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एनआरआई हत्याकांड-बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने गवाह से किए सवाल-जवाब
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शाहजहांपुर। बंडा क्षेत्र के गांव बसंतापुर स्थित फार्म हाउस पर एक सितंबर 2016 को एनआरआई सुखजीत सिंह की हत्या के मामले में बृहस्पतिवार को जिरह हुई। छह फरवरी को मृतक के बेटे की गवाही हुई थी। उसके बयानों पर बृहस्पतिवार को बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने कई सवाल किए, जिसका उसने जवाब दिया। साक्ष्य के लिए कोर्ट ने एक मार्च को तारीख निश्चित की है। इस मामले में मृतक की मां वंश कौर और नौकर रामदास व ड्राइवर इकरार, क्लीनर राजन उर्फ प्रमोद गुप्ता की गवाही भी हो चुकी है।
पंचम अपर सत्र न्यायाधीश नरेंद्र कुमार पांडेय की कोर्ट में बृहस्पतिवार को सुबह 10:30 से जिरह शुरू हुई। मृतक सुखजीत सिंह के बेटे 12 वर्षीय अर्जुन को भी कोर्ट में बुलाया गया था, क्योंकि उसी की गवाही पर जिरह होनी थी। दोपहर दो बजे के बाद तक चली जिरह में हत्या आरोपी बलबिंदर सिंह उर्फ मिठ्ठू व बंश कौर के बचाव पक्ष के अधिवक्ता के सवालों का अर्जुन ने बारीकी से जवाब दिया। इस दौरान सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस बल तैनात रहा। बता दें कि छह फरवरी को कोर्ट में दी गई गवाही में 12 वर्षीय अर्जुन ने बताया था कि एक सितंबर 2016 को घटना की रात वह सो गया था। खट-खट की आवाज पर आंख खुली तो देखा कि मेरी मां रमनदीप कौर पिता सुखजीत सिंह का मुंह दबाए हुए हैं, मिठ्ठू ने उसके पिता के सिर पर भारी चीज से दो-चार वार किए। बाद में उसकी मां व मिठ्ठू ने चाकू से उसके पिता की हत्या कर दी। बता दें कि बंडा क्षेत्र के गांव बसंतापुर में एनआरआई सुखजीत सिंह की हत्या उसकी पत्नी रमनदीप कौर ने अपने प्रेमी पंजाब के थाना कपूरथला के गांव जैनपुर निवासी मिठ्ठू के साथ मिलकर एक सितंबर 2016 की रात गला रेतकर कर दी थी। सुनवाई के बाद कोर्ट ने साक्ष्य के लिए एक मार्च की तारीख निश्चित की है।
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पंचम अपर सत्र न्यायाधीश नरेंद्र कुमार पांडेय की कोर्ट में बृहस्पतिवार को सुबह 10:30 से जिरह शुरू हुई। मृतक सुखजीत सिंह के बेटे 12 वर्षीय अर्जुन को भी कोर्ट में बुलाया गया था, क्योंकि उसी की गवाही पर जिरह होनी थी। दोपहर दो बजे के बाद तक चली जिरह में हत्या आरोपी बलबिंदर सिंह उर्फ मिठ्ठू व बंश कौर के बचाव पक्ष के अधिवक्ता के सवालों का अर्जुन ने बारीकी से जवाब दिया। इस दौरान सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस बल तैनात रहा। बता दें कि छह फरवरी को कोर्ट में दी गई गवाही में 12 वर्षीय अर्जुन ने बताया था कि एक सितंबर 2016 को घटना की रात वह सो गया था। खट-खट की आवाज पर आंख खुली तो देखा कि मेरी मां रमनदीप कौर पिता सुखजीत सिंह का मुंह दबाए हुए हैं, मिठ्ठू ने उसके पिता के सिर पर भारी चीज से दो-चार वार किए। बाद में उसकी मां व मिठ्ठू ने चाकू से उसके पिता की हत्या कर दी। बता दें कि बंडा क्षेत्र के गांव बसंतापुर में एनआरआई सुखजीत सिंह की हत्या उसकी पत्नी रमनदीप कौर ने अपने प्रेमी पंजाब के थाना कपूरथला के गांव जैनपुर निवासी मिठ्ठू के साथ मिलकर एक सितंबर 2016 की रात गला रेतकर कर दी थी। सुनवाई के बाद कोर्ट ने साक्ष्य के लिए एक मार्च की तारीख निश्चित की है।
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