीड़ित पक्ष की ओर से सरकारी वकील मनफूल सिंह वर्मा ने 13 गवाहों के बयान कराए और आरोपी के अपराध संबंधी अपने तर्क प्रस्तुत किए। बुधवार को गवाहों के बयान, बचाव पक्ष के तर्कों को सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश ने अज्जू उर्फ अजय कुमार तथा जगन्नाथ सिंह को उम्रकैद की सजा सुनाई।
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