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सेंट्रो कार में ग्रामीणों ने पकड़ा पशु
तिलहर।
Updated Sat, 27 Jun 2015 11:58 PM IST
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कोतवाली के निकट गुरगवां गांव में सेंट्रों कार में प्रतिबंधित पशुओं को ठूंसकर शीशगढ़ ले जाते पशु तस्करों को ग्रामीणों ने शुक्रवार रात लगभग साढ़े आठ बजे गांव के किनारे घेर लिया। उनकी जमकर धुनाई लगाई। इसी बीच पहुंची पुलिस ने बरेली के शीशगढ़ के मोहल्ला शेखूपुरा निवासी भूरा पुत्र जमील को मय सैंट्रो कार और एक प्रतिबंधित पशु सहित अपने कब्जे में ले लिया। इस दौरान दो पशु ग्रामीणों ने भगा दिए। गांव गुरगवां निवासी वशीर और नबाब मौका पाकर भाग निकले। गुरगवां के प्रधान दयाशंकर वर्मा की तहरीर पर 379 और 411 के अंतर्गत मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने भूरा को जेल भेज दिया गया है। भागे दोनों तस्करों की तलाश कर रही है। घटनास्थल से बरामद गाय को पुलिस ने प्रधान की सुपुदर्गी में दे दिया है।
पुलिस न पहुंचती तो तस्करों की नहीं बचती जान
पुलिस को गांव में तस्करों को ग्रामीणों द्वारा घेर लिये जाने की जैसे ही सूचना मिली प्रभारी कोतवाल अनुज तिवारी फोर्स लेकर घटनास्थल पर जा पहुंचे और ग्रामीणों की पकड़ से तस्कर भूरा को मुक्त कराया। भूरा ने बताया अगर समय पर पुलिस नहीं पहुंचती तो आक्रोशित गांव वाले उसे मार डालते। इस दौरान बीच बचाव के दौरान सिपाही जानेआलम को मामूली चोट भी आई है।
एक ट्रिप का सात हजार मिलता है मेहनताना
पशु तस्कर भूरा ने बताया कि वह तिलहर से शीशगढ़ महीनें में चार-पांच चक्कर लगा लेता है। एक ट्रिप के उसे सात हजार रुपये मिलते हैं। सीट हटाकर कार में दो से तीन जानवर तक ले जाकर अच्छी कमाई कर लेता है।
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पुलिस न पहुंचती तो तस्करों की नहीं बचती जान
पुलिस को गांव में तस्करों को ग्रामीणों द्वारा घेर लिये जाने की जैसे ही सूचना मिली प्रभारी कोतवाल अनुज तिवारी फोर्स लेकर घटनास्थल पर जा पहुंचे और ग्रामीणों की पकड़ से तस्कर भूरा को मुक्त कराया। भूरा ने बताया अगर समय पर पुलिस नहीं पहुंचती तो आक्रोशित गांव वाले उसे मार डालते। इस दौरान बीच बचाव के दौरान सिपाही जानेआलम को मामूली चोट भी आई है।
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एक ट्रिप का सात हजार मिलता है मेहनताना
पशु तस्कर भूरा ने बताया कि वह तिलहर से शीशगढ़ महीनें में चार-पांच चक्कर लगा लेता है। एक ट्रिप के उसे सात हजार रुपये मिलते हैं। सीट हटाकर कार में दो से तीन जानवर तक ले जाकर अच्छी कमाई कर लेता है।
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