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बंदी की मौत के बाद लगाया जाम, हत्या का आरोप
शाहजहांपुर।
Updated Wed, 30 Sep 2015 11:03 PM IST
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जिला जेल में बंद कस्बा कांट के मोहल्ला पट्टी पूर्वी में रहने वाले 35 वर्षीय वसीम की बुधवार की सुबह अचानक हालत बिगड़ गई। जेल प्रशासन ने हालत गंभीर देखकर उसे जिला अस्पताल भिजवाया, जहां कुछ देर उपचार के बाद उसने दम तोड़ दिया। सूचना पर पहुंचे मृतक के परिवार वालों ने जिला अस्पताल में हंगामा शुरू कर दिया। जेल प्रशासन पर हत्या का आरोप लगाते हुए जिला अस्पताल के सामने सड़क पर जाम लगा दिया। पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने काफी मशक्कत के बाद जाम खुलवाया। मृतक के पिता ने जेल प्रशासन के खिलाफ हत्या की तहरीर दी है। पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के आगे की कार्रवाई की जाएगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह चोटों से होना बताई गई है।
कांट के मोहल्ला पट्टी पूर्वी में रहने वाले वार्ड नंबर चार के सदस्य जलील खां का बेटा 28 सिंतबर को कच्ची शराब की भट्टी के साथ पकड़ा गया था। पुलिस ने उसका धारा 60(2) आबकारी अधिनिया और 272 के तहत मुकदमा दर्ज करके उसे जेल भेज दिया। जेल प्रशासन के मुताबिक वसीम शराब पीने का आदी था। शराब नहीं मिलने की वजह से शरीर में कंपन होने लगा था। उसकी दिन शाम को उसको जेल के अस्पताल में भर्ती कर लिया गया। 29 सिंतबर को भी उसे जेल के अस्पताल में भर्ती रखा गया। बुधवार की सुबह उसकी करीब सात बजे उसकी हालत खराब होते देखकर जेल अस्पताल के डॉक्टर ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया। वसीम को जेल कर्मियों ने सुबह 8.35 में जिला अस्पताल लाया गया और उसने 8.45 बजे उसने दम तोड़ दिया। सूचना मिलते ही वसीम के परिवार वाले रिश्तेदारों और मोहल्ले वालों के साथ बड़ी संख्या में जिला अस्पताल पहुंच गए और जेल प्रशासन पर हत्या का आरोप लगाने लगे। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला अस्पताल में बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स पहुंच गई।
जेल प्रशासन पिटाई का आरोप लगाया जाम
वसीम के परिवार वालों ने रिश्तेदारों और मोहल्ले वालों के साथ मिलकर जिला अस्पताल सामने गेट पर जाम लगा दिया। उनका आरोप था कि वसीम की जेल में पिटाई की गई। उसके शरीर पर चोट के निशान मिले हैं। उनकी मांग थी कि जेल प्रशासन के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया जाए। करीब आधे घंटे तक जाम लगाए रखा। जमा की वजह से सड़क के दोनों तरफ वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग र्गइं। सीओ सदर अनुराग दर्शन ने किसी तरह से उनको समझा-बुझाकर जाम खुलवाया। उनकी तहरीर पर मुकदमा लिखने का आश्वासन दिया। मृतक के पिता ने जेल प्रशासन के खिलाफ तहरीर दे दी है।
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मंगलवार को मां ने की थी मिलाई
मृतक के पिता जलील खां ने बताया कि उनकी पत्नी सायराबानो और वसीम के ममेरे भाई हसनैन ने मंगलवार को वसीम से जेल में मुलाकात की थी। उन्होंने बताया कि वह उस समय ठीक था। उसने किसी तरह की परेशानी होने का कोई जिक्र नहीं किया था। वसीम ने अपनी मां से कहा था कि उसकी जल्दी से जमानत कराओ। मां ने जल्द जमानत कराने का आश्वासन दिया था।
वसीम हत्या के मामले में जा चुका है जेल
कस्बा कांट के मोहल्ला पूर्वी पट्टी में रहने वाले प्रमोद की 2013 में शराब में जहर देकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में मृतक की पत्नी सोमवती और वसीम को षडयंत्र कर हत्या करने का आरोप लगा था। इसमें वसीम ने चार महीने की जेल में काटे थे। बताते है कि सोमवती के साथ ही वसीम कच्ची का कारोबार करने लगा। इससे वसीम के परिवार वाले चिड़ते थे। 27 सिंतबर को पुलिस ने छापामारी में वसीम के साथ सोमवती को पकड़ा था, लेकिन पुलिस ने उसे छोड़ दिया था और वसीम का चालान कर दिया था।
28 सितंबर की शाम को वसीम को जेल में दाखिल किया गया था। उसकी जेल में आने के बाद ही तबीयत खराब हो गई थी। शराब नहीं मिलने की वजह से उसका शरीर कांप रहा था। उसकी हालत देखकर उसे जेल अस्पताल में भर्ती कर लिया गया। दूसरे दिन भी वह अस्पताल में भर्ती रहा। शराब नहीं मिलने की वजह से वह बार-बार चीख रहा था। बुधवार की सुबह जेल खुलने पर उसकी हालत खराब हो गई। जेल के डॉक्टरों ने उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया, जहां उसकी मौत हो गई। पिटाई आरोप बेबुनियाद है। आखिर एक दिन पहले आने वाले बंदी की पिटाई क्यों की जाएगी।
- बृजेंद्र सिंह यादव, जेल अधीक्षक
