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मृतकों के आश्रितों को आर्थिक सहायता दिलाएगा प्रशासन
शाहजहांपुर
Updated Thu, 22 Oct 2015 11:26 PM IST
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नेशनल हाईवे पर चक भिटारा के पास रिलायंस पॉवर ग्रिड के सामने बुधवार शाम टैंकर-पिकअप भिड़ंत में जान गंवाने वाले मृतकों के आश्रितों को जिला प्रशासन ने शासन से विभिन्न मदों और योजनाओं के अंतर्गत आर्थिक सहायता दिलाने का निर्णय किया है। दो मृतकों को किसान के तौर पर पहचाने जाने के बाद उनके आश्रितों को किसान दुर्घटना बीमा योजना के तहत पांच-पांच लाख रुपये का क्लेम मिलना तय है।
बता दें कि हाईवे पर हुए इस हादसे में पिकअप पर सवार चालक समेत नौ लोगों की मौत हो गई और दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। बृहस्पतिवार को सुबह पोस्टमार्टम हाउस पर आठ मृतकों की पहचान का काम पूरा कर लिया गया। मरने वालों में दो व्यक्ति लखीमपुर खीरी के, दो व्यक्ति रोजा की मठिया कालोनी के, एक व्यक्ति सेहरामऊ दक्षिणी का और एक-एक मृतक की पहचान फरीदपुर बरेली, सीतापुर और रामपुर जिला निवासी के तौर पर हुई है। एक अन्य मृतक की पहचान नहीं होने से उसका शव पोस्टमार्टम के बाद वहां की मोरचरी में रख दिया गया है।
पोस्टमार्टम हाउस पर पहुंचे सिटी मजिस्ट्रेट नरेंद्र सिंह ने मृतकों के घर वालों से संपर्क करके बताया कि दुर्घटना का शिकार बने अन्य जिलों के आश्रितों को आर्थिक सहायता दिलाने की कार्यवाही संबंधित जिले के प्रशासनिक अधिकारियों के स्तर से की जाएगी। हादसे में जान गंवाने वाले जिले के दो मृतक किसान परिवार से जुड़े होने के कारण उन्हें किसान दुर्घटना बीमा योजना के तहत पांच-पांच लाख रुपये का भुगतान कराया जाएगा। जिले के एक अन्य मृतक को मुख्यमंत्री राहत कोष से आर्थिक सहायता दिलाने का निर्णय किया गया है।
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सिटी मजिस्ट्रेट के अनुसार इस मामले में नेशनल हाईवे फोरलेन की कार्यदायी संस्था एरा इंफ्रा कांस्ट्रक्शन्स के खिलाफ प्रशासन के रिपोर्ट दर्ज कराने की कोई योजना नहीं है। मृतकों के परिवार चाहें तो रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए थाने में तहरीर दे सकते हैं। उन्होंने बताया कि दुर्घटना में यदि कोई मृतक जांच में अपने परिवार का कमाऊ मुखिया पाया गया तो उसके आश्रितों को पारिवारिक लाभ योजना के तहत 20 हजार रुपये की अतिरिक्त आर्थिक सहायता दिलाई जाएगी।
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बता दें कि हाईवे पर हुए इस हादसे में पिकअप पर सवार चालक समेत नौ लोगों की मौत हो गई और दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। बृहस्पतिवार को सुबह पोस्टमार्टम हाउस पर आठ मृतकों की पहचान का काम पूरा कर लिया गया। मरने वालों में दो व्यक्ति लखीमपुर खीरी के, दो व्यक्ति रोजा की मठिया कालोनी के, एक व्यक्ति सेहरामऊ दक्षिणी का और एक-एक मृतक की पहचान फरीदपुर बरेली, सीतापुर और रामपुर जिला निवासी के तौर पर हुई है। एक अन्य मृतक की पहचान नहीं होने से उसका शव पोस्टमार्टम के बाद वहां की मोरचरी में रख दिया गया है।
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पोस्टमार्टम हाउस पर पहुंचे सिटी मजिस्ट्रेट नरेंद्र सिंह ने मृतकों के घर वालों से संपर्क करके बताया कि दुर्घटना का शिकार बने अन्य जिलों के आश्रितों को आर्थिक सहायता दिलाने की कार्यवाही संबंधित जिले के प्रशासनिक अधिकारियों के स्तर से की जाएगी। हादसे में जान गंवाने वाले जिले के दो मृतक किसान परिवार से जुड़े होने के कारण उन्हें किसान दुर्घटना बीमा योजना के तहत पांच-पांच लाख रुपये का भुगतान कराया जाएगा। जिले के एक अन्य मृतक को मुख्यमंत्री राहत कोष से आर्थिक सहायता दिलाने का निर्णय किया गया है।
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सिटी मजिस्ट्रेट के अनुसार इस मामले में नेशनल हाईवे फोरलेन की कार्यदायी संस्था एरा इंफ्रा कांस्ट्रक्शन्स के खिलाफ प्रशासन के रिपोर्ट दर्ज कराने की कोई योजना नहीं है। मृतकों के परिवार चाहें तो रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए थाने में तहरीर दे सकते हैं। उन्होंने बताया कि दुर्घटना में यदि कोई मृतक जांच में अपने परिवार का कमाऊ मुखिया पाया गया तो उसके आश्रितों को पारिवारिक लाभ योजना के तहत 20 हजार रुपये की अतिरिक्त आर्थिक सहायता दिलाई जाएगी।