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किसान ने दी बाघ होने की सूचना, वनकर्मियों ने सूचना को बताया फर्जी
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,शाहजहांपुर
Updated Thu, 17 May 2018 06:33 PM IST
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एक फार्मर ने मंगलवार रात बाघ होने की सूचना वनकर्मियों को दी, लेकिन टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच के बाद सूचना को फर्जी करार दे दिया।
गांव कुइयां महोलिया के सुखविंदर सिंह ने मंगलवार रात 11 बजे वन विभाग की टीम को सूचना दी कि उसके घर के पास बाघ घूम रहा है। उसने वनकर्मियों से मौके पर आकर बाघ को खदेड़े जाने की मांग की। सूचना पाकर वन रक्षक सत्यपाल सिंह टीम के साथ मौके पर पहुंचे और जांच की और सुखविंदर सिंह की सूचना को गलत करार दे दिया। सत्यपाल सिंह ने बताया डर के कारण लोग अब बाघ होने की अफवाह फैलाने लगे हैं। सुखविंदर सिंह की सूचना पर आसपास के क्षेत्र में रात में ही कांबिग की गई और पगचिह्न तलाश किए गए, लेकिन कहीं भी पगचिह्न तक नहीं मिल सके।
रेंजर रणवीर मिश्रा ने कहा कि लोग संयम से काम लें और वनकर्मियों को झूठी सूचना ने दें। उन्होंने कहा कि खन्नौत नदी के किनारे और शारदा नहर के झाबर के पास अकेले जाने से बचें। नहर पटरी पर भी एक से अधिक लोग निकले और आपस में बात करते रहें।
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गांव कुइयां महोलिया के सुखविंदर सिंह ने मंगलवार रात 11 बजे वन विभाग की टीम को सूचना दी कि उसके घर के पास बाघ घूम रहा है। उसने वनकर्मियों से मौके पर आकर बाघ को खदेड़े जाने की मांग की। सूचना पाकर वन रक्षक सत्यपाल सिंह टीम के साथ मौके पर पहुंचे और जांच की और सुखविंदर सिंह की सूचना को गलत करार दे दिया। सत्यपाल सिंह ने बताया डर के कारण लोग अब बाघ होने की अफवाह फैलाने लगे हैं। सुखविंदर सिंह की सूचना पर आसपास के क्षेत्र में रात में ही कांबिग की गई और पगचिह्न तलाश किए गए, लेकिन कहीं भी पगचिह्न तक नहीं मिल सके।
रेंजर रणवीर मिश्रा ने कहा कि लोग संयम से काम लें और वनकर्मियों को झूठी सूचना ने दें। उन्होंने कहा कि खन्नौत नदी के किनारे और शारदा नहर के झाबर के पास अकेले जाने से बचें। नहर पटरी पर भी एक से अधिक लोग निकले और आपस में बात करते रहें।
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