बंदी वसीम की जेल में तबीयत खराब होने पर उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। मामले में मजिस्ट्रेटी जांच की जाएगी।
- राजेश कुमार, एसपी सिटी
जेल कस्टडी में बंदी की मौत होने के मामले की न्यायिक जांच कराए जाने का प्रावधान है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर जिला जज किसी न्यायिक अधिकारी से इस प्रकरण की जांच कराने को अधिकृत हैं।
- नरेंद्र सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट
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कांट के मोहल्ला पट्टी पूर्वी में रहने वाले वार्ड नंबर चार के सदस्य जलील खां का बेटा 28 सिंतबर को कच्ची शराब की भट्टी के साथ पकड़ा गया था। पुलिस ने उसका धारा 60(2) आबकारी अधिनिया और 272 के तहत मुकदमा दर्ज करके उसे जेल भेज दिया। जेल प्रशासन के मुताबिक वसीम शराब पीने का आदी था। शराब नहीं मिलने की वजह से शरीर में कंपन होने लगा था। उसकी दिन शाम को उसको जेल के अस्पताल में भर्ती कर लिया गया। 29 सिंतबर को भी उसे जेल के अस्पताल में भर्ती रखा गया। बुधवार की सुबह उसकी करीब सात बजे उसकी हालत खराब होते देखकर जेल अस्पताल के डॉक्टर ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया। वसीम को जेल कर्मियों ने सुबह 8.35 में जिला अस्पताल लाया गया और उसने 8.45 बजे उसने दम तोड़ दिया। सूचना मिलते ही वसीम के परिवार वाले रिश्तेदारों और मोहल्ले वालों के साथ बड़ी संख्या में जिला अस्पताल पहुंच गए और जेल प्रशासन पर हत्या का आरोप लगाने लगे। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला अस्पताल में बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स पहुंच गई।
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जेल प्रशासन पिटाई का आरोप लगाया जाम
वसीम के परिवार वालों ने रिश्तेदारों और मोहल्ले वालों के साथ मिलकर जिला अस्पताल सामने गेट पर जाम लगा दिया। उनका आरोप था कि वसीम की जेल में पिटाई की गई। उसके शरीर पर चोट के निशान मिले हैं। उनकी मांग थी कि जेल प्रशासन के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया जाए। करीब आधे घंटे तक जाम लगाए रखा। जमा की वजह से सड़क के दोनों तरफ वाहनों की लंबी-लंबी कतारें लग र्गइं। सीओ सदर अनुराग दर्शन ने किसी तरह से उनको समझा-बुझाकर जाम खुलवाया। उनकी तहरीर पर मुकदमा लिखने का आश्वासन दिया। मृतक के पिता ने जेल प्रशासन के खिलाफ तहरीर दे दी है।
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मंगलवार को मां ने की थी मिलाई
मृतक के पिता जलील खां ने बताया कि उनकी पत्नी सायराबानो और वसीम के ममेरे भाई हसनैन ने मंगलवार को वसीम से जेल में मुलाकात की थी। उन्होंने बताया कि वह उस समय ठीक था। उसने किसी तरह की परेशानी होने का कोई जिक्र नहीं किया था। वसीम ने अपनी मां से कहा था कि उसकी जल्दी से जमानत कराओ। मां ने जल्द जमानत कराने का आश्वासन दिया था।
वसीम हत्या के मामले में जा चुका है जेल
कस्बा कांट के मोहल्ला पूर्वी पट्टी में रहने वाले प्रमोद की 2013 में शराब में जहर देकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में मृतक की पत्नी सोमवती और वसीम को षडयंत्र कर हत्या करने का आरोप लगा था। इसमें वसीम ने चार महीने की जेल में काटे थे। बताते है कि सोमवती के साथ ही वसीम कच्ची का कारोबार करने लगा। इससे वसीम के परिवार वाले चिड़ते थे। 27 सिंतबर को पुलिस ने छापामारी में वसीम के साथ सोमवती को पकड़ा था, लेकिन पुलिस ने उसे छोड़ दिया था और वसीम का चालान कर दिया था।
28 सितंबर की शाम को वसीम को जेल में दाखिल किया गया था। उसकी जेल में आने के बाद ही तबीयत खराब हो गई थी। शराब नहीं मिलने की वजह से उसका शरीर कांप रहा था। उसकी हालत देखकर उसे जेल अस्पताल में भर्ती कर लिया गया। दूसरे दिन भी वह अस्पताल में भर्ती रहा। शराब नहीं मिलने की वजह से वह बार-बार चीख रहा था। बुधवार की सुबह जेल खुलने पर उसकी हालत खराब हो गई। जेल के डॉक्टरों ने उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया, जहां उसकी मौत हो गई। पिटाई आरोप बेबुनियाद है। आखिर एक दिन पहले आने वाले बंदी की पिटाई क्यों की जाएगी।
- बृजेंद्र सिंह यादव, जेल अधीक्षक
बंदी वसीम की जेल में तबीयत खराब होने पर उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। मामले में मजिस्ट्रेटी जांच की जाएगी।
- राजेश कुमार, एसपी सिटी
जेल कस्टडी में बंदी की मौत होने के मामले की न्यायिक जांच कराए जाने का प्रावधान है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर जिला जज किसी न्यायिक अधिकारी से इस प्रकरण की जांच कराने को अधिकृत हैं।
- नरेंद्र सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट