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पूर्व प्रधान की हत्या में मौजूदा प्रधान समेत सात नामजद
मिर्जापुर, शाहजहांपुर
Updated Thu, 07 May 2015 11:41 PM IST
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क्षेत्र के ढाईगांव में सरेआम हुई पूर्व प्रधान द्वारिका सिंह यादव की हत्या में ग्राम पंचायत पृथ्वीपुर-ढाई के प्रधान रामनाथ समेत सात लोगों के विरुद्ध मृतक के भतीजे रूमसिंह यादव ने नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई है।
बता दें कि बुधवार को दिन में करीब चार बजे पूर्व प्रधान द्वारिका सिंह अपने ढाईगांव स्थित अस्थाई आवास से बाइक से गांव चक जा रहे थे। अभी वह ढाईगांव में बड़ौदा उप्र ग्रामीण बैंक के सामने ही पहुंचे थे कि पहले से ही घात लगाए हमलावरों ने ताबड़तोड़ गोलियां चलाकर उनकी हत्या कर दी। हमलावर उनकी लाइसेंसी रायफल भी लूट ले गए।
इस मामले मे बुधवार देर रात मृतक के भतीजे ग्राम चक निवासी रूम सिंह यादव ने ग्राम पंचायत के वर्तमान प्रधान ग्राम पृथ्वीपुर निवासी रामनाथ, रामनिवास यादव, लेखराज,आमोद कुमार उर्फ पिक्कीबाबू पुत्रगण हीरा सिंह, सिंकू व रिंकू पुत्रगण लेखराज तथा पंकज पुत्र रामनिवास निवासी ग्राम पृथ्वीपुर के विरूद्ध दर्ज करवाई है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज होने के बाद रात में ही शव का पंचनामा तैयार कर पीएम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया था।
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रूम सिंह यादव ने पुलिस को दी तहरीर में बताया था कि 25 अक्टूबर 2012 मे सहकारिता के चुनाव के दौरान मारे गए गांव पृथ्वीपुर निवासी कश्मीर यादव के भाई आमोद कुमार उर्फ पिक्की बाबू ने द्वारिका सिंह, उनके बेटे सत्येंद्र सिंह और भाई वीरपाल सिंह के विरूद्ध रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। एक सप्ताह पहले कश्मीर के भाई आमोद कुमार उर्फ पिक्की बाबू ने द्वारिका सिंह को धमकी दी थी कि वह अपने भाई कश्मीर की हत्या का बदला लेंगे और जेल भी नहीं जायेंगे। पिक्की ने ही षडयंत्र के तहत द्वारिका की हत्या प्रधान रामनाथ और अपने भाई-भतीजों के साथ मिलकर की है। चर्चा यह है कि पिक्की बाबू घटना से तीन दिन पहले आर्म्स एक्ट के तहत हरदोई जेल में है।
पैरोल पर बेटे के नहीं छूटने से
नहीं हुआ अंतिम संस्कार
द्वारिका सिंह यादव का बृहस्पतिवार को पोस्टमार्टम तो हो गया, लेकिन देर शाम तक शव घर नहीं पहुंच सका था। परिवार वाले कश्मीर की हत्या के आरोप में जेल में बंद द्वारिका के इकलौते बेटे सतेंद्र को अंतिम दर्शन और चिता को मुखागिभन देने के लिए पैरोल पर लाने की कार्रवाई में लगे हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार थाना पुलिस ने सत्येंद्र यादव की पैरोल की संस्तुति भी कर दी है।
द्वारिका ने हमेशा झगड़ा बचाने का प्रयास किया
पूर्व प्रधान द्वारिका सिंह की हत्या के बाद वृद्ध पिता पूरन सिंह यादव, पत्नी रामदेवी और मंजू का रो-रोकर बुरा हाल है। द्वारिका सिंह के कंधों पर इकलौते पुत्र सत्येंद्र की जमानत करवाने और सयानी हो चुकी बेटी मंजू के हाथ पीले करने की अहम जिम्मेदारी थी। चुनावी रंजिश में मारे गए कश्मीर यादव की हत्या मे नामजद होने के बाद जैसे-तैसे उन्हाेंने अपनी और अपने भाई वीरपाल की जमानत तो करवा ली थी, लेकिन सतेंद्र की वेल हाईकोर्ट से भी खारिज हो जाने से काफी परेशान थे। स्वभाव से शांत रहने वाले द्वारिका सिंह हमेशा झगड़ा फसाद से दूर रहते थे, लेकिन होनी को कौन टाल सकता है। चुनावी रंजिश में कश्मीर यादव की हत्या में भाई और पुत्र समेत नामजद हो जाने के बाद भी उन्हाेंने अपने लोगों को विवाद आगे न बढ़ाने के लिए सदैव रोका।
ट्रायल केस में पैरोल का प्रावधान नहीं
कानून के जानकारों का कहना है कि नियमानुसार न्यायालय से दोष सिद्ध सजा काट रहे अपराधियों को ही पैरोल मिल सकता है। सत्येंद्र के विरूद्ध हत्या का मुकदमा ट्रायल में है। ट्रायल के समय जेल में निरुद्ध आरोपी को पैरोल दिए जाने का कोई प्रावधान नहीं है। दोष सिद्ध अपराधी को ही पैरोल देने का अधिकार न्यायालय सीजेएम को है।
विधायक राजेश मिले परिवार वालों से
कटरा विधायक राजेश यादव बृहस्पतिवार को पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। उन्होंने द्वारिका के परिवार वालों को सांत्वाना दी। उन्होंने घटना के बारे में पूरी जानकारी ली। उन्होंने मृतक के परिवार वालों को भरोसा दिलाया कि आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार किया जाएगा।
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बता दें कि बुधवार को दिन में करीब चार बजे पूर्व प्रधान द्वारिका सिंह अपने ढाईगांव स्थित अस्थाई आवास से बाइक से गांव चक जा रहे थे। अभी वह ढाईगांव में बड़ौदा उप्र ग्रामीण बैंक के सामने ही पहुंचे थे कि पहले से ही घात लगाए हमलावरों ने ताबड़तोड़ गोलियां चलाकर उनकी हत्या कर दी। हमलावर उनकी लाइसेंसी रायफल भी लूट ले गए।
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इस मामले मे बुधवार देर रात मृतक के भतीजे ग्राम चक निवासी रूम सिंह यादव ने ग्राम पंचायत के वर्तमान प्रधान ग्राम पृथ्वीपुर निवासी रामनाथ, रामनिवास यादव, लेखराज,आमोद कुमार उर्फ पिक्कीबाबू पुत्रगण हीरा सिंह, सिंकू व रिंकू पुत्रगण लेखराज तथा पंकज पुत्र रामनिवास निवासी ग्राम पृथ्वीपुर के विरूद्ध दर्ज करवाई है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज होने के बाद रात में ही शव का पंचनामा तैयार कर पीएम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया था।
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रूम सिंह यादव ने पुलिस को दी तहरीर में बताया था कि 25 अक्टूबर 2012 मे सहकारिता के चुनाव के दौरान मारे गए गांव पृथ्वीपुर निवासी कश्मीर यादव के भाई आमोद कुमार उर्फ पिक्की बाबू ने द्वारिका सिंह, उनके बेटे सत्येंद्र सिंह और भाई वीरपाल सिंह के विरूद्ध रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। एक सप्ताह पहले कश्मीर के भाई आमोद कुमार उर्फ पिक्की बाबू ने द्वारिका सिंह को धमकी दी थी कि वह अपने भाई कश्मीर की हत्या का बदला लेंगे और जेल भी नहीं जायेंगे। पिक्की ने ही षडयंत्र के तहत द्वारिका की हत्या प्रधान रामनाथ और अपने भाई-भतीजों के साथ मिलकर की है। चर्चा यह है कि पिक्की बाबू घटना से तीन दिन पहले आर्म्स एक्ट के तहत हरदोई जेल में है।
पैरोल पर बेटे के नहीं छूटने से
नहीं हुआ अंतिम संस्कार
द्वारिका सिंह यादव का बृहस्पतिवार को पोस्टमार्टम तो हो गया, लेकिन देर शाम तक शव घर नहीं पहुंच सका था। परिवार वाले कश्मीर की हत्या के आरोप में जेल में बंद द्वारिका के इकलौते बेटे सतेंद्र को अंतिम दर्शन और चिता को मुखागिभन देने के लिए पैरोल पर लाने की कार्रवाई में लगे हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार थाना पुलिस ने सत्येंद्र यादव की पैरोल की संस्तुति भी कर दी है।
द्वारिका ने हमेशा झगड़ा बचाने का प्रयास किया
पूर्व प्रधान द्वारिका सिंह की हत्या के बाद वृद्ध पिता पूरन सिंह यादव, पत्नी रामदेवी और मंजू का रो-रोकर बुरा हाल है। द्वारिका सिंह के कंधों पर इकलौते पुत्र सत्येंद्र की जमानत करवाने और सयानी हो चुकी बेटी मंजू के हाथ पीले करने की अहम जिम्मेदारी थी। चुनावी रंजिश में मारे गए कश्मीर यादव की हत्या मे नामजद होने के बाद जैसे-तैसे उन्हाेंने अपनी और अपने भाई वीरपाल की जमानत तो करवा ली थी, लेकिन सतेंद्र की वेल हाईकोर्ट से भी खारिज हो जाने से काफी परेशान थे। स्वभाव से शांत रहने वाले द्वारिका सिंह हमेशा झगड़ा फसाद से दूर रहते थे, लेकिन होनी को कौन टाल सकता है। चुनावी रंजिश में कश्मीर यादव की हत्या में भाई और पुत्र समेत नामजद हो जाने के बाद भी उन्हाेंने अपने लोगों को विवाद आगे न बढ़ाने के लिए सदैव रोका।
ट्रायल केस में पैरोल का प्रावधान नहीं
कानून के जानकारों का कहना है कि नियमानुसार न्यायालय से दोष सिद्ध सजा काट रहे अपराधियों को ही पैरोल मिल सकता है। सत्येंद्र के विरूद्ध हत्या का मुकदमा ट्रायल में है। ट्रायल के समय जेल में निरुद्ध आरोपी को पैरोल दिए जाने का कोई प्रावधान नहीं है। दोष सिद्ध अपराधी को ही पैरोल देने का अधिकार न्यायालय सीजेएम को है।
विधायक राजेश मिले परिवार वालों से
कटरा विधायक राजेश यादव बृहस्पतिवार को पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। उन्होंने द्वारिका के परिवार वालों को सांत्वाना दी। उन्होंने घटना के बारे में पूरी जानकारी ली। उन्होंने मृतक के परिवार वालों को भरोसा दिलाया कि आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार किया जाएगा।